डेटा की कीमतों में भारी गिरावट, डिजिटल इंडिया ने आम जनता की जेब पर डाला असर

डिजिटल इंडिया ने डेटा कीमत 269₹ से घटाकर 7.9₹ प्रति GB किया, ब्रॉडबैंड ग्राहक 25 करोड़ से 103 करोड़ हुए, डिजिटल पहुंच बढ़ी।

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम ने भारत में इंटरनेट को सस्ता और सुलभ बनाया है। जुलाई 2015 से डेटा की कीमत 97% तक घटकर लगभग 7.9 रुपए प्रति GB हो गई है। इस दौरान ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गई, जिससे डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और उपयोग में भारी वृद्धि हुई है।

Digital India Impact: भारत सरकार का डिजिटल इंडिया प्रोग्राम जुलाई 2015 से देश में इंटरनेट सुलभ और सस्ता बनाने पर केंद्रित रहा है। इस पहल के तहत डेटा की कीमत 269 रुपए प्रति GB से घटकर लगभग 7.9 रुपए हो गई है, जबकि ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर बढ़कर 103 करोड़ हो गए हैं। इसका असर डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल भुगतान में देखा जा रहा है, जिससे आम जनता को तकनीक का अधिक फायदा मिल रहा है।

डेटा की कीमतों में 97% की गिरावट

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम ने भारत में इंटरनेट सस्ते और सभी के लिए सुलभ बनाया है। जुलाई 2015 से अब तक डेटा की कीमत 269 रुपए प्रति GB से घटकर लगभग 7.9 रुपए हो गई है, यानी 97 प्रतिशत की कमी। इसी दौरान ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गई है, जिससे डिजिटल सेवाओं तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है।

इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार

मोबाइल बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) की संख्या 7.9 लाख से बढ़कर 29.5 लाख हो गई है, जबकि 2G/3G/4G कनेक्टिविटी वाले गांवों की संख्या 6.35 लाख तक पहुंच गई है। ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी 358 किमी से बढ़कर 6.92 लाख किमी से अधिक हो गया है। इन प्रयासों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंच और गुणवत्ता बेहतर हुई है।

डेटा खपत और डिजिटल साक्षरता में तेजी

डेटा उपयोग में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। हर सब्सक्राइबर का औसत महीने का उपयोग 61.66 MB से बढ़कर लगभग 25.25 GB हो गया है। सस्ते इंटरनेट की वजह से लोग ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान और अन्य डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं। सरकार की पहल ने डिजिटल लिटरेसी और सार्वजनिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को भी मजबूती दी है।

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