पूर्व तृणमूल विधायक के 13.9 करोड़ के बैंक-डीमैट खाते फ्रीज: ED ने 15 ठिकानों पर मारा छापा; 40.50 लाख कैश और विदेशी मुद्रा भी जब्त

पूर्व TMC विधायक सब्यसाची दत्ता से जुड़े 150 बैंक-डीमैट खातों में 13.9 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए। ED ने 15 ठिकानों पर छापेमारी कर कैश भी जब्त किया।
पूर्व तृणमूल विधायक के 13.9 करोड़ के बैंक-डीमैट खाते फ्रीज: ED ने 15 ठिकानों पर मारा छापा; 40.50 लाख कैश और विदेशी मुद्रा भी जब्त
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पश्चिम बंगाल में पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और बिधाननगर के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि दत्ता और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 150 बैंक और डीमैट खातों में जमा लगभग 13.9 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज की गई है। इसके अलावा तलाशी अभियान के दौरान करीब 40.50 लाख रुपए नकद और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई है।

ED के मुताबिक यह कार्रवाई कथित वसूली यानी एक्सटॉर्शन रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। केंद्रीय एजेंसी ने 31 जुलाई को कोलकाता और आसपास के इलाकों में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इनमें सब्यसाची दत्ता से जुड़े परिसरों के अलावा उनके सहयोगियों और उनसे जुड़ी कंपनियों के कार्यालय एवं आवास भी शामिल थे। इसके अलावा हरियाणा के गुरुग्राम में भी एक परिसर की तलाशी ली गई थी।

एजेंसी का कहना है कि तलाशी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज, लेजर और डिजिटल डिवाइस मिले, जिनकी जांच की जा रही है। ED के मुताबिक इन दस्तावेजों से कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम यानी Proceeds of Crime को अलग-अलग संपत्तियों और निवेशों में लगाने के संकेत मिले हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर हासिल रकम को किन माध्यमों से अलग-अलग संपत्तियों और वित्तीय साधनों में लगाया गया।

ED ने कहा है कि यह जांच बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की गई। केंद्रीय एजेंसी ने जून 2026 में इस मामले में PMLA के तहत जांच दर्ज की थी। FIR में आरोप लगाया गया था कि सब्यसाची दत्ता और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर स्थानीय कारोबारियों से जबरन रकम वसूली। इन आरोपों की जांच अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से की जा रही है।

ED के अनुसार कथित वसूली से हासिल रकम का एक हिस्सा बाद में सोना, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड और अचल संपत्तियों जैसी परिसंपत्तियों में बदला गया। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम को अलग-अलग माध्यमों से निवेश करने के लिए कई संस्थाओं और कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी अब कथित वित्तीय लेनदेन की पूरी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

सब्यसाची दत्ता बिधाननगर क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह बिधाननगर नगर निगम के मेयर भी रह चुके हैं और तृणमूल कांग्रेस से विधायक रहे हैं। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ ED की कार्रवाई पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गई है।

मामले में ED की कार्रवाई का एक बड़ा पहलू बैंक और डीमैट खातों को फ्रीज किया जाना है। एजेंसी के अनुसार 9 अगस्त 2026 तक इन करीब 150 खातों में कुल 13.9 करोड़ रुपए का बैलेंस था। इन खातों पर कार्रवाई का मतलब है कि संबंधित धनराशि को फिलहाल इस्तेमाल या स्थानांतरित करने पर रोक लगा दी गई है। एजेंसी जांच पूरी होने तक इन वित्तीय लेनदेन और रकम के स्रोत की पड़ताल करेगी।

तलाशी के दौरान नकदी और विदेशी मुद्रा की बरामदगी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ED ने करीब 40.50 लाख रुपए कैश और 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा जब्त किए जाने की जानकारी दी है। इसके साथ ही एजेंसी ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी अपने कब्जे में लिए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाली जानकारी जांच में अहम हो सकती है।

ED की जांच में कथित शेल कंपनियों का भी जिक्र किया गया है। एजेंसी का कहना है कि कथित अपराध से अर्जित रकम को विभिन्न संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए दूसरी परिसंपत्तियों में लगाया गया। रिपोर्ट में Precision Buildcom Pvt Ltd, Softline Media Network Pvt Ltd और Avam Realty Private Limited जैसी कंपनियों का नाम सामने आया है। इन कंपनियों के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।

केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि कथित तौर पर वसूली गई रकम को सीधे रखने के बजाय उसे अलग-अलग निवेशों में बदला गया। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में एजेंसियां आम तौर पर इसी तरह रकम के मूल स्रोत और उसके अंतिम इस्तेमाल के बीच की कड़ी तलाशती हैं। इस मामले में भी ED बैंक खातों, डीमैट खातों, संपत्तियों, कंपनियों और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।

तलाशी अभियान के दौरान सोने से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी के हाथ लगने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में सब्यसाची दत्ता के आवास और बैंक लॉकर से करीब 3.5 किलो सोना मिलने तथा करीब 76 करोड़ रुपए के सोने की खरीद से संबंधित रसीदों का उल्लेख किया गया है। हालांकि इस हिस्से से जुड़े सभी दावों और दस्तावेजों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

ED की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि कथित तौर पर हासिल रकम किन लोगों तक पहुंची और किन परिसंपत्तियों में लगाई गई। इसके साथ ही उन कंपनियों और व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनके बैंक खातों या कारोबारी लेनदेन के जरिए रकम के ट्रांसफर का आरोप है।

मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में वित्तीय दस्तावेजों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैंक स्टेटमेंट, डीमैट अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड निवेश, संपत्ति खरीद और कंपनियों के लेनदेन से यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि किसी रकम का स्रोत क्या था और उसे बाद में कहां इस्तेमाल किया गया। ED की ओर से जब्त किए गए दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस इसी जांच में उपयोग किए जा सकते हैं।

फिलहाल ED की ओर से सामने रखी गई जानकारी आरोपों और जांच के स्तर पर है। किसी व्यक्ति के खिलाफ जांच या संपत्ति फ्रीज किए जाने का मतलब अपने आप में अपराध साबित होना नहीं होता। मामले में आगे की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति तय होगी।

पश्चिम बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पहले भी राजनीतिक बहस का विषय रही है। ऐसे में सब्यसाची दत्ता से जुड़े मामले में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है। हालांकि ED की कार्रवाई फिलहाल कथित वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच पर केंद्रित है।

सब्यसाची दत्ता से जुड़े करीब 150 बैंक और डीमैट खातों में 13.9 करोड़ रुपए फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अब जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि जांच में कथित अपराध से अर्जित रकम की और संपत्तियों या खातों तक पहुंच सामने आती है, तो ED आगे भी कार्रवाई कर सकती है।

तलाशी के दौरान जब्त डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर, हार्ड ड्राइव और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से वित्तीय लेनदेन, संपर्कों और कंपनियों के बीच हुए संवाद से जुड़े सुराग मिलने की संभावना रहती है। जांच एजेंसी इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर कथित वित्तीय नेटवर्क को समझने की कोशिश करेगी।

इस मामले में स्थानीय कारोबारियों से कथित वसूली के आरोप भी जांच के केंद्र में हैं। ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर किस तरह राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया और उससे हासिल रकम को किस माध्यम से वित्तीय परिसंपत्तियों में बदला गया। यदि एजेंसी को आरोपों के समर्थन में ठोस दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिलते हैं तो जांच आगे बढ़ सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा वित्तीय कदम करीब 13.9 करोड़ रुपए वाले बैंक और डीमैट खातों को फ्रीज करना है। इसके साथ नकदी और विदेशी मुद्रा की जब्ती ने भी मामले को गंभीर बना दिया है। अब ED की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इन सभी संपत्तियों और रकम का कथित अपराध से क्या संबंध है।

कुल मिलाकर, पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक सब्यसाची दत्ता और उनके सहयोगियों से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी के मुताबिक करीब 150 बैंक और डीमैट खातों में मौजूद 13.9 करोड़ रुपए फ्रीज किए गए हैं। 15 ठिकानों पर तलाशी के दौरान 40.50 लाख रुपए कैश, 17,200 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा और कई दस्तावेज व डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। ED का आरोप है कि कथित वसूली से हासिल रकम को सोना, FD, म्यूचुअल फंड और अचल संपत्तियों में लगाया गया। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच व न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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