दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली-NCR में कथित फायरिंग और रंगदारी की तैयारी कर रहे Gangland गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो कार बरामद हुई।
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR में संभावित आपराधिक वारदात को अंजाम देने से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए Gangland गैंग के तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिल्ली-NCR में कारोबारियों और वाहनों को निशाना बनाकर फायरिंग करने तथा रंगदारी वसूलने की तैयारी में थे। पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर वारदात को अंजाम देने से पहले ही दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो कार बरामद की गई है।
स्कॉर्पियो से घूमकर तलाश रहे थे संभावित टारगेट
पुलिस के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि Gangland गैंग से जुड़े कुछ सदस्य दिल्ली-NCR में सॉफ्ट टारगेट की तलाश कर रहे हैं। उनका कथित मकसद कार्यालयों या वाहनों पर फायरिंग करके इलाके में डर का माहौल पैदा करना और इसके बाद जल्दी पैसा या रंगदारी वसूलना था।
पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 29 और 30 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात द्वारका इलाके में निगरानी बढ़ाई और ट्रैप लगाया। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो में घूम रहे तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के समय आरोपी संभावित लक्ष्य की तलाश में इलाके में घूम रहे थे।
तीन पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 30 बोर की एक ऑटोमैटिक पिस्टल और दो सिंगल-शॉट पिस्टल बरामद की गई हैं। इसके साथ कुल 11 जिंदा कारतूस भी पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपियों के इस्तेमाल में बताई जा रही स्कॉर्पियो कार को भी जब्त कर लिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियार कहां से हासिल किए गए थे और क्या इनका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में हुआ है। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपी दिल्ली-NCR में किन लोगों या कारोबारियों की रेकी कर चुके थे।
मथुरा से जुड़ा बताया जा रहा Gangland गैंग
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी मथुरा बेस्ड नवगठित Gangland गैंग से जुड़े हैं। इस गैंग का कथित सरगना 26 वर्षीय कन्हा सिंह जडौल उर्फ कन्हा ठाकुर बताया गया है। पुलिस के अनुसार, कन्हा ठाकुर का संबंध गैंगस्टर रोहित गोदारा के नेटवर्क से भी बताया जाता है।
जांच के मुताबिक, कन्हा ने मथुरा के एक साथी भूषण के साथ मिलकर Gangland गैंग बनाया था। गैंग के सदस्य सोशल मीडिया पर अपनी आपराधिक गतिविधियों का प्रदर्शन करते थे। बाद में उन्होंने फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े नेटवर्क को फॉलो करना शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, कन्हा ने वल्लभा चर्या और सूरज को भी अपने गैंग में शामिल किया था। साल 2023 में कन्हा और उसके साथियों पर एक व्यक्ति की हत्या में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप लगा था। पुलिस अब इस मामले और गैंग की अन्य गतिविधियों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
कन्हा ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कन्हा सिंह जडौल उर्फ कन्हा ठाकुर के खिलाफ जयपुर में कई मामले दर्ज हैं। मालपुरा गेट थाने में FIR 36/2025 के तहत आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज बताया गया है। इसके अलावा प्रताप नगर थाने में FIR 927/2025 भी आर्म्स एक्ट से जुड़ी है।
शिवदासपुरा थाने में FIR 601/2023 के तहत हत्या समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक संपर्कों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि, किसी आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होती है।
कॉलेज के दौरान अपराध की राह पर आने का दावा
पुलिस के अनुसार, कन्हा ठाकुर मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है। बाद में उसका परिवार जयपुर शिफ्ट हो गया था। उसने जयपुर के सुबोध कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। पुलिस का दावा है कि कॉलेज के दौरान ही कन्हा आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ने लगा था।
इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर Gangland नाम से गैंग बनाया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गैंग के गठन के बाद किन-किन आपराधिक गतिविधियों में इसके सदस्यों की कथित भूमिका रही और क्या दिल्ली-NCR में हाल की किसी घटना से इसका संबंध है।
जमीन विवाद के बाद सूरज गैंग में शामिल हुआ
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल सूरज की उम्र करीब 24 साल है और वह राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद सूरज अपराध की राह पर आया और बाद में कन्हा ठाकुर के संपर्क में पहुंचा।
सूरज के खिलाफ भरतपुर के नदबई थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अब पुलिस उसके पुराने मामलों और Gangland गैंग से जुड़ने के बाद उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।
जिम ट्रेनर था वल्लभा चर्या
तीसरे आरोपी वल्लभा चर्या की उम्र करीब 30 साल बताई गई है। वह भी भरतपुर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वल्लभा पहले जिम ट्रेनर के तौर पर काम करता था। मार्च 2026 में उसने जयपुर में जिम शुरू किया था, लेकिन कारोबार में नुकसान होने के बाद वह कन्हा ठाकुर के संपर्क में आया।
पुलिस का दावा है कि जल्दी और आसान पैसा कमाने की चाहत में वल्लभा ने Gangland गैंग का हिस्सा बनना स्वीकार किया। जांच एजेंसियां अब उसके आर्थिक लेनदेन, संपर्कों और गैंग से जुड़े लोगों के साथ संबंधों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस कार्रवाई से टली संभावित वारदात
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को संभावित रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं को रोकने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी वारदात से पहले सॉफ्ट टारगेट की तलाश कर रहे थे। अगर उन्हें समय रहते गिरफ्तार नहीं किया जाता तो वे कारोबारियों या वाहनों को निशाना बनाकर फायरिंग कर सकते थे।
स्पेशल सेल अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली-NCR के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में इस कथित नेटवर्क की गतिविधियां कितनी फैली हुई हैं।
गैंग के नेटवर्क की जांच जारी
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस Gangland गैंग के पूरे नेटवर्क पर है। पुलिस हथियारों की सप्लाई, संभावित टारगेट, गैंग के सदस्यों के आपसी संपर्क और पुराने आपराधिक मामलों के बीच संबंधों की जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि गैंग आर्थिक लाभ के लिए फायरिंग और रंगदारी जैसे अपराधों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों को किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से निर्देश या आर्थिक मदद मिल रही थी।
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद हथियारों तथा स्कॉर्पियो को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आरोपी दिल्ली-NCR में किन वारदातों को अंजाम देने की तैयारी में थे और इस कथित गैंग से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।










