Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 650 अंक और निफ्टी 25,682 पर हुआ बंद

16 फरवरी 2026 को सेंसेक्स 650 अंक बढ़ा और निफ्टी 25,682 पर बंद हुआ। वित्तीय शेयरों में तेजी ने बाजार को मजबूती दी, जबकि आईटी सेक्टर कमजोर रहा।

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 650 अंक उछला और निफ्टी 25,682 पर बंद हुआ। वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, वहीं आईटी सेक्टर में कमजोरी के बावजूद बाजार ने सकारात्मक रुख दिखाया।

Stock Market Closing Bell: सोमवार, 16 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने निचले स्तर पर खरीदारी से राहत की सांस ली। शुरुआती कारोबार में बाजार सीमित दायरे में डोलते रहे, लेकिन दूसरे हाफ में निवेशकों ने कमजोर स्तर पर शेयर खरीदना शुरू किया। इससे बीएसई सेंसेक्स 650.39 अंक या 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,277.15 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 ने 211.65 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,682 पर कारोबार समाप्त किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि हैवीवेट शेयरों में तेजी ने बाजार को मजबूती दी। खासकर एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी ने इंडेक्स को सपोर्ट किया।

शुरुआती कारोबार में स्थिरता

सुबह सेंसेक्स 82,480 अंक पर खुला। शुरुआत में इंडेक्स लाल और हरे निशान के बीच सीमित दायरे में रहा। कारोबार के दूसरे हिस्से में निवेशकों का रुख बदलता दिखा और बाजार ने धीरे-धीरे मजबूती हासिल की। निफ्टी भी शुरुआती गिरावट के बाद अंत में 25,682 पर बंद हुआ।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि निवेशकों का भरोसा दिन के दूसरे हिस्से में बढ़ा। जोखिम लेने की क्षमता में सुधार हुआ और उनका ध्यान अब कंपनियों की कमाई और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती पर गया।

मजबूत सेक्टर और कंपनियां

इस दिन सेंसेक्स में पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईटीसी और एशियन पेंट्स के शेयर करीब 4.5 प्रतिशत तक बढ़े। वहीं, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम और ट्रेंट इंडिया के शेयर 1.3 प्रतिशत तक गिरावट में रहे।

रियल्टी, सरकारी बैंक, निजी बैंक और फार्मा सेक्टर में निवेशकों ने खरीदारी दिखाई। ऑटो और मेटल सेक्टर में दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.48 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूती

पोनमुडी आर के अनुसार वित्तीय शेयरों में लगातार खरीदारी देखी गई। सरकारी और निजी दोनों बैंकों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और बाजार में नकदी की स्थिति ठीक होने से निवेशकों का रुख सकारात्मक रहा।

कैपिटल गुड्स, रियल्टी, कंज्यूमर और मेटल शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली। घरेलू मांग मजबूत रहने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रहने की उम्मीद इस तेजी का कारण बनी।

आईटी सेक्टर में कमजोरी

आईटी सेक्टर के शेयर कमजोर रहे। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक मांग को लेकर सतर्कता और बड़े निवेशकों का चुनिंदा शेयरों में रुचि दिखाना इसके पीछे प्रमुख कारण है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अभी आईटी सेक्टर में जोखिम कम लेना चाह रहे हैं।

बीएसई, एंजेल वन और एमसीएक्स के शेयरों में 10 प्रतिशत तक की गिरावट आई। यह बदलाव भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य नियामक संस्थाओं द्वारा निवेश और फंडिंग से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद आया। जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, नए नियम बैंकों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन ब्रोकरेज कंपनियों के फंडिंग मामलों में सख्ती बढ़ सकती है।

वैश्विक बाजार का प्रभाव

एशियाई बाजार सोमवार को मिश्रित रुख के साथ खुले। जापान का निक्केई 225 0.1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था क्योंकि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जापान की जीडीपी उम्मीद से कम बढ़ी। हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 0.67 प्रतिशत नीचे था जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P 200 0.27 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा था।

अमेरिका में शुक्रवार को एस एंड पी 500 और डाउ जोन्स क्रमशः 0.05 प्रतिशत और 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक 0.22 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। अमेरिकी महंगाई का डेटा उम्मीद के मुताबिक था, लेकिन इससे बाजार में कोई बड़ी तेजी नहीं आई।

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