West Bengal: शुभेंदु अधिकारी ने बदला सबुज साथी योजना का नाम, 11वीं-12वीं के छात्रों को मोबाइल के लिए नहीं मिलेंगे ₹10 हजार

West Bengal: शुभेंदु अधिकारी सरकार ने ‘सबुज साथी’ योजना का नाम बदलकर ‘सारथी’ किया है। वहीं 11वीं-12वीं के छात्रों को मोबाइल के लिए मिलने वाली ₹10 हजार की मदद

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य सरकार चालू शैक्षणिक वर्ष में सारथी योजना के तहत 12.59 लाख छात्रों को साइकिल वितरित करेगी।

West Bengal: पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने स्कूली शिक्षा से जुड़ी दो महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर बड़े बदलावों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हावड़ा में साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की ‘सबुज साथी’ योजना का नाम बदलकर ‘सारथी’ करने की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, चालू शैक्षणिक वर्ष में इस योजना के तहत 12.59 लाख छात्रों को साइकिल दी जाएगी।

इसके अलावा सरकार ने कक्षा 11 और 12 के छात्रों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए दी जाने वाली ₹10,000 की वित्तीय सहायता बंद करने का फैसला भी स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि मोबाइल फोन की जगह छात्रों को पढ़ाई के लिए उपयोगी तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है।

सबुज साथी का नया नाम अब ‘सारथी’

शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘सारथी’ योजना की शुरुआत की। यह योजना मूल रूप से छात्रों को स्कूल आने-जाने में सुविधा देने के उद्देश्य से साइकिल उपलब्ध कराने से जुड़ी रही है। केंद्र सरकार के National Portal of India के अनुसार, पुरानी Sabooj Sathi योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों तथा मदरसों के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को साइकिल उपलब्ध कराई जाती रही है।

नई सरकार ने अब इसका नाम बदलकर ‘सारथी’ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू शैक्षणिक वर्ष में 12.59 लाख छात्रों तक साइकिल पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार ने स्कूलों के लिए करीब ₹300 करोड़ का संयुक्त अनुदान देने की बात भी कही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकार पर योजना के तहत घटिया गुणवत्ता की साइकिलें खरीदने का आरोप लगाया। 

यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है। उन्होंने हावड़ा में बेहतर गुणवत्ता वाली साइकिल निर्माण सुविधा के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात भी कही।

11वीं और 12वीं के छात्रों को नहीं मिलेंगे मोबाइल के लिए ₹10 हजार

शुभेंदु अधिकारी ने स्कूली छात्रों के लिए चल रही मोबाइल सहायता योजना को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया है। पूर्ववर्ती सरकार के ‘तरुणेर स्वप्नो’ (Taruner Swapno) कार्यक्रम के तहत कक्षा 11 और 12 के छात्रों को तकनीकी उपकरण खरीदने के लिए ₹10,000 की सहायता दी जाती थी। पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में भी इस योजना के तहत छात्रों को स्मार्टफोन/टैबलेट जैसे उपकरणों के लिए सहायता का उल्लेख मिलता है।

सितंबर में अधिकारी ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार अब छात्रों को मोबाइल फोन खरीदने के लिए यह राशि नहीं देगी। इसके बजाय शिक्षा के लिए जरूरी आधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने का विकल्प तैयार किया जा सकता है।

मोबाइल फोन की जगह शैक्षणिक डिवाइस पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्कूलों में छात्रों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के लिए तकनीक के इस्तेमाल के खिलाफ नहीं है, लेकिन छात्रों को सामान्य मोबाइल फोन देने के बजाय ऐसे उपकरण उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से पढ़ाई के लिए किया जा सके।

अधिकारी ने स्कूलों में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण के लिए गुजरात मॉडल का भी उल्लेख किया है। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि स्कूलों में फोन के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जाना चाहिए।

Leave a comment