ड्रोन हमले के बाद मॉस्को में ‘ब्लैक रेन’ की शिकायत, दहशत फैली

यूक्रेन का मॉस्को पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। हमले में तेल रिफाइनरी में आग लग गई और इलाके में काले धुएं के साथ कथित ‘ब्लैक रेन’ की शिकायतें सामने आईं।

यूक्रेन ने युद्ध शुरू होने के बाद मॉस्को पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। हमले में तेल रिफाइनरी में आग लग गई और इलाके में काले धुएं के साथ कथित ‘ब्लैक रेन’ की शिकायतें सामने आईं। कई लोग घायल हुए और उड़ानें प्रभावित रहीं।

रूस-यूक्रेन वॉर: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। यूक्रेन ने मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें करीब 200 ड्रोन रूसी राजधानी की ओर भेजे गए। हमले के दौरान दक्षिण-पूर्वी मॉस्को स्थित कपोत्न्या (Kapotnya) तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जिससे बड़े पैमाने पर आग लग गई और आसमान में काले धुएं के विशाल गुबार दिखाई दिए।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, मॉस्को क्षेत्र में इस हमले में कम से कम 17 लोग घायल हुए हैं। वहीं, दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र में एक तेल डिपो पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि की गई है।

तेल रिफाइनरी में विस्फोट के बाद ‘काली बारिश’ का दावा

हमले के बाद मॉस्को के दक्षिण-पूर्वी इलाकों में रहने वाले कई निवासियों ने दावा किया कि उनके क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के साथ काले रंग के तेल जैसे कण गिरते दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि कपड़ों और वाहनों पर काले धब्बे जमा हो गए, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

हालांकि मॉस्को प्रशासन ने “ऑयल रेन” यानी तेल मिश्रित बारिश की खबरों से इनकार किया है, लेकिन अधिकारियों ने प्रभावित इलाके के निवासियों को एहतियात बरतने की सलाह दी। प्रशासन ने लोगों से खिड़कियां बंद रखने और बच्चों, बुजुर्गों तथा श्वसन रोगियों को क्षेत्र से अस्थायी रूप से दूर रहने का अनुरोध किया।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, हवा में जलते पेट्रोलियम उत्पादों की तेज गंध महसूस की गई, जिससे कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई।

रिफाइनरी पर लगातार तीसरी बार हमला

कपोत्न्या तेल रिफाइनरी पर पिछले एक महीने में यह तीसरा हमला बताया जा रहा है, जबकि इसी सप्ताह में यह दूसरी बार निशाना बनी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रिफाइनरी के एक बड़े तेल भंडारण टैंक में जोरदार विस्फोट दिखाई दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि टैंक की छत हवा में कई मीटर ऊपर उछल गई।

हमले के दौरान पास स्थित एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ड्रोन के मलबे के गिरने से यह आग भड़की। अन्य वीडियो में ऊंची आवासीय इमारतों के पास ड्रोन टकराने और कांच के टुकड़े गिरने के दृश्य भी सामने आए हैं।

रूस का दावा- 24 घंटे में लगभग 1,000 ड्रोन और मिसाइलें नष्ट कीं

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि बीते 24 घंटों के दौरान देशभर में लगभग 1,000 यूक्रेनी ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। मंत्रालय के अनुसार, रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने बड़े पैमाने पर हमलों को विफल किया, हालांकि कुछ ड्रोन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक पहुंचने में सफल रहे।

हमले के कारण मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप 500 से अधिक उड़ानें रद्द या विलंबित हुईं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

जेलेंस्की ने बताया रूस के हमलों का जवाब

यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने इस हमले को रूस द्वारा हाल ही में कीव पर किए गए बड़े हमले का जवाब बताया। पिछले सप्ताह रूसी हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा था और एक प्रमुख धार्मिक स्थल भी आग की चपेट में आ गया था।

ड्रोन हमले के बाद मॉस्को में ‘ब्लैक रेन’ की शिकायत, दहशत फैली

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन यदि रूस यूक्रेनी शहरों को निशाना बनाता रहेगा, तो युद्ध के प्रभाव रूस के भीतर भी महसूस किए जाएंगे। उनका बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि यूक्रेन अब रूस के अंदर सामरिक और आर्थिक महत्व के ठिकानों को अधिक आक्रामक तरीके से निशाना बना सकता है।

रूस की चेतावनी- और बड़े हमले होंगे

यूक्रेनी कार्रवाई के जवाब में रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने कहा कि रूस भी यूक्रेन पर “व्यापक पैमाने” पर हमले जारी रखेगा। उन्होंने संकेत दिया कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा और सैन्य कार्रवाई आगे भी तेज हो सकती है।

इस बयान ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे, सैन्य ठिकानों और लॉजिस्टिक नेटवर्क को निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।

मॉस्को में बढ़ती असुरक्षा की भावना

युद्ध शुरू होने के चार साल से अधिक समय बाद भी रूस के अधिकांश नागरिक प्रत्यक्ष रूप से संघर्ष के प्रभावों से अपेक्षाकृत दूर रहे थे। लेकिन हाल के महीनों में मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे प्रमुख शहरों पर बढ़ते ड्रोन हमलों ने आम नागरिकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

हमले के बाद कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह-सुबह उनके भवन हिलने लगे थे और विस्फोटों की आवाजें दूर-दूर तक सुनाई दे रही थीं। कुछ लोगों ने इसे अब तक का सबसे भयावह अनुभव बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक ड्रोन तकनीक और बड़ी संख्या में एक साथ किए जाने वाले हमलों के सामने किसी भी वायु रक्षा प्रणाली के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद कठिन है। यही कारण है कि कुछ ड्रोन सुरक्षा घेरा भेदने में सफल हो जाते हैं।

युद्ध के नए चरण की ओर बढ़ता संघर्ष

यूक्रेन द्वारा मॉस्को पर किया गया यह विशाल ड्रोन हमला इस बात का संकेत है कि युद्ध अब केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है। दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक और आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने हमले पर तत्काल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, घटनाक्रम से स्पष्ट है कि रूस-यूक्रेन युद्ध एक ऐसे चरण में पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्ष अपने प्रतिद्वंद्वी की राजधानी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सीधे निशाना बनाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, यदि इस तरह के हमले जारी रहते हैं, तो आने वाले महीनों में संघर्ष और अधिक व्यापक तथा खतरनाक रूप ले सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

Leave a comment