बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर AI पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी है। राज्यपाल ने विशेषज्ञ कमेटी बनाने का निर्देश दिया है, जिसमें AI, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग जैसे विषय शामिल होंगे।
पटना: बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए राज्यपाल और कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार करने का निर्देश दिया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत राज्य के 483 अंगीभूत कॉलेजों में छात्रों को AI और डेटा साइंस सहित कई आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे।
बिहार के 483 कॉलेजों में AI पाठ्यक्रम की तैयारी
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्यपाल और कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। यह कमेटी AI से जुड़े पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार करने के साथ नए विषयों को शामिल करने पर सुझाव देगी।
बिहार लोक भवन के एक अधिकारी के अनुसार, आने वाले समय में राज्य के सभी 483 अंगीभूत कॉलेजों में AI एंड डेटा साइंस, रोबोटिक्स एंड IoT और BSc-AI या BCA-AI जैसे विषय पाठ्यक्रम का हिस्सा बन सकते हैं।
विशेषज्ञ कमेटी तैयार करेगी पाठ्यक्रम का प्रारूप
विशेषज्ञ कमेटी देश की प्रमुख प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज के पाठ्यक्रमों का अध्ययन करके बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए AI आधारित सिलेबस का प्रारूप तैयार करेगी। इसके आधार पर विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग समेत अन्य डिग्री पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे।
कमेटी भविष्य में जरूरी होने वाले नए विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने को लेकर सुझाव देगी। इसका उद्देश्य छात्रों को बदलती तकनीकी जरूरतों और आधुनिक रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।
AI पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे ये विषय
स्नातक स्तर पर BTech, BCA और BSc जैसे पाठ्यक्रमों में AI पर विशेष फोकस किए जाने की तैयारी है। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर MTech के सिलेबस में भी AI से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
प्रस्तावित AI पाठ्यक्रम में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा माइनिंग और विजुअलाइजेशन, बिग डेटा एनालिटिक्स, इंटेलिजेंट रोबोटिक्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और इंट्रोडक्शन टू AI जैसे विषय शामिल किए जाएंगे।
पाठ्यक्रम में भविष्य की तकनीकी और रोजगार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अन्य नए विषय भी जोड़े जा सकते हैं। इसका लक्ष्य छात्रों को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप आवश्यक तकनीकी ज्ञान और कौशल उपलब्ध कराना है।











