X ने भारत में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अकाउंट लीगल डिमांड के बाद बंद कर दिया है। चीफ जस्टिस के बयान के विरोध में शुरू हुए इस ऑनलाइन कैंपेन को सोशल मीडिया पर तेजी से समर्थन मिला था।
Tech: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से शुरू हुआ ऑनलाइन कैंपेन अब नए विवाद में आ गया है। X पर पार्टी का अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है, जबकि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोवर्स तेजी से बढ़ रहे हैं। इस कैंपेन की शुरुआत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के एक बयान के विरोध में हुई थी और कुछ ही दिनों में यह सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
X अकाउंट बंद होने के बाद बढ़ी चर्चा
अकाउंट विदहेल्ड किया गया” का संदेश दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस ऑनलाइन कैंपेन के बंद होने के बाद नई बहस शुरू हो गई है।

पार्टी के फाउंडर Abhijeet Deepke का दावा है कि अकाउंट को पहले हैक करने की कोशिश हुई थी। जब ऐसा नहीं हो पाया तो बाद में उसे बंद कर दिया गया। उनके अनुसार, X पर पार्टी के 1.6 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स थे, जबकि इंस्टाग्राम पर यह संख्या करोड़ों तक पहुंच चुकी है।
चीफ जस्टिस के बयान के बाद शुरू हुआ कैंपेन
CJP नाम से इस डिजिटल अभियान की शुरुआत 16 मई को हुई थी। बताया जा रहा है कि यह कैंपेन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के एक बयान के विरोध में शुरू किया गया, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ शब्द इस्तेमाल किए जाने पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देखने को मिली।
इसके बाद Abhijeet Deepke ने ऑनलाइन पोस्ट के जरिए “कॉकरोच जनता पार्टी” का विचार सामने रखा। धीरे-धीरे यह कैंपेन वायरल हो गया और बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर इससे जुड़ने लगे।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ा समर्थन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी से जुड़ने के लिए लाखों लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोवर्स तेजी से बढ़े और यह कई राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया पेजों से आगे निकल गया। सोशल मीडिया पर कई चर्चित हस्तियों और नेताओं के नाम भी फॉलोवर लिस्ट में दिखाई दिए।
मेनिफेस्टो में कई राजनीतिक मांगें शामिल
कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट भी एक्टिव बताई जा रही है। पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में कई राजनीतिक और चुनावी सुधारों की मांग उठाई है। इनमें रिटायरमेंट के बाद चीफ जस्टिस को राज्यसभा न भेजने, महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने और दल बदलने वाले सांसदों-विधायकों पर लंबे समय तक चुनाव लड़ने से रोक लगाने जैसी बातें शामिल हैं।
Abhijeet Deepke महाराष्ट्र के पुणे से हैं और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटजी के क्षेत्र में काम करते हैं। उन्होंने अमेरिका की Boston University से पब्लिक रिलेशंस में पढ़ाई की है।









