दिल्ली शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, फेल और कंपार्टमेंट छात्रों को NIOS से मिलेगा नया अवसर

दिल्ली शिक्षा विभाग ने 9वीं-10वीं के फेल और कंपार्टमेंट छात्रों के लिए NIOS के जरिए दोबारा पढ़ाई का मौका दिया, आवेदन 7 जुलाई तक होंगे।

दिल्ली शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में दो बार फेल या कंपार्टमेंट छात्रों को NIOS के जरिए पढ़ाई जारी रखने का मौका दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 जुलाई तक चलेगी, जिससे ड्रॉपआउट रोकने और छात्रों को मुख्यधारा में बनाए रखने में मदद मिलेगी।

दिल्ली: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे छात्रों के लिए राहतभरी पहल की गई है जो 9वीं या 10वीं में लगातार सफल नहीं हो पाए हैं। शिक्षा विभाग ने NIOS के माध्यम से उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ने की योजना शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत पात्र छात्र वैकल्पिक अध्ययन केंद्रों पर पढ़ाई जारी रख सकेंगे और बिना स्कूल छोड़े आगे की कक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे।

दिल्ली के फेल छात्रों को NIOS से दोबारा पढ़ाई का मौका, शिक्षा विभाग ने शुरू की नई व्यवस्था

Directorate of Education Delhi ने 9वीं और 10वीं कक्षा में बार-बार असफल होने वाले छात्रों के लिए नई पहल शुरू की है। अब ऐसे छात्रों को National Institute of Open Schooling के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जुड़ा रखना है जो लगातार असफल होने के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में पहुंच जाते हैं।

शिक्षा विभाग के अनुसार यह सुविधा केवल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू होगी। इसमें वे विद्यार्थी शामिल होंगे जो 9वीं या 10वीं में कम से कम दो बार फेल हो चुके हैं या कंपार्टमेंट श्रेणी में हैं। हालांकि 2025-26 सत्र में पहली बार असफल होने वाले छात्र इस योजना का हिस्सा नहीं होंगे और उन्हें अपने वर्तमान स्कूल में ही पढ़ाई जारी रखनी होगी।

स्कूलों को छात्रों की पहचान और आवेदन की जिम्मेदारी

विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र छात्रों की पहचान करें और उनसे सीधे संपर्क स्थापित करें। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी योग्य छात्र जानकारी के अभाव में इस योजना से वंचित न रह जाए।

इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करवाना और समय पर ऑनलाइन आवेदन पूरा कराना भी स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। विभाग का मानना है कि स्कूलों की सक्रिय भागीदारी से ड्रॉपआउट की संख्या कम की जा सकेगी।

चयनित स्कूलों में चलेंगी कक्षाएं

NIOS के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और इसे स्कूल प्रमुखों द्वारा संचालित किया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई और मार्गदर्शन के लिए दिल्ली के करीब 75 सरकारी स्कूलों को अध्ययन केंद्र के रूप में चुना गया है।

इन केंद्रों पर नियमित कक्षाएं और शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी व्यवस्थित तरीके से कर सकें। विभाग का फोकस केवल परीक्षा पास कराने पर नहीं बल्कि छात्रों को शिक्षा प्रणाली से जोड़े रखने पर भी रहेगा।

शुल्क, विषय विकल्प और अंतिम तारीख तय

इस योजना के तहत परीक्षा शुल्क 300 रुपये प्रति विषय रखा गया है, जबकि प्रायोगिक विषयों के लिए 150 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। ट्रांसफर ऑफ क्रेडिट (TOC) सुविधा के लिए 230 रुपये प्रति विषय शुल्क निर्धारित किया गया है।

छात्र हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, पेंटिंग और गृह विज्ञान जैसे विषय चुन सकेंगे। इसके अलावा डेटा एंट्री ऑपरेशन को अतिरिक्त विषय के रूप में लेने का विकल्प भी दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 7 जुलाई तय की गई है।

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