भारत में पिछले पांच साल में Cyber Fraud से 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। इसे रोकने के लिए DoT ने AI आधारित अभियान चलाकर करोड़ों फर्जी मोबाइल नंबर, WhatsApp अकाउंट और संदिग्ध हैंडसेट ब्लॉक किए हैं।
Tech: भारत में बढ़ते Cyber Fraud मामलों को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले पांच साल में ऑनलाइन धोखाधड़ी से देश को 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। AI तकनीक की मदद से सरकार ने करोड़ों संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद किए हैं और लाखों फ्रॉड अकाउंट्स व डिवाइसेस पर कार्रवाई की है।
AI की मदद से चला बड़ा साइबर सुरक्षा अभियान
दूरसंचार विभाग (DoT) ने ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए अब तक का बड़ा अभियान चलाया है। मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई LSA के उप महानिदेशक अजय कमल ने बताया कि दूरसंचार अधिनियम 2023 और टेलीकॉम साइबर सुरक्षा नियम 2024 के लागू होने के बाद डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार अब फ्रॉड डिटेक्शन, नेटवर्क सिक्योरिटी और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम का तेजी से इस्तेमाल कर रही है।
करोड़ों मोबाइल नंबर और WhatsApp अकाउंट पर कार्रवाई
विभाग के मुताबिक, अभियान के तहत अब तक 3.4 करोड़ संदिग्ध फर्जी मोबाइल नंबर बंद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 2.27 लाख फ्रॉड IMEI नंबर से जुड़े मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं।
सरकार ने साइबर फ्रॉड से जुड़े 16.97 लाख से ज्यादा WhatsApp अकाउंट भी डीएक्टिवेट किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों से ऑनलाइन स्कैम और फर्जी कॉल नेटवर्क पर काफी असर पड़ा है।
लाखों हैंडसेट ट्रैक और बरामद
अधिकारियों ने बताया कि करीब 10 लाख मोबाइल हैंडसेट या तो ब्लॉक किए गए हैं या ट्रैक किए गए हैं। इन डिवाइसेस की कुल कीमत 1,250 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। बड़ी संख्या में चोरी या फ्रॉड से जुड़े मोबाइल फोन बरामद भी किए गए हैं।
इसके साथ ही देशभर में नए टेलीकॉम टावरों पर ज्यादा सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं और इंजीनियरिंग कॉलेजों में 100 से अधिक 5G लैब्स शुरू की गई हैं।
लोगों से तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर दें। अधिकारियों ने कहा कि अगर शिकायत 24 घंटे के भीतर दर्ज की जाए तो पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
DoT की ‘संचार साथी’ ऐप और पोर्टल को भी तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म को अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं, जबकि पोर्टल पर 23 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज की गई हैं। यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को चोरी या खोए मोबाइल ब्लॉक करने और टेलीकॉम फ्रॉड रिपोर्ट करने की सुविधा देता है।









