डीग में देर रात पुलिस ने 7 गायों से भरी पिकअप का पीछा किया। तस्करों ने पुलिस को देखते ही भागना शुरू कर दिया। करीब 10 किलोमीटर पीछा करने के दौरान पुलिस ने पिकअप को टक्कर मारी, जिससे उसका एक टायर फट गया, लेकिन तस्कर चिंगारियां निकलती गाड़ी को दौड़ाते रहे। आखिरकार थून गांव के पास पिकअप पलट गई और पुलिस ने सातों तस्करों को पकड़ लिया।
Bharatpur: डीग जिले के नगर क्षेत्र में यह पूरा मामला मंगलवार रात करीब 3 बजे शुरू हुआ। नगर थाना अधिकारी धारा सिंह को गौ रक्षा दलों से सूचना मिली कि कुछ तस्कर नदबई से नगर के रास्ते हरियाणा की ओर जा रहे हैं। बताया गया कि एक पिकअप में कई गायें भरी हुई हैं और तस्कर रात के अंधेरे में सीमा पार करने की कोशिश करेंगे।
सूचना मिलते ही DST टीम को अलर्ट किया गया। टीम ने सुंदरावली से दुदावल रोड की तरफ नाकाबंदी कर दी। पुलिस को उम्मीद थी कि तस्कर इसी रास्ते से निकलेंगे, इसलिए पूरी तैयारी के साथ जवानों को तैनात किया गया।
रोकने पर पुलिस वाहन को मारी टक्कर
करीब कुछ देर इंतजार के बाद एक पिकअप आती दिखाई दी। जैसे ही DST टीम ने हाथ देकर पिकअप को रोकने का संकेत दिया, चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय सीधे पुलिस की जीप में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पुलिस जीप का बंपर और बोनट क्षतिग्रस्त हो गया।
टक्कर मारते ही तस्कर पिकअप को हाई स्पीड में भगाते हुए आगे निकल गए। यह देखकर DST टीम ने तुरंत वायरलेस पर नगर पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस को पता था कि वाहन तेज गति में है, इसलिए तुरंत आगे की सभी चेकपोस्टों पर अलर्ट जारी कर दिया गया।
बैरिकेड तोड़कर भागे तस्कर
नगर पुलिस ने डीग चुंगी के पास नाकाबंदी कर तस्करों को रोकने की कोशिश की। लेकिन तस्कर किसी भी कीमत पर भागना चाहते थे। उन्होंने यहाँ भी बैरिकेड्स को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें तोड़ते हुए आगे निकल गए। बैरिकेड्स टूटने से वहां मौजूद पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे।
इस घटना के बाद पुलिस को साफ समझ आ गया कि तस्कर किसी भी हद तक जाकर भागने की कोशिश करेंगे। इसके बाद तीन पुलिस टीमें पिकअप के पीछे लग गईं। सड़क पर लगातार वॉयरलेस संदेशों से वाहन की लोकेशन अपडेट की जा रही थी।
पुलिस ने पीछे से टक्कर मारी
लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने पिकअप को कई बार साइड से रोकने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी की स्पीड बहुत ज्यादा थी। आखिरकार पुलिस जीप ने पिकअप को पीछे से हल्का सा धक्का मारा, ताकि उसे बैलेंस खोकर रोका जा सके।
इस टक्कर के बाद पिकअप का एक टायर फट गया। लेकिन इसके बावजूद तस्करों ने गाड़ी नहीं रोकी। फटे टायर की वजह से रिम सड़क पर घिसने लगा, जिससे चिंगारियां निकलने लगीं। अंधेरी सड़क पर चिंगारियां साफ दिखाई दे रही थीं, और पिकअप काफी अस्थिर हो चुकी थी। फिर भी तस्कर लगभग 10 किलोमीटर तक गाड़ी भगाते रहे। पुलिस लगातार पीछे थी और उन्हें घेरने की कोशिश कर रही थी।
थून गांव के पास पिकअप पलट गई
लगातार तेज गति और फटे टायर की वजह से पिकअप का संतुलन बिगड़ता गया। थून गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले तेज रफ्तार में गाड़ी सड़क किनारे खेत में पलट गई। पलटने की आवाज और धूल के गुबार के बाद पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं।
पिकअप पलटते ही उसमें बैठे सातों तस्कर बाहर निकलकर भागने लगे। लेकिन पुलिस पहले से तैयार थी। DST और नगर पुलिस की टीमों ने खेतों में घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।
घायल तस्कर अस्पताल में भर्ती
पिकअप पलटने के दौरान तस्करों को चोटें आईं। पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उन्हें तुरंत नगर कस्बे के अस्पताल में भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
गिरफ्तार सात तस्करों में छह हरियाणा निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि एक आरोपी नगर क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है कि यह किस गिरोह से जुड़े हैं और पहले कितनी बार तस्करी कर चुके हैं।
पिकअप से मिली 7 गायें
पुलिस ने पिकअप की जांच की तो उसमें 7 गायें मिलीं। गायों को जिस तरह ठूंसकर भरा गया था, उससे साफ था कि तस्कर उन्हें क्रूर तरीके से ले जा रहे थे। पुलिस ने तुरंत गोशाला से संपर्क किया और सभी गायों को सुरक्षित भेज दिया गया। वहां उनका मेडिकल चेकअप कराया जाएगा। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये सभी गायें सड़कों पर घूम रही थीं, जिन्हें तस्करों ने उठाकर पिकअप में ठूंस दिया था।
हरियाणा में कट्टीघर में बेचने की योजना
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि तस्कर इन गायों को हरियाणा के एक कट्टीघर में बेचने की तैयारी कर रहे थे। वहां प्रति गाय मोटी रकम मिलने की संभावना थी। यह तस्कर पहले भी कई बार इस तरह गायों की तस्करी कर चुके हैं।
नगर थाना अधिकारी धारा सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन में पुलिस की दो टीमों के अलावा गौ रक्षा दल भी साथ था। कुल मिलाकर करीब 12 पुलिसकर्मियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया।
पुलिस ने पिकअप जब्त की
गिरफ्तार तस्करों की पिकअप को जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि वाहन किसके नाम पर है, और इससे पहले किन-किन दिनों में इसे तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान करने में जुटी है। संभव है कि इस तस्करी नेटवर्क में और लोग शामिल हों।










