करोलिना मुचोवा और जाकुब मेंसिक ने US Open मिक्स्ड डबल्स खिताब जीत लिया। चेक जोड़ी ने फाइनल में बेलिंडा बेंसिच और फ्लावियो कोबोली को 6-3, 1-6, 10-6 से हराया। विजेताओं ने 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि भी जीती।
US Open: चेक गणराज्य की करोलिना मुचोवा और जाकुब मेंसिक ने 2026 US Open के मिक्स्ड डबल्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। आर्थर ऐश स्टेडियम में बुधवार रात खेले गए फाइनल में इस जोड़ी ने स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंसिच और इटली के फ्लावियो कोबोली को 6-3, 1-6, 10-6 से हराया। इस जीत के साथ दोनों खिलाड़ियों ने अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब किसी भी वर्ग में हासिल किया। विजेता जोड़ी को 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिली।
यह मुकाबला नए और छोटे प्रारूप वाले US Open मिक्स्ड डबल्स टूर्नामेंट का फाइनल था, जिसे इस साल सिंगल्स खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने और टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में दर्शकों का उत्साह बढ़ाने के लिए खास अंदाज में आयोजित किया गया। फाइनल और सेमीफाइनल आर्थर ऐश स्टेडियम में रात के सत्र में खेले गए, जिससे इस इवेंट को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा वैश्विक दर्शक मिले।
फाइनल में मुचोवा और मेंसिक की शानदार वापसी
खिताबी मुकाबले की शुरुआत मुचोवा और मेंसिक ने बेहद प्रभावी अंदाज में की। उन्होंने पहला सेट 6-3 से जीतकर मुकाबले में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। चेक जोड़ी ने बेसलाइन से आक्रामक खेल दिखाने के साथ नेट पर भी प्रभावी मूवमेंट किया।
दूसरे सेट में हालांकि बेंसिच और कोबोली ने जबरदस्त वापसी की। उन्होंने मुचोवा और मेंसिक को सिर्फ एक गेम जीतने दिया और सेट 6-1 से अपने नाम कर मुकाबले को निर्णायक मैच टाईब्रेक तक पहुंचा दिया।
तीसरे सेट की जगह खेले गए 10-अंक वाले मैच टाईब्रेक में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। मुचोवा और मेंसिक ने निर्णायक पलों में धैर्य बनाए रखा और 10-6 से मैच अपने नाम कर लिया। निर्णायक अंक में मेंसिक ने 131 मील प्रति घंटे की रफ्तार से जोरदार ऐस लगाया, जिससे उनकी टीम ने खिताब पर मुहर लगा दी।
सेमीफाइनल में बचाए थे दो मैच प्वाइंट
फाइनल तक पहुंचने का सफर भी मुचोवा और मेंसिक के लिए आसान नहीं था। सेमीफाइनल में उन्हें रूस की मिर्रा आंद्रेवा और आंद्रे रुबलेव की जोड़ी के खिलाफ दो मैच प्वाइंट बचाने पड़े थे।
सेमीफाइनल के निर्णायक मैच टाईब्रेक में रूसी जोड़ी 9-7 से आगे थी और जीत से सिर्फ एक अंक दूर थी। लेकिन चेक जोड़ी ने लगातार चार अंक जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। उन्होंने 5-4 (8-6), 3-5, 11-9 के स्कोर से जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश किया।
इस वापसी ने खिताबी मुकाबले से पहले मुचोवा और मेंसिक के आत्मविश्वास को और मजबूत किया। दबाव में बेहतर फैसले लेना और महत्वपूर्ण अंकों पर आक्रामक रहना उनकी सफलता की बड़ी वजह रही।
मेंसिक के लिए मिक्स्ड डबल्स का पहला अनुभव
जाकुब मेंसिक के लिए यह टूर्नामेंट खास इसलिए भी रहा क्योंकि उन्होंने इससे पहले कभी मिक्स्ड डबल्स नहीं खेला था। 20 वर्षीय मेंसिक पहले ही 2026 में फ्रेंच ओपन के सिंगल्स सेमीफाइनल तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके थे।
मिक्स्ड डबल्स में अनुभव की कमी के बावजूद उनकी सर्विस सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई। फाइनल के निर्णायक क्षणों में उनकी तेज सर्विस और नेट के पास आक्रामक खेल ने चेक जोड़ी को बढ़त दिलाई। मेंसिक ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि वह केवल सिंगल्स में ही नहीं, बल्कि अलग प्रारूप में भी उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर सकते हैं।
