द हंड्रेड में एलिस पेरी की नाबाद 62 रन की शानदार पारी के दम पर बर्मिंघम फीनिक्स ने MI लंदन को पांच विकेट से हरा दिया। फीनिक्स ने 121 रन का लक्ष्य चार गेंद नहीं, बल्कि छह गेंद शेष रहते हासिल किया।
The Hundred 2026: द हंड्रेड महिला प्रतियोगिता में बर्मिंघम फीनिक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए MI लंदन को पांच विकेट से हरा दिया। एडबास्टन में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत तक पहुंचाया। MI लंदन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 100 गेंदों में 6 विकेट पर 120 रन बनाए थे। जवाब में बर्मिंघम फीनिक्स ने शुरुआती झटकों के बावजूद धैर्य बनाए रखा और पेरी की बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया। फीनिक्स ने 121 रन का पीछा करते हुए छह गेंद शेष रहते पांच विकेट से मुकाबला अपने नाम किया।
39 गेंदों में 62 रन की नाबाद पारी
एलिस पेरी ने इस मुकाबले में अपनी क्लास और अनुभव का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 62 रन बनाए। अपनी पारी में पेरी ने सात चौके और दो छक्के लगाए।
फीनिक्स की पारी मुश्किल दौर में पहुंच गई थी, लेकिन पेरी ने एक छोर संभाले रखा और रन गति को बनाए रखा। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में शानदार शॉट खेले और अंत तक क्रीज पर डटी रहीं।
जब मैच रोमांचक स्थिति में पहुंचा, तब पेरी ने पहले मिड-ऑफ के ऊपर से चौका लगाकर स्कोर बराबर किया। इसके बाद उन्होंने शानदार स्कूप शॉट खेलकर टीम को जीत दिला दी। उनकी नाबाद पारी ने फीनिक्स के लिए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
MI लंदन की शुरुआत रही बेहद खराब
टॉस जीतकर लक्ष्य का पीछा करने का फैसला बर्मिंघम फीनिक्स के लिए शुरुआती दौर में फायदेमंद साबित हुआ। टीम की गेंदबाजों ने MI लंदन के बल्लेबाजी क्रम पर लगातार दबाव बनाया और कुछ ही समय में विपक्षी टीम के चार महत्वपूर्ण विकेट गिरा दिए।
MI लंदन का स्कोर एक समय 29 रन पर तीन विकेट और फिर 47 रन पर चार विकेट हो गया था। ऐसा लग रहा था कि टीम 100 रन के आंकड़े तक भी मुश्किल से पहुंच पाएगी।
हालांकि, वेस्टइंडीज की चिनेल हेनरी और MI लंदन की कप्तान हॉली आर्मिटेज ने पारी को संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 57 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को संकट से बाहर निकाला।
हेनरी और आर्मिटेज ने संभाली पारी
चिनेल हेनरी और हॉली आर्मिटेज की साझेदारी ने MI लंदन को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और फीनिक्स के गेंदबाजों पर दबाव कम किया।
दोनों की साझेदारी की बदौलत MI लंदन ने 120 रन का स्कोर खड़ा किया। पारी के अंतिम हिस्से में टीम ने कुछ उपयोगी रन जुटाए और फीनिक्स के सामने 121 रन का लक्ष्य रखा।
पहली पारी के बाद MI लंदन को उम्मीद थी कि उसके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव कर पाएंगे। फीनिक्स ने भी लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआती झटके झेले, लेकिन पेरी के अनुभव ने मैच का परिणाम बदल दिया।
फीनिक्स ने भी गंवाए शुरुआती विकेट
121 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बर्मिंघम फीनिक्स की शुरुआत भी पूरी तरह आसान नहीं रही। टीम ने एलिस कैप्सी और एम्मा लैम्ब के विकेट जल्दी गंवा दिए। इसके चलते फीनिक्स का स्कोर 48 रन पर चार विकेट हो गया।
