गुजरात के भरूच में 23 अप्रैल को फैक्ट्री आग हादसे के मुआवजे पर चर्चा के दौरान AAP विधायक चैतर वसावा और पीड़ित परिवार के सदस्य के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो वायरल हो गया है।
भरूच: Bharuch factory fire compensation dispute के तहत 23 अप्रैल को मेट्रोपॉलिटन एक्सीकेम प्लांट में आग लगने से हुए हादसे के बाद मुआवजे को लेकर चल रही बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। इस दौरान AAP विधायक चैतर वसावा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई तक की स्थिति बन गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जबकि हादसे में 2 मजदूरों की मौत और कई घायल हुए थे। पुलिस ने अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं की है।
हादसे के बाद मुआवजा बातचीत के दौरान बढ़ा तनाव
गुजरात के भरूच जिले के झागड़िया जीआईडीसी में 23 अप्रैल को मेट्रोपॉलिटन एक्सीकेम प्लांट में लगी आग के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस हादसे में दो मजदूरों की मौत और कई लोगों के झुलसने के बाद पीड़ित परिवार और कंपनी प्रबंधन के बीच मुआवजे को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा भी मौके पर पहुंचे।
परिजनों के अनुसार, बातचीत के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया जब कुछ मुद्दों पर असहमति सामने आई। इसी दौरान पीड़ित परिवार के एक सदस्य और विधायक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते तनावपूर्ण स्थिति का रूप ले लिया और मौके पर मौजूद लोगों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बहस के दौरान हाथापाई, वायरल हुआ घटना का वीडियो
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि विधायक और पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने एक-दूसरे को थप्पड़ मार दिया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैक्टरी गेट के पास बहस और हाथापाई के दृश्य दिखाई देते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है और विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पीड़ित परिवार के आरोप और जांच की स्थित

घटना के बाद पीड़ित परिवार के सदस्य रोशन वसावा ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक मुआवजे की बातचीत के बजाय स्थिति को भड़काने और अन्य उद्देश्यों से वहां पहुंचे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वे किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े नहीं हैं और केवल अपने परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे थे।
वहीं विधायक चैतर वसावा का कहना है कि वे पीड़ितों की मांग और न्याय की अपील के समर्थन में मौके पर पहुंचे थे। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि नहीं की गई है, जबकि पूरे घटनाक्रम की चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर जारी है।







