तमिलनाडु में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना का विस्तार, 84 लाख से ज्यादा को रोज मिलेगा लाभ

तमिलनाडु CM सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती पर ‘वेत्री पयनम’ योजना का विस्तार किया। 12,692 सरकारी बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त सफर मिलेगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती पर ‘वेत्री पयनम’ मुफ्त बस यात्रा योजना का विस्तार शुरू किया। अब महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को एक्सप्रेस, डीलक्स, LSS, मोफुसिल और घाट मार्गों की पात्र सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा मिलेगी।

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की विस्तारित ‘वेत्री पयनम’ (Vettri Payanam) योजना की शुरुआत की। योजना के विस्तार के बाद राज्य में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक श्रेणियों की सरकारी बसों में बिना किराए यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से रोजाना करीब 84.32 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (LSS), डीलक्स, मोफुसिल ऑर्डिनरी और घाट (पहाड़ी) मार्गों की पात्र सरकारी बसों तक बढ़ाई गई है। योजना के तहत आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है और लाभार्थियों की दैनिक यात्राओं की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है।

गांधी जयंती पर योजना का औपचारिक शुभारंभ

मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई के कोयंबेडु बस टर्मिनस में योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बस में यात्रियों से बातचीत की और महिला यात्रियों को मुफ्त टिकट भी वितरित किए। यह कार्यक्रम विस्तारित योजना के जमीनी स्तर पर लागू होने की शुरुआत के रूप में आयोजित किया गया।

सरकार ने इस योजना को सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने और महिलाओं के लिए यात्रा की लागत कम करने की पहल के रूप में पेश किया है। इसके तहत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए आने-जाने वाली महिलाओं को अतिरिक्त बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा।

12,692 सरकारी बसें योजना के दायरे में

तमिलनाडु सरकार के अनुसार, विस्तारित वेत्री पयनम योजना के तहत सात राज्य परिवहन उपक्रमों द्वारा संचालित कुल 18,413 निर्धारित बसों में से 12,692 बसों को शामिल किया गया है। यह कुल बस बेड़े का करीब 69 प्रतिशत है।

इसी तरह राज्य में संचालित कुल 1,94,649 निर्धारित सिंगल ट्रिप्स में से 1,65,312 ट्रिप्स, यानी करीब 85 प्रतिशत, इस योजना के दायरे में होंगी। सरकार का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 84.32 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।

इस विस्तार के साथ मुफ्त बस यात्रा का दायरा पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। इससे उन यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है जो लंबी दूरी, शहरी क्षेत्रों के बीच यात्रा या पहाड़ी मार्गों पर सरकारी बस सेवाओं का इस्तेमाल करती हैं।

किन बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा?

योजना के तहत अब महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को शहरी तथा महानगरीय क्षेत्रों में चलने वाली कई अतिरिक्त सरकारी बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

इनमें प्रमुख रूप से:

  • Express बसें
  • LSS यानी Limited Stop Services
  • Deluxe बसें
  • Mofussil Ordinary बसें
  • Ghat Ordinary बसें, यानी पहाड़ी मार्गों पर संचालित पात्र सेवाएं

शामिल हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में 40 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले घाट मार्गों की सामान्य बस सेवाओं को भी विस्तारित सुविधा में शामिल किया गया है।

इससे पहले मुफ्त यात्रा सुविधा मुख्य रूप से सामान्य शहरी बस सेवाओं तक सीमित थी। अब इसे विभिन्न श्रेणियों और मार्गों तक विस्तारित किया गया है।

महिलाओं के साथ ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी लाभ

वेत्री पयनम योजना केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुसार, ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी इस मुफ्त यात्रा सुविधा में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विजय ने अगस्त में विधानसभा में योजना के विस्तार की घोषणा करते हुए इसे सामाजिक न्याय और सार्वजनिक परिवहन तक व्यापक पहुंच से जोड़ा था।

परिवहन मंत्री ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने योजना को महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए परिवहन की लागत कम करने वाली पहल बताया। उनके अनुसार, यात्रा का खर्च शिक्षा, रोजगार, आजीविका और आर्थिक भागीदारी में बाधा नहीं बनना चाहिए।

