CM रेखा गुप्ता की अधिकारियों को चेतावनी, कोर्ट मामलों में समय पर फाइल भेजने के सख्त निर्देश

सीएम रेखा गुप्ता ने अदालती मामलों और सतर्कता जांच में देरी पर नाराजगी जताई। कहा, अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी, जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अदालती और सतर्कता जांच मामलों में देरी पर सख्ती दिखाई है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि रिपोर्ट तय समयसीमा में जमा करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अदालती मामलों और सतर्कता जांच से जुड़ी रिपोर्टों में हो रही अनुचित देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने स्पष्ट कहा कि अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।

बैठक में यह बात सामने आई कि कई विभाग अदालतों में दायर मामलों में समय पर रिपोर्ट नहीं भेज पा रहे हैं, जिससे सरकार को जवाब देने में कठिनाई हो रही है। सीएम ने कहा कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता तभी संभव है जब जवाबदेही तय हो और हर विभाग अपने कार्यों की समयसीमा का पालन करे।

अधूरी जांच रिपोर्टों पर सीएम ने जताई नाराजगी

बैठक में कई ऐसे मामले सामने आए जिनकी जांच रिपोर्ट अब तक अधर में लटकी हुई है। इनमें सबसे प्रमुख है रोहिणी न्यायिक अधिकारियों के आवासीय परिसर को तोड़े जाने का मामला, जिसकी सतर्कता जांच एक साल से लंबित है। अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि तोड़फोड़ के लिए कौन अधिकारी या एजेंसी जिम्मेदार थी।

इसी तरह, बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना में एक निजी कंपनी को किए गए भुगतान की जांच रिपोर्ट भी अब तक पूरी नहीं हुई है। सीएम ने अधिकारियों से पूछा कि जब आदेश स्पष्ट हैं, तो रिपोर्ट समय पर क्यों नहीं आई? उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही सीधे जवाबदेही की श्रेणी में आएगी।

कोर्ट मामलों में समय पर फाइल भेजने के सख्त निर्देश

सरकार ने अदालती मामलों में फाइलों की देरी पर भी चिंता जताई। नए दिशा-निर्देशों के तहत सभी विभागों को कोर्ट से जुड़े दस्तावेज़ और फाइलें कम से कम एक सप्ताह पहले विधि विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कानूनी राय समय पर दी जा सके।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि “अंतिम समय पर फाइल भेजने की पुरानी आदत अब नहीं चलेगी।” उन्होंने बताया कि कई बार विभागों की लापरवाही के कारण अदालत में सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने में देरी होती है, जिससे सरकार की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है।

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में किसी अधिकारी ने सतर्कता जांच या कोर्ट केस रिपोर्ट समय पर जमा नहीं की, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता और पारदर्शिता में सुधार होगा।

साथ ही, सीएम ने यह भी कहा कि जवाबदेही तय करना सुशासन का सबसे बड़ा आधार है। जो अधिकारी या विभाग फाइलों में देरी करेंगे, उनके खिलाफ न केवल चेतावनी बल्कि पदस्थापन में भी बदलाव किया जा सकता है।

पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली सरकार का यह फैसला शासन में समयबद्धता और जिम्मेदारी की संस्कृति को मजबूत करेगा। अदालत और जांच से जुड़े मामलों में देरी से बचने के लिए अब हर विभाग को समयसीमा आधारित रिपोर्टिंग अपनानी होगी।

यह निर्देश न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सीएम रेखा गुप्ता सरकार अब जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं करेगी।

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