Annalena Baerbock संयुक्त राष्ट्र महासभा की 80वीं अध्यक्ष के रूप में भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। वह भारत सरकार के निमंत्रण पर आई हैं और अपने दौरे के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगी।
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 80वीं अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक इन दिनों भारत के महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर हैं। उनकी यह यात्रा वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह दौरा संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष के रूप में उनकी पहली भारत यात्रा है।
बेयरबॉक भारत सरकार के निमंत्रण पर नई दिल्ली पहुंची हैं, जहां वे कई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगी। उनके इस दौरे को वैश्विक मुद्दों—जैसे जलवायु परिवर्तन, डिजिटल सहयोग, और सतत विकास—पर भारत की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में देखा जा रहा है।
भारत-यूएन संबंधों को मिलेगा नया आयाम
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में एंटोनियो गुटेरेस भी भारत आए थे। उनकी यात्रा के बाद यह संयुक्त राष्ट्र की ओर से दूसरी उच्च-स्तरीय भागीदारी है, जो इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण साझेदार बनता जा रहा है। बेयरबॉक का भारत के साथ पुराना संबंध रहा है। इससे पहले वह जर्मनी की विदेश मंत्री के रूप में भी भारत का दौरा कर चुकी हैं।
उस दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों की सराहना करते हुए कहा था कि भारत 21वीं सदी की वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहले भी कई अहम यात्राएं कर चुकी हैं
2022 में अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान बेयरबॉक ने भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। उन्होंने भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा था कि देश ने पिछले 15 वर्षों में लगभग 40 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह उपलब्धि लोकतंत्र और बहुलवाद की ताकत को दर्शाती है।
इसके बाद 2024 में भी वह जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ भारत आई थीं। उस दौरान दोनों देशों के बीच सातवीं अंतर-सरकारी परामर्श बैठक आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य नवाचार, गतिशीलता और सतत विकास को बढ़ावा देना था।

आज का विस्तृत कार्यक्रम
बेयरबॉक का दिल्ली दौरा एक दिन का है, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं:
- सुबह 10:20 बजे वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगी।
- दोपहर 1:00 बजे वह भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता करेंगी।
- शाम 3:30 बजे वह यूएन हाउस में प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करेंगी।
- शाम 4:30 बजे वह इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ डिजिटल सहयोग पर चर्चा करेंगी।
- रात 10:50 बजे वह दिल्ली से रवाना हो जाएंगी।
बेयरबॉक की यह यात्रा इस बात को रेखांकित करती है कि भारत अब केवल क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक प्रभावशाली शक्ति बन चुका है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की भूमिका, जलवायु परिवर्तन पर उसकी प्रतिबद्धता और डिजिटल नवाचार में उसकी प्रगति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के साथ उसका सहयोग और भी महत्वपूर्ण हो गया है।