मंत्री ने इसे सामाजिक समानता और महिलाओं की गतिशीलता से जोड़ते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन तक बिना भेदभाव पहुंच उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

आय सीमा और यात्राओं की संख्या पर कोई रोक नहीं

विस्तारित योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि लाभ लेने के लिए आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसके अलावा, पात्र यात्रियों के लिए रोजाना यात्रा करने की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं रखी गई है।

इसका मतलब है कि योजना के दायरे में आने वाली महिला यात्री अपनी जरूरत के अनुसार पात्र सरकारी बस सेवाओं का इस्तेमाल कर सकती हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परिवहन खर्च को महिलाओं की शिक्षा, नौकरी, व्यवसाय, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी गतिविधियों में बाधा बनने से रोकना है।

शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर जोर

तमिलनाडु सरकार ने मुफ्त बस यात्रा को महिलाओं की रोजमर्रा की गतिशीलता से जोड़ते हुए इसे शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने वाली पहल के रूप में प्रस्तुत किया है।

दूर स्थित कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए यात्रा खर्च कम होना महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी तरह कामकाजी महिलाओं को कार्यस्थल तक आने-जाने में सहायता मिल सकती है। अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच के लिए भी सार्वजनिक परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सरकार के अनुसार, योजना का उद्देश्य केवल बस किराया बचाना नहीं, बल्कि महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से अधिक अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।

योजना पर करीब 6,000 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च

मुख्यमंत्री विजय ने अगस्त में विधानसभा में घोषणा करते हुए बताया था कि विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना पर राज्य सरकार को करीब ₹6,000 करोड़ सालाना खर्च करना होगा।

इस विस्तार के तहत अतिरिक्त बस सेवाओं को शामिल करने से सरकारी परिवहन व्यवस्था पर वित्तीय भार भी बढ़ेगा। हालांकि सरकार ने इसे महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच और सामाजिक-आर्थिक भागीदारी से जुड़ा निवेश बताया है।

योजना के विस्तार से पहले सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मिल रहा था। नए विस्तार के बाद लाभार्थियों की संख्या और पात्र बस सेवाओं का दायरा दोनों बढ़े हैं।

‘वेत्री पयनम’ नाम का अर्थ

‘वेत्री पयनम’ का अर्थ तमिल में ‘विजयी यात्रा’ या ‘सफल यात्रा’ के रूप में समझा जाता है। यह योजना पहले से चल रही महिलाओं की शून्य-किराया बस यात्रा व्यवस्था के विस्तारित रूप के तौर पर लागू की गई है। इसे पहले ‘विदियल पयनम’ नाम से जाना जाता था।

नई योजना के तहत सरकार ने मुफ्त यात्रा को अधिक बस श्रेणियों और मार्गों तक पहुंचाया है। इसके साथ बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों (ETM) के साथ आवश्यक तकनीकी एकीकरण भी किया गया है। सितंबर में योजना के लिए परीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी किए जाने की जानकारी दी गई थी।

तमिलनाडु की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा विस्तार

वेत्री पयनम के विस्तार के साथ तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त सरकारी बस यात्रा का दायरा अब शहरी सामान्य बसों से आगे बढ़कर एक्सप्रेस, LSS, डीलक्स, मोफुसिल और कुछ पहाड़ी मार्गों तक पहुंच गया है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 12,692 बसें, 1,65,312 निर्धारित सिंगल ट्रिप्स और प्रतिदिन करीब 84.32 लाख महिला लाभार्थी इस विस्तारित व्यवस्था के प्रमुख आंकड़े हैं।

गांधी जयंती पर शुरू की गई यह व्यवस्था तमिलनाडु की सार्वजनिक परिवहन नीति में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा के विस्तार को दर्शाती है। अब इसके प्रभाव का आकलन लाभार्थियों की संख्या, बस सेवाओं के उपयोग और राज्य परिवहन व्यवस्था पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव के आधार पर किया जाएगा।

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