मुचोवा के लिए विंबलडन की हार के बाद शानदार वापसी
करोलिना मुचोवा के लिए यह खिताब भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है। सिर्फ कुछ सप्ताह पहले वह विंबलडन महिला सिंगल्स फाइनल में अपनी हमवतन लिंडा नोस्कोवा से हार गई थीं। उसके बाद उन्हें एक छोटी सर्जरी करानी पड़ी और वह कुछ समय तक प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूर रहीं।
US Open मिक्स्ड डबल्स में वापसी करते हुए उन्होंने सीधे खिताब जीत लिया। यह उनके लिए उस कठिन दौर के बाद शानदार वापसी मानी जा रही है। इससे न्यूयॉर्क में सिंगल्स प्रतियोगिता से पहले उनके आत्मविश्वास को भी बड़ा बढ़ावा मिला है।
मुचोवा ने ट्रॉफी समारोह में अपनी टीम की मैचिंग पोशाक को भी मजाकिया अंदाज में जीत से जोड़ते हुए कहा कि शायद उसी ने अंतर पैदा किया। दोनों खिलाड़ी हल्के गुलाबी रंग की शर्ट और मैरून बॉटम्स में कोर्ट पर उतरे थे।
मैचिंग आउटफिट भी बना चर्चा का विषय
मुचोवा और मेंसिक ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक जैसे रंग के कपड़े पहने। उनके आउटफिट में गुलाबी और मैरून रंग का संयोजन था, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा।
मुचोवा ने ट्रॉफी जीतने के बाद मजाक में कहा कि शायद मैचिंग ड्रेस ने उनकी जीत में मदद की। मेंसिक ने भी इस रंग संयोजन को लेकर सकारात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। दोनों की जोड़ी का यह अंदाज US Open की फैन वीक गतिविधियों में भी चर्चा का हिस्सा बन गया।
बेंसिच और कोबोली ने भी मजबूत प्रदर्शन किया
फाइनल में हारने वाली बेलिंडा बेंसिच और फ्लावियो कोबोली की जोड़ी ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार टेनिस खेला। सेमीफाइनल में उन्होंने एलिना स्वितोलिना और गेल मोनफिल्स की जोड़ी को 10-5 से हराया था।
स्वितोलिना और मोनफिल्स की जोड़ी की कहानी भी इस टूर्नामेंट में खास रही। दोनों पति-पत्नी हैं और इस जीत के साथ वे 1939 के बाद ग्रैंड स्लैम मिक्स्ड डबल्स खिताब जीतने वाली पहली विवाहित जोड़ी बनने की दिशा में बढ़ रहे थे। हालांकि, सेमीफाइनल में हार के साथ उनका यह मौका खत्म हो गया। मोनफिल्स ने यह भी बताया है कि वह सीजन के अंत में संन्यास लेने वाले हैं।
नया मिक्स्ड डबल्स प्रारूप क्यों चर्चा में है?
US Open ने मिक्स्ड डबल्स को 2025 से एक नए प्रारूप के साथ प्रमुखता देना शुरू किया। 2026 में 16 टीमों की मुख्य प्रतियोगिता के साथ आठ टीमों वाली क्वालिफाइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें दो टीमों को मुख्य ड्रॉ में जगह मिली।
क्वालिफाइंग से सेमीफाइनल तक मैच छोटे सेटों के प्रारूप में खेले गए, जबकि फाइनल में नियमित छह गेम वाले सेट रखे गए। तीसरे सेट की जगह 10-अंक का मैच टाईब्रेक इस्तेमाल किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य मुकाबलों को कम समय में पूरा करना और शीर्ष सिंगल्स खिलाड़ियों के लिए मिक्स्ड डबल्स में भाग लेना आसान बनाना था।
$1 मिलियन की पुरस्कार राशि ने बढ़ाई दिलचस्पी
इस साल US Open मिक्स्ड डबल्स के विजेता को 10 लाख डॉलर मिले, जबकि उपविजेता टीम को 5 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि दी गई। यह राशि इस प्रतियोगिता की नई व्यावसायिक और दर्शक-केंद्रित रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बड़ी पुरस्कार राशि और आर्थर ऐश स्टेडियम में प्रमुख मुकाबलों के आयोजन ने दुनिया के शीर्ष सिंगल्स खिलाड़ियों को भी इस इवेंट में आकर्षित किया। नोवाक जोकोविच, आर्यना सबालेंका, कार्लोस अल्काराज और सेरेना विलियम्स जैसे बड़े नाम भी इस साल मिक्स्ड डबल्स प्रतियोगिता का हिस्सा बने।

हालांकि सभी स्टार जोड़ियां अंतिम दौर तक नहीं पहुंच सकीं। सेरेना विलियम्स और कार्लोस अल्काराज की चर्चित जोड़ी क्वार्टरफाइनल में बेंसिच और कोबोली से हार गई, जबकि शीर्ष वरीय जोड़ी सबालेंका और जोकोविच भी शुरुआती दौर में बाहर हो गई थी।
क्या नया प्रारूप सफल रहा?
