BJP से टिकट नहीं मिला तो डॉ. संजयन ने कार से उतारा पार्टी का झंडा, निर्दलीय मैदान में

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव में टिकट न मिलने पर डॉ. संजयन त्रिपाठी ने BJP का झंडा उतारकर निर्दलीय नामांकन किया, शिक्षक मुद्दे उठाए।
BJP से टिकट नहीं मिला तो डॉ. संजयन ने कार से उतारा पार्टी का झंडा, निर्दलीय मैदान में
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गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर गोरखपुर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। भारतीय जनता पार्टी से टिकट की दावेदारी कर रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। नामांकन से पहले उन्होंने अपनी कार से भाजपा का झंडा भी उतार दिया। इसके बाद समर्थकों के बीच उन्होंने अपनी बात रखी और चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार डॉ. संजयन त्रिपाठी ने 1 अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भी दाखिल कर दिया है। उन्होंने चार सेट में पर्चा दाखिल किया। नामांकन के दौरान उनके साथ समर्थकों की भीड़ मौजूद रही। इस चुनाव में भाजपा ने मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि समाजवादी पार्टी पहले ही शिक्षक नेता कमलेश यादव को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। यानी उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक संजयन त्रिपाठी फिलहाल सपा के प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं।

डॉ. संजयन त्रिपाठी लंबे समय से गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और इस सीट से पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी। पार्टी की ओर से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनकी दावेदारी समाप्त हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

नामांकन से पहले भाजपा का झंडा कार से उतारने का उनका कदम भी चर्चा में रहा। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि संजयन त्रिपाठी ने समर्थकों के सामने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक काम किया है। उनका कहना था कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद वह संगठन के साथ जुड़े रहे। उन्होंने पार्टी के भीतर जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी किए जाने का आरोप भी लगाया। ये उनके अपने राजनीतिक दावे हैं, जिन पर भाजपा की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रिया को इस समय उपलब्ध स्रोतों में प्रमुखता से दर्ज नहीं किया गया है।

डॉ. संजयन त्रिपाठी के निर्दलीय मैदान में उतरने से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर उम्मीदवारों की तस्वीर बदल गई है। भाजपा ने इस सीट से तीन बार निर्वाचित रहे ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं सपा की ओर से कमलेश यादव मैदान में हैं। इसके अलावा डॉ. संजयन त्रिपाठी और अन्य उम्मीदवार भी चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई थी और 6 अक्टूबर तक चलनी है।

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अपने चुनावी अभियान में शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कही है। नामांकन से पहले आयोजित सभा में शिक्षक, स्कूल प्रबंधक और उनके समर्थक जुटे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने शिक्षक समाज के अधिकार, सम्मान और वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े सवालों को चुनावी मुद्दों के तौर पर उठाया। उन्होंने कहा कि इन विषयों को विधान परिषद तक पहुंचाने के उद्देश्य से वह चुनाव मैदान में हैं।

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिक्षक मतदाता चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। ऐसे में शिक्षक संगठनों, स्कूल प्रबंधकों और वित्तविहीन शिक्षकों से जुड़े मुद्दे उम्मीदवारों के प्रचार में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। संजयन त्रिपाठी के समर्थन में स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों के जुटने की बात भी नामांकन के दौरान सामने आई है।

डॉ. संजयन त्रिपाठी पेशे से शिक्षक हैं और नवल्स ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर भी उनकी पहचान है। इससे पहले वह गोरखपुर-फैजाबाद खंड से चुनाव लड़ चुके हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह 2022 में भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले उनका राजनीतिक जुड़ाव कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक गतिविधियों से रहा है।

गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र में एमएलसी चुनाव को लेकर कई महीनों से राजनीतिक गतिविधियां चल रही थीं। भाजपा में टिकट के कई दावेदार बताए जा रहे थे। संजयन त्रिपाठी भी प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। सितंबर के अंत में भाजपा ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी के नाम की घोषणा की। इसके बाद संजयन त्रिपाठी ने पार्टी के फैसले के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

नामांकन के दौरान डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अपने समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन भी किया। नेपाल क्लब में आयोजित सभा के बाद समर्थकों के साथ वह कलेक्ट्रेट पहुंचे और नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान शिक्षक, स्कूल प्रबंधक और समर्थकों की मौजूदगी रही। नामांकन के बाद चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा का झंडा कार से उतारने का दृश्य सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों के बीच भावुक माहौल भी देखने को मिला। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पार्टी के लिए किए गए अपने पुराने कामों का उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया है। साथ ही उन्होंने पार्टी के निर्णय से अपनी नाराजगी भी जाहिर की।

संजयन त्रिपाठी ने भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार के सामने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। ऐसे में अब उनके सामने अपनी दावेदारी को शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचाने की चुनौती होगी। चुनाव प्रचार में वह शिक्षक हितों, वित्तविहीन विद्यालयों और स्कूल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को कितना प्रमुख बनाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी अपने पुराने चुनावी आधार और शिक्षक संगठन के समर्थन के साथ मैदान में हैं। सपा ने कमलेश यादव को पहले ही उम्मीदवार घोषित कर दिया था। ऐसे में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर मुकाबले में अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ शिक्षक संगठनों और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है। इसलिए आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के प्रचार, शिक्षक संगठनों के समर्थन और चुनावी मुद्दों को लेकर गतिविधियां और बढ़ेंगी।

फिलहाल डॉ. संजयन त्रिपाठी के लिए यह चुनाव भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद सीधे चुनाव मैदान में उतरने का मौका है। उन्होंने पार्टी का झंडा अपनी कार से हटाकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है। वहीं भाजपा ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी और सपा ने कमलेश यादव को उम्मीदवार बनाया है। अब चुनाव में उम्मीदवारों के बीच मुकाबला और उनके मुद्दे आने वाले दिनों में और स्पष्ट होंगे।

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