धर्मवीर गांधी के SIR रिकॉर्ड पर विवाद, चुनाव आयोग बोला- सांसद और परिवार के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद

पटियाला सांसद धर्मवीर गांधी ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए। चुनाव आयोग ने कहा कि सांसद और परिवार के सभी नाम 13 अगस्त की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में हैं।

पटियाला सांसद धर्मवीर गांधी ने पंजाब की SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपने परिवार के रिकॉर्ड को लेकर परेशानी का दावा किया। चुनाव आयोग ने कहा कि सांसद और उनके परिवार के नाम 13 अगस्त की ड्राफ्ट सूची में दर्ज हैं।

पटियाला: पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विवाद के बीच पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने मतदाता सूची प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। गांधी ने रिकॉर्ड मिलान और दस्तावेजों को लेकर आम लोगों की परेशानियों का मुद्दा उठाया। वहीं चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सांसद और उनके परिवार के सभी नाम 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं।

चुनाव आयोग ने नाम सूची में होने की दी जानकारी

धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब होने की खबरों के बाद चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी, उनकी पत्नी जगदंबा कौशल, बेटी रोहानी पराशर, बहू चाहत साहूजा और बेटे नबेंदु के नाम 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज हैं।

धर्मवीर गांधी के SIR रिकॉर्ड पर विवाद, चुनाव आयोग बोला- सांसद और परिवार के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद

आयोग ने बताया कि ये सभी मतदाता विधानसभा क्षेत्र संख्या 115 पटियाला के पार्ट नंबर 98 में सीरियल नंबर 44 से 48 तक पंजीकृत हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद सांसद और उनके परिवार के नाम सूची में नहीं होने से जुड़ी रिपोर्टों पर आयोग की स्थिति सामने आ गई है।

धर्मवीर गांधी ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सांसद धर्मवीर गांधी ने कहा कि मामला केवल उनकी या उनके परिवार की वोट का नहीं है, बल्कि पूरी SIR प्रक्रिया से जुड़ा है। उनके अनुसार मतदाता सूची का सत्यापन ऐसा होना चाहिए जिसे आम नागरिक आसानी से समझ सके और जिसके लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

गांधी ने बताया कि वह वर्ष 2000 से एक ही मकान में रह रहे हैं और उनका परिवार भी लंबे समय से उसी पते पर रह रहा है। वह तीन बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं और परिवार के सदस्य भी कई बार मतदान कर चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड के मिलान में समस्या सामने आने पर उन्होंने प्रक्रिया के आधार पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि यदि लंबे समय से एक ही जगह रहने वाले व्यक्ति के रिकॉर्ड में भी समस्या आती है, तो उन लोगों के लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है जो नौकरी, कारोबार या दूसरे कारणों से बार-बार अपना पता बदलते हैं।

पुराने दस्तावेज जुटाने पर भी जताई चिंता

धर्मवीर गांधी के मुताबिक उनके परिवार के एक सदस्य के मतदाता रिकॉर्ड को लेकर भी परेशानी सामने आई। इसके लिए परिवार को पुराने दस्तावेज तलाशने पड़े और वर्ष 1974 तथा 1978 के रिकॉर्ड तक जुटाकर प्रशासन के सामने पेश करना पड़ा।

सांसद ने कहा कि परिवार के पास पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेज होने के बावजूद रिकॉर्ड से जुड़े सवाल बने रहे। उनके मुताबिक मतदाता सूची में नाम सुरक्षित रखना केवल किसी सांसद या किसी खास व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा से जुड़ा विषय है।

गांधी ने SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी वर्ग, जाति या समुदाय के लोगों को मतदान के अधिकार से बाहर किया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।

उन्होंने कहा कि पहले नागरिक सरकार चुनते थे, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए जिसमें सरकारें यह तय करने लगें कि कौन वोट डाल सकता है और कौन नहीं। गांधी ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को आगामी सत्र में भी उठाएंगे और मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता तथा नागरिकों के वोट के अधिकार की सुरक्षा की मांग करेंगे।

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