केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी में उम्मीदवारों की सूची को लेकर बैठकों में भारी गुटबाजी और मतभेद देखने को मिले। पार्टी अध्यक्ष Rahul Gandhi ने बैठक में अव्यवस्थित प्रस्तुति को लेकर नाराजगी जाहिर की और दोबारा बैठक बुलाकर स्पष्ट और तर्कपूर्ण सूची पेश करने के निर्देश दिए।
नई दिल्ली: कांग्रेस की कांग्रेस पार्टी की केरल विधानसभा चुनाव की उम्मीदवार सूची को अंतिम रूप देने के लिए बैठक बुधवार की देर रात 2 बजे तक चली। पार्टी ने केरल और असम की अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं। कल हुई पहली बैठक में, जब नेताओं ने बिना किसी व्यवस्थित प्रस्तुति के चर्चा शुरू की, तो राहुल गांधी, जो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं, काफी नाराज हो गए। बैठक खत्म होते ही उन्होंने रात 10:30 बजे फिर से बैठक बुलाई और निर्देश दिया कि नया, व्यवस्थित प्रेजेंटेशन तैयार करके लाया जाए।
राहुल गांधी की नाराजगी और दोबारा बैठक
सूत्रों के अनुसार, पहली बैठक में उम्मीदवारों की प्रस्तुति में कई विसंगतियाँ और तर्कहीन सिफारिशें शामिल थीं। राहुल गांधी ने बैठक के दौरान कहा, नेता एक व्यवस्थित और स्पष्ट सूची के साथ प्रस्तुति दें। बताएं कि किसे क्यों और कहां से टिकट दिया जा रहा है। सिर्फ यह मत बताएं कि कौन किसे अकोमोडेट करना चाहता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन नेताओं को टिकट नहीं देना है, उनके बारे में भी तर्क के साथ स्पष्ट जानकारी दी जाए। बैठक में पार्टी के विभिन्न गुट अपने-अपने उम्मीदवारों को टिकट दिलाने की कोशिश में थे, जिससे पार्टी नेतृत्व को कठिन निर्णय लेना पड़ा।

गुटबाजी और सीटों पर विवाद
कांग्रेस केरल में गुटबाजी का बड़ा असर देखने को मिला। पार्टी के अंदर कई नेता और उनके समर्थक अपनी प्राथमिकता के उम्मीदवारों को टिकट दिलाने में लगे हुए थे। केरल में लगभग 10-12 सीटों पर कड़ी बहस और माथापच्ची हुई। बैठक में यह भी सामने आया कि कई सीटों पर सर्वे के अनुसार सबसे मजबूत उम्मीदवार सूची में शामिल नहीं थे। इस पर राहुल गांधी ने कई सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को सिर्फ सत्ता या सामूहिक संतुष्टि के आधार पर उम्मीदवार नहीं चुनना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, केरल में कम से कम 5 सांसद विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पार्टी का रुख साफ है कि अगर किसी एक सांसद को टिकट दिया गया तो अन्य चार को भी देना पड़ेगा, जिससे लोकसभा की 5 सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना है। कांग्रेस यह स्थिति टालना चाहती है ताकि संसदीय संख्या पर कोई असर न पड़े।
इस बीच, कांग्रेस ने असम और केरल की अधिकांश उम्मीदवार सूची तैयार कर ली है। असम और केरल में पार्टी ने अपने अधिकांश उम्मीदवार तय कर दिए हैं, ताकि चुनावी तैयारियों में तेजी लाई जा सके।