इस स्थिति में MI लंदन की टीम मुकाबले में मजबूत नजर आने लगी थी। लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं था और फीनिक्स के चार विकेट गिर चुके थे। लेकिन एलिस पेरी ने अपनी पारी को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया और दबाव को विपक्षी टीम पर वापस डाल दिया।
फातिमा सना ने पेरी का दिया साथ
पेरी को पांचवें विकेट के लिए पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना का महत्वपूर्ण साथ मिला। दोनों ने मिलकर 66 रन की साझेदारी की और फीनिक्स को मुश्किल स्थिति से निकालकर जीत के करीब पहुंचाया।
फातिमा सना ने 32 गेंदों में 36 रन की उपयोगी पारी खेली। उन्होंने पेरी के साथ मिलकर रन गति को बनाए रखा और MI लंदन के गेंदबाजों को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
फातिमा टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकीं, लेकिन उनकी साझेदारी ने फीनिक्स की जीत की नींव तैयार कर दी। उनके आउट होने के बाद पेरी ने जिम्मेदारी संभाली और बाकी रन खुद पूरे किए।

आखिरी ओवरों में पेरी ने खत्म किया मैच
फीनिक्स को जीत के लिए अंतिम चरण में ज्यादा रन की जरूरत नहीं थी। पेरी ने बिना घबराए बल्लेबाजी जारी रखी और अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लक्ष्य तक पहुंचाया।
उन्होंने पहले चौका लगाकर स्कोर बराबरी पर पहुंचाया। इसके बाद एक शानदार और नियंत्रित स्कूप शॉट के जरिए विजयी रन हासिल किया। पेरी की नाबाद 62 रन की पारी ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि उन्हें मुकाबले की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी भी बना दिया।
मुश्किल अभियान में फीनिक्स की दूसरी जीत
यह बर्मिंघम फीनिक्स के लिए द हंड्रेड के इस सीजन में केवल दूसरी जीत है। टीम के लिए अब तक अभियान काफी मुश्किल रहा है, लेकिन MI लंदन के खिलाफ मिली जीत ने उसे अंक तालिका में महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई।
इस जीत के साथ फीनिक्स ने MI लंदन को पीछे छोड़ दिया और महिला तालिका में सबसे निचले स्थान पर रहने से भी बच गई। टीम के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है, खासकर तब जब प्रतियोगिता में उसके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है।
MI लंदन के लिए झटका
MI लंदन के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। टीम ने शुरुआती झटकों के बाद अच्छी वापसी करते हुए 120 रन बनाए थे। हेनरी और आर्मिटेज की साझेदारी ने उसे मुकाबले में वापस ला दिया था, लेकिन गेंदबाजी के दौरान पेरी को रोकने में टीम सफल नहीं हो सकी।
फीनिक्स की पारी के बीच में MI लंदन के पास जीत का मौका जरूर बना था, लेकिन पेरी और फातिमा की साझेदारी ने उस संभावना को खत्म कर दिया। पेरी के अंत तक नाबाद रहने से MI लंदन के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहा।
एलिस पेरी का अनुभव फिर आया काम
एलिस पेरी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सबसे अनुभवी और भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। इस मुकाबले में भी उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी टीम की पारी को संभाला और अंत तक टिककर मैच खत्म किया।
उनकी 39 गेंदों की नाबाद 62 रन की पारी में आक्रामकता और नियंत्रण दोनों नजर आए। सात चौकों और दो छक्कों के साथ पेरी ने यह साबित किया कि दबाव की स्थिति में अनुभव किस तरह मैच का परिणाम बदल सकता है।
बर्मिंघम फीनिक्स की इस जीत में पेरी की पारी सबसे बड़ा आकर्षण रही। वहीं फातिमा सना की उपयोगी पारी और गेंदबाजों के शुरुआती दबाव ने भी जीत की राह आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।










