ईरान में हिंसा जारी, डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की दी चेतावनी

ईरान में हिंसा जारी, डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की दी चेतावनी

ईरान में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें अब तक 600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश दिया।

World Update: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन (Protest) लगातार तीसरे सप्ताह भी जारी हैं। वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन ने अब तक बड़ी हिंसा को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन प्रदर्शनों में अब तक 600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस बीच अमेरिका लगातार ईरान पर निगरानी बनाए हुए है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे सैन्य कार्रवाई (Military Action) करने से नहीं डरेंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के कारण प्रदर्शनों का असर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती महंगाई और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन ने ईरानी सरकार को संकट में डाल दिया है। इसके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कठोर रुख अपनाया है और सैन्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर कदम उठाने का संकेत दिया है।

व्हाइट हाउस का रुख

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट (Caroline Leavitt) ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि पहले ईरान सरकार की धमकियों और बयानबाज़ी की पड़ताल (Assessment) की जाए। लीविट ने बताया कि ईरानी अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान और निजी संदेशों में अंतर है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे समझने और स्थिति का सही आकलन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

प्रेस सचिव ने कहा कि इसके बावजूद राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई करने से वे नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को यह बात अच्छी तरह से पता है कि अमेरिका अपने विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

ईरान पर अमेरिकी टैरिफ का दबाव

सिर्फ सैन्य चेतावनी ही नहीं, अमेरिका ने आर्थिक दबाव (Economic Pressure) भी बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 12 जनवरी 2026 को घोषणा की थी कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर अमेरिका के साथ किए जाने वाले व्यापार पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (Tariff) लगेगा।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट लिखा, 'तुरंत प्रभाव से इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जा रहे किसी भी और सभी व्यापार पर 25 फीसदी का टैरिफ देगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।' इस कदम का उद्देश्य ईरान के आर्थिक संसाधनों को सीमित करना और उसे दबाव में लाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक दबाव ईरान की सरकार और सेना दोनों पर असर डाल सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक और सैन्य विकल्प दोनों को एक साथ रखा गया है ताकि ईरान अपनी गतिविधियों को नियंत्रित करे।

रेड लाइन पर नजर

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करता है, तो यह उनकी रेड लाइन (Red Line) होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि ईरान लगातार इस रेड लाइन को पार कर रहा है, जिसके कारण व्हाइट हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम (National Security Team) सख्त विकल्पों पर विचार कर रही है।

कैरोलिन लीविट के अनुसार राष्ट्रपति पहले परखना चाहते हैं कि ईरान की धमकियों में कितना दम है। इस दौरान अमेरिकी सेना को स्टैंडबाय (Standby) मोड में रखा गया है। इसका मतलब है कि यदि तत्काल आवश्यकता हुई तो सेना किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार है।

युद्ध की तैयारियां

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने अमेरिकी चेतावनी के बीच कहा कि उनका देश युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। अराघची ने यह भी बताया कि ईरान बातचीत के लिए खुला है लेकिन इसे बराबरी और निष्पक्ष शर्तों पर होना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव में किसी भी छोटी चूक का असर व्यापक हो सकता है। प्रदर्शनकारी और सरकारी सुरक्षा बलों के बीच बढ़ते टकराव से हिंसा का स्तर बढ़ सकता है।

अमेरिका की रणनीति

अमेरिका फिलहाल दो कदम साथ में रख रहा है। पहला, ईरान की धमकियों और वास्तविक स्थिति की जांच। दूसरा, यदि जरूरत हुई तो सैन्य कार्रवाई। इस रणनीति का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना और उसे शांतिपूर्ण समाधान के लिए मजबूर करना है।

न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (Associated Press) के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि पहले हालात का सही आंकलन हो और केवल तभी सैन्य विकल्प पर विचार किया जाए।

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