एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बुधवार को तीन गोल्ड मेडल जीते। महिला कंपाउंड टीम, चिकिता तनिपार्थी-साहिल जाधव और नीरू ढांडा-किनान चेनाई ने स्वर्ण दिलाया। इन जीतों के साथ भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या 9 पहुंच गई।
Asian Games; एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर भारत के लिए बेहद सफल दिन रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने बुधवार को तीरंदाजी और शूटिंग में लगातार तीन गोल्ड मेडल जीतकर पदक अभियान को मजबूती दी। दिन की शुरुआत महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण से हुई। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल राजेश जाधव की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम में गोल्ड जीता। इसके बाद नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत को तीसरा स्वर्ण दिलाया।
इन उपलब्धियों के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल की संख्या 9 पहुंच गई। तीरंदाजी में महिला कंपाउंड टीम की जीत के बाद भारत ने इस स्पर्धा में अपना खिताब भी बरकरार रखा। वहीं, कंपाउंड मिक्स्ड टीम की जीत भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल हुआ।
नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम में जीता गोल्ड
नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दिन का तीसरा गोल्ड दिलाया। दोनों ने फाइनल में बेहतरीन निशाने लगाए और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
नीरू ढांडा के लिए यह एशियन गेम्स का दूसरा गोल्ड है। इससे पहले उन्होंने महिला ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उस जीत के साथ वह इस स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।
अब मिक्स्ड टीम गोल्ड के साथ नीरू ने एशियन गेम्स में अपना दूसरा स्वर्ण हासिल कर लिया है। उनके साथ किनान चेनाई ने भी भारतीय शूटिंग अभियान में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी।
चिकिता-साहिल ने शूट-ऑफ में दिलाया दूसरा गोल्ड
इससे पहले कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में चिकिता तनिपार्थी और साहिल राजेश जाधव ने दक्षिण कोरिया की जोड़ी को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता।
निर्धारित चार एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 रहा, जिसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ। निर्णायक शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने 20-19 से जीत दर्ज की।
चिकिता के लिए यह एशियन गेम्स का दूसरा गोल्ड मेडल है, जबकि साहिल जाधव का यह पहला स्वर्ण है। इस जीत के साथ भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा।
इस जीत का एक और महत्व है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पदार्पण करने की स्थिति में भारत ने इस जीत के जरिए कोटा हासिल किया है।
महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर जीता गोल्ड
दिन का पहला गोल्ड भारत की महिला कंपाउंड टीम ने जीता। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया।
भारतीय टीम ने मुकाबले में शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और चारों एंड में लगातार दबाव बनाए रखा। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में महिला कंपाउंड टीम का खिताब बरकरार रखा।
भारतीय टीम का 238 का स्कोर इस स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के बराबर बताया गया था। हालांकि, ताजा रिपोर्टों में इस प्रदर्शन को पुराने दक्षिण कोरियाई रिकॉर्ड से आगे निकलने वाला नया रिकॉर्ड भी बताया गया है। इसलिए रिकॉर्ड के आधिकारिक सत्यापन के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
भारत के 9 गोल्ड में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी
भारतीय महिला खिलाड़ियों की इस एशियन गेम्स में स्वर्ण पदकों में अहम भूमिका रही है। नीरू ढांडा के दो गोल्ड और कंपाउंड आर्चरी की उपलब्धियों ने भारत के स्वर्ण पदक अभियान को मजबूती दी है।
शूटिंग, तीरंदाजी और अन्य मिश्रित टीम स्पर्धाओं में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी से भारत के कुल स्वर्ण पदकों में महिलाओं की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में विशेष रूप से तीरंदाजी और शूटिंग का योगदान लगातार देखने को मिला है। 30 सितंबर को दोनों खेलों ने भारत के पदक अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लवलीना बोरगोहेन फाइनल में पहुंचीं
बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना अब स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वह दूसरी बार एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंची हैं। पिछले एशियन गेम्स में वह गोल्ड जीतने से चूक गई थीं।
उनके फाइनल में पहुंचने के साथ भारत के खाते में एक और पदक पक्का हो गया है। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक पर होगी।
प्रिया घंघास ने जीता ब्रॉन्ज
महिलाओं के 60 किलोग्राम बॉक्सिंग वर्ग में भारत की प्रिया घंघास को सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंगयू के खिलाफ 1-4 से हार मिली। इस हार के बावजूद प्रिया ने प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
प्रिया ने मुकाबले की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की, लेकिन उनके कई पंच सही निशाने तक नहीं पहुंच सके। चीनी मुक्केबाज ने नजदीकी दूरी पर मजबूत डिफेंस के जरिए भारतीय खिलाड़ी के हमलों को रोकने में सफलता हासिल की।
जूडो में अस्मिता डे ब्रॉन्ज की दौड़ में
जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन अस्मिता डे ने रेपेचेज मुकाबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल मैच में जगह बनाई। उन्होंने हांगकांग की वोंग का ली को युको के जरिए हराया।
अब अस्मिता ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में मंगोलिया की गनबातारिन नारंतसेत्सेग का सामना करेंगी।
कुश्ती में निशा का अभियान खत्म
महिला 48 किलोग्राम वर्ग में भारत की निशा को रेपेचेज मुकाबले में दक्षिण कोरिया की पार्क ह्योनयॉन्ग से हार का सामना करना पड़ा। पार्क ने फॉल के जरिए 5-0 से जीत दर्ज की।
निशा मुकाबले के शुरुआती हिस्से में बढ़त बनाने में सफल रही थीं, लेकिन बाद में पार्क ने उन्हें मैट पर चित कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ निशा का एशियन गेम्स अभियान समाप्त हो गया।
भारत के लिए तीरंदाजी और शूटिंग का शानदार दिन
30 सितंबर का दिन भारतीय खेल दल के लिए खास तौर पर तीरंदाजी और शूटिंग की वजह से यादगार रहा। महिला कंपाउंड टीम ने चीन को हराकर गोल्ड जीता, जबकि चिकिता और साहिल ने शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराया। इसके बाद नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक हासिल किया।
तीन गोल्ड के अलावा बॉक्सिंग में लवलीना के फाइनल में पहुंचने और प्रिया घंघास के ब्रॉन्ज जीतने से भी भारत का पदक अभियान मजबूत हुआ है। एशियन गेम्स में प्रतियोगिता जारी है और भारतीय खिलाड़ी कई अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं।










