Faridabad में 10 दिन से जलभराव, सूरजवैली के 100 परिवार परेशान, बच्चों को कंधों पर जाना पड़ रहा स्कूल

Faridabad के सूरजवैली में 10 दिन से जलभराव से 100 परिवार परेशान हैं। बच्चों को कंधों पर स्कूल ले जाना पड़ रहा, कुछ परिवार किराये पर रहने लगे हैं।

फरीदाबाद के सूरजवैली में 10 दिनों से जलभराव के कारण करीब 100 परिवार प्रभावित हैं। सड़े पानी के बीच बच्चों को कंधों पर स्कूल ले जाना पड़ रहा है, जबकि कुछ परिवार घर छोड़कर किराये के मकानों में रहने लगे हैं।

फरीदाबाद: सूरजवैली में पिछले 10 दिनों से जलभराव के कारण करीब 100 परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाके में पानी सड़कर हरा हो गया है और आवाजाही प्रभावित है। बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए परिजन उन्हें कंधों पर उठाकर पानी पार कराते हैं। जलभराव और बीमारी के खतरे के चलते कुछ परिवार अपने घर खाली कर किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।

10 दिन से जलभराव में फंसे हैं 100 परिवार

फरीदाबाद के तिगांव विधानसभा क्षेत्र के शिवदुर्गा विहार स्थित सूरजवैली में पिछले 10 दिनों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इलाके के करीब 100 परिवारों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। बारिश के बाद जमा पानी अब सड़कर हरा हो गया है, जिससे दुर्गंध और मच्छरों की समस्या भी बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र निचले हिस्से में होने के कारण बारिश के दौरान आसपास के ऊंचे इलाकों और पहाड़ी क्षेत्र से पानी यहां जमा हो जाता है। पानी की निकासी नहीं होने से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

पुरुष और युवा किसी तरह पानी पार कर रहे हैं, लेकिन महिलाओं और बुजुर्गों के लिए स्थिति ज्यादा मुश्किल है। कई जगह लोगों ने अस्थायी रास्ते या पुल बनाकर आवाजाही का इंतजाम किया है।

बच्चों को कंधों पर स्कूल ले जाने की मजबूरी

जलभराव का सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। स्थानीय परिवारों का कहना है कि पानी इतना गहरा और गंदा है कि छोटे बच्चों का उसमें से पैदल निकलना संभव नहीं है। ऐसे में अभिभावक बच्चों को कंधों पर उठाकर स्कूल तक पहुंचा रहे हैं।

कुछ परिवारों ने बताया कि बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण कई बच्चे बीमार भी पड़ चुके हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक जमा और सड़े पानी से डेंगू, मलेरिया समेत अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

मोटर खराब होने के बाद नहीं हुई पानी की निकासी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर साल बारिश के बाद मोटर लगाकर इलाके से पानी निकाला जाता था। आमतौर पर दो से तीन दिन में जलभराव की स्थिति सामान्य हो जाती थी।

लोगों का दावा है कि पिछले साल पानी निकालने वाली मोटर खराब हो गई थी, लेकिन उसे दोबारा ठीक नहीं कराया गया। इस बार बारिश के बाद जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पानी लगातार जमा रहा और अब सड़ने लगा है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इसी वजह से जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर होती गई।

बीमारी के डर से घर छोड़कर किराये पर रहने लगे लोग

जलभराव और सड़ चुके पानी से परेशान कुछ परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं। ये लोग फिलहाल किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार के बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

लोगों ने नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव के समय नेता इलाके में वोट मांगने आते हैं, लेकिन जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं की समस्या के दौरान उनकी पर्याप्त मौजूदगी नहीं दिखाई देती।

पार्षद और मंत्री ने जल्द समाधान का दिया भरोसा

सूरजवैली के पार्षद हरेंद्र भड़ाना ने बताया कि क्षेत्र निचले हिस्से में है और यहां पानी काफी मात्रा में जमा है। उन्होंने कहा कि पानी निकालने के लिए पहले उस स्थान को व्यवस्थित करना होगा, जहां पानी डाला जाना है।

पार्षद के अनुसार, पिछले साल खराब हुई मोटर को 30 हजार रुपये खर्च कर ठीक कराया गया था। उन्होंने जल्द ही पानी निकालने का काम शुरू कराने की बात कही है।

हरियाणा के खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने भी जलभराव की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सूरजवैली से पानी निकालने के लिए मोटर लगाई जाएगी और नगर निगम अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।

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