ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने लेबर सम्मेलन में व्यापक सुधारों का एजेंडा पेश किया। उन्होंने National Care Service, पेंशन Triple Lock में बदलाव, EU से दीर्घकालिक संबंध, चुनाव सुधार, सामाजिक आवास और सार्वजनिक सेवाओं पर अधिक नियंत्रण की योजनाएं बताईं।
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने लिवरपूल में लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में अपने पहले बड़े भाषण में देश के लिए व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बदलावों का खाका पेश किया। उन्होंने सामाजिक देखभाल, पेंशन, चुनाव प्रणाली, यूरोपीय संघ से संबंध और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की योजनाएं सामने रखीं।
बर्नहैम ने दिया ‘नए सामाजिक समझौते’ का वादा
प्रधानमंत्री बनने के करीब दो महीने बाद एंडी बर्नहैम ने मंगलवार को लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में अपना प्रमुख भाषण दिया। उन्होंने ब्रिटेन के लिए “21वीं सदी के नए सामाजिक समझौते” की दिशा में आगे बढ़ने का वादा किया। बर्नहैम ने कहा कि मौजूदा कठिन दौर से निपटने के लिए छोटे बदलाव पर्याप्त नहीं होंगे। उनके एजेंडे में अधिक सामाजिक आवास, बेहतर शिक्षा, बुजुर्गों के लिए किफायती देखभाल, युवा बेरोजगारी में कमी और सड़कों पर बेघर लोगों की समस्या खत्म करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि देश की आर्थिक स्थिति उनके कई महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों को लागू करने के रास्ते में बड़ी चुनौती है। सरकार का कहना है कि वह अपने राजकोषीय नियमों का पालन करते हुए कर्ज और सरकारी उधारी को कम करने पर ध्यान देगी।
National Care Service बनाने का प्रस्ताव
बर्नहैम के भाषण का सबसे प्रमुख हिस्सा एक नई National Care Service बनाने की घोषणा रही। उन्होंने इसे ब्रिटेन की मौजूदा सामाजिक देखभाल व्यवस्था में व्यापक बदलाव के रूप में पेश किया।
प्रस्तावित व्यवस्था NHS के सिद्धांतों पर आधारित होगी और जरूरत के आधार पर बुजुर्गों को मुफ्त व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखेगी। इसे अगले संसद कार्यकाल में शुरू करने की योजना है। सरकार के अनुसार, इसकी रूपरेखा और निर्माण की प्रक्रिया पर Baroness Casey की समीक्षा मार्गदर्शन देगी।
बर्नहैम ने अपने पिता रॉय के साथ देखभाल व्यवस्था के अनुभवों का भी जिक्र किया। उनके पिता का इस महीने की शुरुआत में निधन हुआ था। भाषण के दौरान बर्नहैम कई बार भावुक भी हुए।
पेंशन के Triple Lock में बदलाव
National Care Service के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से बर्नहैम ने राज्य पेंशन की मौजूदा Triple Lock व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
सरकार के मुताबिक, मौजूदा Triple Lock अप्रैल 2030 तक बरकरार रहेगा। इसके बाद पेंशन में हर साल कम से कम महंगाई दर या 2.5 प्रतिशत के आधार पर बढ़ोतरी होगी और आय के मुकाबले पेंशन की वास्तविक स्थिति बनाए रखने के लिए एक नया तंत्र जोड़ा जाएगा।
इस बदलाव से होने वाली बचत का इस्तेमाल National Care Service के निर्माण के लिए किया जाएगा। बर्नहैम ने स्वीकार किया कि इस फैसले की राजनीतिक कीमत उन्हें चुकानी पड़ सकती है।
Brexit के बाद EU से रिश्ते पर पुनर्विचार
बर्नहैम ने ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से संबंधों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि Brexit ने ब्रिटेन को अपेक्षित नियंत्रण नहीं दिया और उनके अनुसार इससे देश को फायदे की तुलना में अधिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने यूरोपीय साझेदारों के साथ दीर्घकालिक संबंध पर नए सिरे से विचार करने की बात कही। आगामी UK-EU शिखर सम्मेलन के संदर्भ में उन्होंने ब्रिटेन के यूरोपीय साझेदारों के साथ भविष्य के संबंधों के अलग-अलग विकल्प देश के सामने रखने का संकेत दिया है।
हालांकि, बर्नहैम ने ब्रिटेन के EU में दोबारा शामिल होने की घोषणा नहीं की। उनका प्रस्ताव मौजूदा Brexit व्यवस्था के बाद यूरोप के साथ दीर्घकालिक संबंध को नए सिरे से परिभाषित करने पर केंद्रित है।
ब्रिटेन की चुनाव प्रणाली बदलने की तैयारी
बर्नहैम ने ब्रिटेन की First-Past-the-Post चुनाव प्रणाली में बदलाव की दिशा में भी बड़ा कदम उठाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी अगले आम चुनाव में चुनाव प्रणाली में बदलाव का वादा अपने घोषणापत्र में शामिल करेगी। इसके लिए एक राष्ट्रीय आयोग गठित करने की योजना है, जो मतदान प्रणाली के संभावित विकल्पों का अध्ययन करेगा।
