ईडी ने 734 करोड़ रुपये के कथित GST घोटाले से जुड़े मामले में झारखंड के जमशेदपुर और कोलकाता के चार ठिकानों पर छापेमारी की। जांच फर्जी कंपनियों और नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट के इस्तेमाल से जुड़े मामले में हो रही है।
रांची: 734 करोड़ रुपये के GST घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार सुबह झारखंड और बंगाल में चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई जमशेदपुर के तीन और कोलकाता के एक ठिकाने पर की जा रही है। ईडी की जांच पूर्व में गिरफ्तार कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य आरोपितों से जुड़े फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले पर केंद्रित है।
734 करोड़ के GST घोटाले में ED की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की रांची टीम ने 734 करोड़ रुपये के GST घोटाले से जुड़े मामले में बुधवार सुबह झारखंड और पश्चिम बंगाल में कार्रवाई शुरू की। एजेंसी की टीम जमशेदपुर में तीन और कोलकाता में एक ठिकाने पर छापेमारी कर रही है।

यह कार्रवाई पूर्व में गिरफ्तार कारोबारी शिव कुमार देवड़ा और अन्य आरोपितों से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की जांच कथित तौर पर फर्जी कंपनियों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन पर केंद्रित है।
ज्ञान चंद जायसवाल और अकाउंटेंट से जुड़े ठिकाने निशाने पर
जिन स्थानों पर ईडी की कार्रवाई चल रही है, वे ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके अकाउंटेंट संजय पारेख और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े बताए गए हैं।
ईडी की जांच में सामने आया था कि ज्ञान चंद जायसवाल ने वास्तविक सामान की आपूर्ति किए बिना ऐसी कंपनियों से इनवॉइस हासिल किए, जो वास्तव में अस्तित्व में नहीं थीं। इन कथित फर्जी इनवॉइस के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने का आरोप है।
एजेंसी की छापेमारी अभी जारी है और कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों तथा अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
135 फर्जी कंपनियों के जरिए 5,000 करोड़ के चालान का मामला
ईडी के अनुसार, पूरा मामला 135 कागजी कंपनियों के जरिए करीब 5,000 करोड़ रुपये के फर्जी चालान जारी करने और 734 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने से जुड़ा है।
जुलाई 2025 में ईडी ने इस मामले में जमशेदपुर के विक्की भालोटिया और कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा तथा अमित गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट में मामले से संबंधित जानकारी दी थी।
उस समय एजेंसी ने 29 लाख रुपये की नकदी जब्त करने और 135 फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में मौजूद 63 करोड़ रुपये फ्रीज कराने की जानकारी दी थी। इसके अलावा कथित तौर पर फर्जी तरीके से हासिल इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए खरीदी गई 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी जब्त की गई थी।
8 मई 2025 को चार कारोबारी हुए थे गिरफ्तार
ईडी ने 8 मई 2025 को छापेमारी के बाद जमशेदपुर के जुगसलाई के कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया तथा कोलकाता के शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इन्हें मामले का मास्टरमाइंड बताया था।
गिरफ्तारी के दौरान हुई कार्रवाई में 29 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसके अलावा कई राज्यों में बनाई गई 135 फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में जमा 63 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए थे। एजेंसी ने 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी जब्त की थी।
DGGI की शिकायतों के बाद शुरू हुई मनी लॉन्ड्रिंग जांच
इस मामले में ईडी से पहले जीएसटी खुफिया महानिदेशालय यानी DGGI जमशेदपुर ने कई शिकायतें दर्ज की थीं। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर GST धोखाधड़ी से जुड़े एक सिंडिकेट का पता चलने के बाद ईडी ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की।
DGGI ने वर्ष 2023 में की गई कार्रवाई के दौरान फर्जी बिलों के आधार पर करीब 734 करोड़ रुपये के GST घोटाले से जुड़े मामले की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और सबसे पहले जमशेदपुर के कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया गया। बाद में कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा, अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल ईडी की टीम चार ठिकानों पर छापेमारी कर मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।











