धनबाद में स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरी, चार बाइक क्षतिग्रस्त; छुट्टी से पहले टला बड़ा हादसा

धनबाद में स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरने से चार बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। छुट्टी से 9 मिनट पहले हादसा होने से बच्चों और अभिभावकों की जान बची।

धनबाद के दीनबंधु स्कूल सीएमआरआइ के पास मंगलवार सुबह जर्जर दीवार अचानक गिर गई। मलबे की चपेट में चार बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि स्कूल की छुट्टी से कुछ मिनट पहले हादसा होने से बच्चों और अभिभावकों की जान बच गई।

धनबाद:दीनबंधु स्कूल सीएमआरआइ के पास मंगलवार सुबह पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। हादसे में सड़क किनारे खड़ी चार मोटरसाइकिलें मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के समय दो महिलाएं भी वहां से गुजर रही थीं, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। स्कूल की छुट्टी से महज कुछ मिनट पहले दीवार गिरने के कारण बड़ा हादसा टल गया।

सुबह अचानक भरभराकर गिरी जर्जर दीवार

धनबाद के दीनबंधु स्कूल सीएमआरआइ के पास मंगलवार सुबह अचानक एक पुरानी और जर्जर दीवार ढह गई। यह घटना गली नंबर 11 में हुई। दीवार गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। भारी मलबा सड़क किनारे खड़ी चार मोटरसाइकिलों पर जा गिरा, जिससे सभी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार काफी समय से कमजोर हालत में थी। अचानक दीवार का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गया। मलबा गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना के बाद काफी देर तक वहां लोगों की भीड़ लगी रही।

छुट्टी से ठीक पहले हुआ हादसा, टला बड़ा नुकसान

हादसे का समय सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला रहा। स्कूल में उस समय परीक्षाएं चल रही थीं और छुट्टी सुबह 10:15 बजे निर्धारित थी। जर्जर दीवार सुबह करीब 10:06 बजे गिरी। यानी स्कूल की छुट्टी से महज नौ मिनट पहले यह हादसा हुआ।

स्कूल की छुट्टी के समय इस रास्ते पर बच्चों और अभिभावकों की काफी भीड़ रहती है। रोजाना सैकड़ों बच्चे और उनके माता-पिता इस रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में अगर दीवार कुछ मिनट बाद गिरती तो बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।

घटना के समय वहां से गुजर रही दो महिलाओं ने भी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि दीवार गिरने से किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, चार बाइक क्षतिग्रस्त होने से वाहन मालिकों को नुकसान उठाना पड़ा।

स्थानीय लोगों ने पहले भी जताई थी चिंता

दीवार गिरने के बाद मौके पर पहुंचे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी दिखाई दी। उनका कहना था कि दीवार लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी और इसके कमजोर होने की जानकारी संबंधित लोगों को थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से इस दीवार को हटाने या सुरक्षित तरीके से गिराने की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

लोगों का कहना है कि स्कूल के आसपास बच्चों की आवाजाही को देखते हुए जर्जर इमारतों और दीवारों की नियमित जांच होनी चाहिए। किसी भी कमजोर संरचना को समय रहते हटाया या सुरक्षित किया जाना जरूरी है।

स्कूल प्रशासन और व्यवस्था पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि जिस परिसर की यह दीवार थी, उसे डिनोबिली स्कूल सीएमआरआइ प्रशासन पहले ही खरीद चुका है। इसके बावजूद दीवार की जर्जर स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

घटना ने स्कूल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए स्कूल परिसर और आसपास मौजूद पुरानी दीवारों, भवनों तथा अन्य कमजोर संरचनाओं का निरीक्षण कराया जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए जर्जर संरचनाओं को चिह्नित कर समय रहते कार्रवाई की जाए। मंगलवार की घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन स्कूल की छुट्टी से कुछ मिनट पहले दीवार गिरने से यह साफ हो गया कि लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती थी।

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