प्रस्तावित सुधार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना है जिसमें मतों और संसद में प्रतिनिधित्व के बीच अधिक समानता हो। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि संभावित मॉडल में सांसदों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों के बीच संबंध को महत्वपूर्ण माना जाएगा।

पानी और सार्वजनिक सेवाओं पर अधिक सरकारी नियंत्रण
बर्नहैम ने निजी क्षेत्र में चल रही कुछ सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं पर अधिक सार्वजनिक नियंत्रण की भी बात की।
विशेष रूप से पानी की कंपनियों के मामले में उन्होंने मार्गरेट थैचर के दौर में सरकारी स्वामित्व पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की योजना का समर्थन किया। लेबर के अनुसार, स्थानीय मेयरों को पानी कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए अधिक अधिकार दिए जा सकते हैं और कंपनियों के अधिकारियों को मिलने वाले बोनस पर भी नियंत्रण कड़ा किया जाएगा।
आवास क्षेत्र में भी सरकार की भूमिका बढ़ाने की योजना है। बर्नहैम ने नई सामाजिक आवास इकाइयों पर Right to Buy के नियमों में बदलाव और खराब गुणवत्ता वाले किराये के मकानों के खिलाफ स्थानीय निकायों को अधिक अधिकार देने की बात कही।
युवाओं, आवास और बेघर लोगों पर फोकस
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके एजेंडे में युवा बेरोजगारी कम करना और सामाजिक सेवाओं तक युवाओं की पहुंच बेहतर करना शामिल है।
उन्होंने सड़कों पर बेघर लोगों की समस्या समाप्त करने और अधिक सामाजिक आवास उपलब्ध कराने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। पहली बार घर खरीदने वालों के लिए पहले घोषित योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात भी उनके व्यापक आवास एजेंडे का हिस्सा है।
आर्थिक दबाव के बीच बड़ा एजेंडा
बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति शामिल है। अमेरिकी-ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग पर दबाव और तेल कीमतों में वृद्धि से महंगाई तथा सरकारी उधारी की लागत पर असर पड़ रहा है।
ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉन हीली 28 अक्टूबर को सरकार का बजट पेश करने वाले हैं। ऐसे समय में सरकार को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए धन उपलब्ध कराने और राजकोषीय नियमों के बीच संतुलन बनाना होगा।
बर्नहैम ने कहा कि वह सरकार के राजकोषीय नियमों का पालन करते हुए कर्ज और उधारी को कम करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह जितनी तेजी से बदलाव करना चाहते हैं, देश की आर्थिक स्थिति उतनी गुंजाइश नहीं देती।
सुरक्षा चुनौतियों ने बढ़ाई चिंता
लेबर सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन की सुरक्षा स्थिति भी चर्चा में रही। पश्चिमी इंग्लैंड में RAF Fairford एयरबेस के बाहर रविवार को पांच लोगों को विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े अपराधों के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया और पुलिस जांच जारी रही।
जांच में संभावित रूप से किसी शत्रुतापूर्ण देश से संबंध की दिशा में भी पड़ताल की जा रही है। इस घटनाक्रम के कारण सम्मेलन के दौरान बर्नहैम और उनकी कैबिनेट के सदस्यों से सुरक्षा व्यवस्था तथा ईरान और रूस से जुड़े संभावित खतरों पर सवाल पूछे गए।
2029 तक चुनाव, लेकिन जल्द चुनाव की अटकलें
ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 तक कराया जाना जरूरी नहीं है। बर्नहैम ने समय से पहले चुनाव कराने की अटकलों को खारिज किया है।
लेबर के भीतर बर्नहैम के नेतृत्व में शुरुआती उत्साह को लेकर राजनीतिक चर्चा जरूर तेज हुई है। यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्रैथक्लाइड के राजनीति के प्रोफेसर जॉन कर्टिस ने कहा कि लोकप्रिय नेता के कारण पार्टी को सकारात्मक प्रभाव मिला है, लेकिन अब चुनौती इस प्रभाव को नेता से आगे पार्टी तक पहुंचाने की है।
इस बीच बर्नहैम ने अपने भाषण के जरिए यह संकेत दिया है कि उनकी सरकार का अगला चरण सामाजिक सेवाओं, आर्थिक नीति, चुनाव सुधार और यूरोप के साथ ब्रिटेन के संबंधों में दीर्घकालिक बदलाव पर केंद्रित होगा।