US Open के नए मिक्स्ड डबल्स प्रारूप ने एक बात स्पष्ट कर दी है कि यह प्रतियोगिता अब सिर्फ ग्राउंड पास वाले दर्शकों तक सीमित इवेंट नहीं रही। सेमीफाइनल और फाइनल को आर्थर ऐश में रात के सत्र में कराने से टेलीविजन और स्टेडियम दोनों में दर्शकों की रुचि बढ़ी।
नए प्रारूप ने सिंगल्स सितारों को टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में बड़े कोर्ट पर खेलने का अवसर दिया। साथ ही, 10 लाख डॉलर की इनामी राशि ने इवेंट को खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए अधिक आकर्षक बनाया है।
हालांकि, विशेषज्ञों और पारंपरिक डबल्स खिलाड़ियों के बीच इस मॉडल को लेकर बहस भी जारी है। छोटा टूर्नामेंट होने के कारण विशेषज्ञ डबल्स खिलाड़ियों के लिए स्थान सीमित हो जाते हैं, जबकि सिंगल्स सितारों को अधिक प्रमुखता मिलती है। इस साल पहली बार क्वालिफाइंग जोड़ना इसी आलोचना के बीच अवसर बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
US Open के सिंगल्स मुख्य ड्रॉ से पहले चैंपियन बने
मुचोवा और मेंसिक ने यह खिताब US Open के सिंगल्स मुख्य ड्रॉ की शुरुआत से कुछ दिन पहले जीता है। 2026 US Open का पुरुष और महिला सिंगल्स मुख्य ड्रॉ 30 अगस्त से शुरू होना है। ऐसे में दोनों चैंपियन अब अपने-अपने सिंगल्स अभियान पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
मुचोवा के लिए यह खिताब सिंगल्स में वापसी से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है, जबकि मेंसिक के लिए यह उनके शानदार 2026 सीजन की एक और उपलब्धि है।
दो दिनों में पूरा हुआ रोमांचक टूर्नामेंट
यह मिक्स्ड डबल्स प्रतियोगिता पुराने ढांचे की तुलना में बेहद संक्षिप्त रही। क्वालिफाइंग 24 अगस्त को हुआ, पहले दौर और क्वार्टरफाइनल 25 अगस्त को खेले गए, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल 26 अगस्त की रात में आयोजित हुए।
कम समय में कई बड़े नामों की मौजूदगी और लगातार निर्णायक मैच टाईब्रेक ने इसे दर्शकों के लिए तेज और रोमांचक प्रतियोगिता बना दिया। मुचोवा और मेंसिक ने इस प्रारूप की मांग के अनुरूप दबाव में बेहतर प्रदर्शन करके खिताब हासिल किया।
चेक टेनिस के लिए बड़ी उपलब्धि
मुचोवा और मेंसिक की जीत चेक टेनिस के लिए भी एक यादगार उपलब्धि है। दोनों ने पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता में साथ खेलते हुए खिताब जीता और वह भी उस समय जब टूर्नामेंट में दुनिया के कई बड़े सिंगल्स सितारे मौजूद थे।
फाइनल में 131 मील प्रति घंटे का निर्णायक ऐस, सेमीफाइनल में दो मैच प्वाइंट बचाना और दूसरे सेट में वापसी के बाद मैच टाईब्रेक जीतना इस जोड़ी के पूरे अभियान की कहानी बताता है।
US Open मिक्स्ड डबल्स का यह संस्करण भले ही सिर्फ दो दिनों में पूरा हुआ, लेकिन मुचोवा और मेंसिक ने इसे अपने करियर की सबसे खास शुरुआतों में बदल दिया। अब दोनों की नजर सिंगल्स प्रतियोगिता पर होगी, जहां वे इस जीत से मिली लय और आत्मविश्वास को आगे ले जाने की कोशिश करेंगे।









