एशियन गेम्स: 4x400 मीटर महिला रिले में भारत को गोल्ड, गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास

एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 4x400 मीटर महिला रिले में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण और गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीता।

भारत ने एशियन गेम्स में 4x400 मीटर महिला रिले में 3 मिनट 29.69 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड जीता। नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर मेडल की हैट्रिक पूरी की।

Asian games; भारत ने एशियन गेम्स में 4x400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने फाइनल रेस 3 मिनट 29.69 सेकेंड में पूरी की। इस जीत के साथ एशियन गेम्स में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या छह हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह दिन कई उपलब्धियों से भरा रहा। 4x400 मीटर महिला रिले में गोल्ड के अलावा गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल की हैट्रिक पूरी करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बने। वहीं, नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के खाते में एक और स्वर्ण जोड़ा।

4x400 मीटर महिला रिले में भारत का शानदार प्रदर्शन

भारतीय महिला टीम ने 4x400 मीटर रिले रेस में दमदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड के समय के साथ रेस पूरी की। इस स्वर्ण पदक के साथ एशियन गेम्स में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या छह पहुंच गई है। भारतीय एथलीटों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत की है।

महिला रिले टीम की यह उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण है। 4x400 मीटर रिले जैसी टीम स्पर्धा में खिलाड़ियों के बीच तालमेल, गति और अंतिम चरण तक प्रदर्शन बनाए रखना निर्णायक होता है। भारतीय टीम ने इन सभी पहलुओं में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।

भारत ने लगातार छठी बार पार किया 50 मेडल का आंकड़ा

मंगलवार को भारत ने एशियन गेम्स में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। भारतीय दल ने लगातार छठी बार 50 मेडल का आंकड़ा पार किया।

एशियन गेम्स का आयोजन हर चार साल में किया जाता है। वर्ष 2006 से भारत हर बार एशियन गेम्स में 50 या उससे ज्यादा मेडल जीत रहा है। इस तरह 50 से अधिक पदक हासिल करने का सिलसिला लगातार छठे संस्करण तक पहुंच गया है।

भारत के लिए यह उपलब्धि एशियाई खेलों में उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को दर्शाती है। एथलेटिक्स, शूटिंग और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता से पदकों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है।

गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में जीता ब्रॉन्ज

एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने भी भारत को पदक दिलाया। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

गुलवीर के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास रहा है। इससे पहले वह 10 हजार मीटर और 1500 मीटर स्पर्धाओं में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।

5000 मीटर में ब्रॉन्ज के साथ गुलवीर सिंह ने अपने पदकों की संख्या तीन कर ली। वह एशियन गेम्स में मेडल की हैट्रिक पूरी करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक बन गए हैं।

उनके प्रदर्शन ने भारत के एथलेटिक्स अभियान को भी मजबूती दी। अलग-अलग दूरी की स्पर्धाओं में पदक जीतना गुलवीर की बहुमुखी क्षमता को दर्शाता है।

नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड

शूटिंग में नीरू ढांडा ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने विमेंस ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया।

नीरू इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि प्रतियोगिता से सिर्फ 10 दिन पहले वह फ्लू की वजह से अस्पताल में भर्ती थीं।

अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान नीरू की तबीयत इतनी खराब थी कि वह पांच दिनों तक कुछ खा-पी नहीं पाई थीं। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में वापसी की और गोल्ड मेडल हासिल किया।

कोच मनशेर सिंह की सलाह ने बढ़ाया आत्मविश्वास

बीमारी के दौरान नीरू को अपने कोच मनशेर सिंह का समर्थन मिला। कोच ने उन्हें बीमारी और उससे जुड़ी परेशानियों को पीछे छोड़कर प्रतियोगिता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद नीरू ने अपने कोच की सलाह को याद करते हुए कहा, ‘मनशेर सर ने बस यही कहा कि जो हुआ उसे भूल जाओ और निशाने पर ध्यान लगाओ, और मैंने वही किया।’

नीरू के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से उबरने के सिर्फ कुछ दिनों बाद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शीर्ष स्थान हासिल किया।

शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या बढ़ी

नीरू ढांडा के गोल्ड के साथ शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या भी बढ़ गई है। इस खेल में भारत को अब तक दो गोल्ड मेडल मिल चुके हैं।

एशियन गेम्स में भारत का पहला गोल्ड पिस्टल शूटिंग के मिक्स्ड इवेंट में आया था। इसके बाद नीरू ढांडा ने विमेंस ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला गोल्ड मेडल जीता।

शूटिंग में भारत अब तक आठ सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुका है। इस तरह शूटिंग में भारत के कुल पदकों की संख्या 14 हो गई है।

व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत का पहला गोल्ड

नीरू ढांडा का स्वर्ण पदक भारत के लिए इस एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला गोल्ड भी है। इससे पहले भारत को शूटिंग के मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड मिला था।

नीरू की जीत ने भारतीय शूटिंग अभियान को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दी है। फ्लू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रतियोगिता में वापसी करते हुए गोल्ड जीतना उनके प्रदर्शन को और उल्लेखनीय बनाता है।

भारत के लिए पदकों से भरा दिन

4x400 मीटर महिला रिले में गोल्ड, नीरू ढांडा का ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण और गुलवीर सिंह का 5000 मीटर में ब्रॉन्ज भारत के लिए एशियन गेम्स के इस चरण को खास बनाते हैं।

एक ओर भारतीय महिला रिले टीम ने टीम स्पर्धा में गोल्ड हासिल किया, वहीं नीरू ढांडा ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर अपनी उपलब्धि दर्ज की। दूसरी ओर गुलवीर सिंह ने तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में एक नया रिकॉर्ड कायम किया।

इन उपलब्धियों के साथ भारत ने छह गोल्ड मेडल का आंकड़ा छू लिया है और लगातार छठी बार एशियन गेम्स में 50 से अधिक पदक जीतने की उपलब्धि भी दर्ज की है।

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