पटना-बिहार के डुमरांव में आज भाकपा माले और ऐपवा (ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वुमेन्स एसोसिएशन) के बैनर तले एक बड़ा विरोध मार्च निकाला गया, जिसमें दलित और पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल खड़े करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समाज में दलित और पिछड़ी महिलाओं को बराबरी का अधिकार और प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है, जिसे सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
इस दौरान भाकपा माले के नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और सरकार पर आरोप लगाया कि वह कमजोर वर्गों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मार्च के दौरान पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे और बड़े आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालने की अपील भी की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आंदोलनों से सामाजिक मुद्दों पर ध्यान जाता है और प्रशासन को कार्रवाई के लिए प्रेरित किया जाता है।
कुल मिलाकर, डुमरांव में हुआ यह विरोध मार्च सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है, जिसमें अब संगठित तरीके से आवाज उठाई जा रही है।












