विभाजन विभीषिका दिवस पर बोले सीएम योगी, सत्ता के लिए कांग्रेस ने 1947 में कराया देश का बंटवारा

सीएम योगी ने विभाजन विभीषिका दिवस पर 1947 के बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सत्ता की राजनीति को विभाजन का कारण बताया।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सत्ता की राजनीति को विभाजन का कारण बताते हुए देश की एकता और इतिहास से सीख लेने की अपील की।

लखनऊ: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के देश विभाजन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करने की जल्दबाजी में देश का बंटवारा किया गया। योगी ने भारत की गुलामी के पीछे आपसी मतभेदों और षड्यंत्रों को प्रमुख कारण बताते हुए समाज से अतीत की गलतियों से सीख लेने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की अपील की।

1947 के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर निशाना

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के देश विभाजन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभाजन को मानव इतिहास के सबसे दुखद अध्यायों में शामिल बताते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा के कारण देश का बंटवारा हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर और जन्मभूमि छोड़नी पड़ी। हिंसा और विस्थापन की उस त्रासदी ने समाज और परिवारों पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा कि विभाजन की घटनाओं को केवल स्मरण करने के बजाय उसके कारणों को समझना और उनसे सीख लेना जरूरी है।

आंतरिक मतभेदों को बताया गुलामी की बड़ी वजह

योगी आदित्यनाथ ने भारत की गुलामी के कारणों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश में शक्ति, बुद्धि और वैभव की कमी नहीं थी, इसके बावजूद भारत को लंबे समय तक विदेशी शासन का सामना करना पड़ा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इसके पीछे मुख्य रूप से दो कारण रहे। पहला समाज के भीतर मौजूद आपसी मतभेद और दूसरा आंतरिक तथा बाहरी षड्यंत्र। उन्होंने कहा कि जब समाज जाति, क्षेत्र और भाषा जैसे आधारों पर बंटता है तो बाहरी शक्तियों और षड्यंत्रकारियों को अपने उद्देश्य पूरे करने का अवसर मिल जाता है।

उन्होंने कहा कि इतिहास में ऐसी परिस्थितियों का परिणाम देश की कमजोरी और अंततः गुलामी के रूप में सामने आया। इसलिए समाज को पुराने मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इतिहास से सीख लेने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास केवल परीक्षा में पढ़ने वाला विषय नहीं है। इतिहास समाज को अपने अतीत को समझने, गलतियों की पहचान करने और भविष्य के लिए बेहतर रास्ता तय करने का अवसर देता है।

उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, इस दिन का महत्व उन लोगों की पीड़ा को याद करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को विभाजन के कारणों और उसके परिणामों से परिचित कराने में है।

योगी ने समाज से आपसी मतभेद समाप्त करने और देश की एकता व अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का सामाजिक विभाजन देश की मजबूती को प्रभावित कर सकता है।

एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की एकता केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर होने वाले मतभेदों से बचने तथा राष्ट्रहित में एकजुट रहने का आह्वान किया।

विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत की घटनाओं को समझना इसलिए जरूरी है, ताकि समाज उन्हीं परिस्थितियों को दोबारा पैदा न होने दे। कार्यक्रम के दौरान विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को भी याद किया गया।

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