‘हुंकार’ की कहानी 17 साल की मीनू रावत के इर्द-गिर्द बुनी गई है। मीडिया से बातचीत में फातिमा ने कहा कि यह बेहद अच्छी तरह लिखी गई कहानी है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: फातिमा सना शेख ने बाल कलाकार के रूप में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और समय के साथ अलग-अलग तरह के किरदारों के जरिए अपनी पहचान बनाई। ‘चाची 420’ से बतौर बाल कलाकार शुरुआत करने के बाद उन्होंने ‘दंगल’ सहित कई चर्चित फिल्मों में काम किया। अब अभिनेत्री वेब सीरीज ‘हुंकार’ में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाती नजर आ रही हैं। गंभीर सामाजिक विषय पर आधारित इस सीरीज में फातिमा का किरदार कहानी को एक अलग नजरिया देता है।
‘हुंकार’ की कहानी 17 वर्षीय मीनू रावत के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में एक संवेदनशील मुद्दे को अलग-अलग किरदारों की नजर से दिखाने की कोशिश की गई है। एक बातचीत में फातिमा ने बताया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी कहानी और किरदारों की विविधता लगी।
एक ही घटना को अलग नजरिए से दिखाती है कहानी
फातिमा के मुताबिक, ‘हुंकार’ की कहानी किसी एक किरदार के नजरिए तक सीमित नहीं रहती। इसमें पीड़ित मीनू के अलावा पुलिस और कानूनी व्यवस्था से जुड़े किरदारों की भी अपनी आवाज है। अभिनेत्री का मानना है कि एक ही घटना या परिस्थिति को अलग-अलग लोग अलग तरीके से देखते हैं और सीरीज इसी अंतर को सामने लाती है।
उन्होंने कहा कि भले ही इस तरह के विषय पर पहले भी कहानियां बनाई गई हों, लेकिन ‘हुंकार’ में कई किरदारों के दृष्टिकोण को जगह दी गई है। उनके अनुसार, यही पहलू कहानी को दिलचस्प बनाता है और दर्शकों को घटना को कई स्तरों पर समझने का मौका देता है।
‘एक्शन और कट के बीच ही मेरा काम होता है’

गंभीर और संवेदनशील विषय पर काम करने के दौरान सेट का माहौल कैसा रहता है, इस सवाल पर फातिमा ने अभिनय की अपनी प्रक्रिया के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि शूटिंग से पहले संवाद याद करने और तैयारी के दौरान तनाव जरूर रहता है, लेकिन कैमरा शुरू होने के बाद वह पूरी तरह किरदार पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
अभिनेत्री के मुताबिक, ‘एक्शन’ और ‘कट’ के बीच ही उनका वास्तविक काम होता है। कई टेक देने के बाद कलाकार अपने किरदार और सीन की लय पकड़ लेता है। इसके बाद अभिनय ज्यादा सहज महसूस होने लगता है। शूटिंग के बाहर वह खुद को सामान्य और खुश रखने की कोशिश करती हैं।
अभिनय को मानती हैं कई जिंदगी जीने का मौका
फातिमा सना शेख के लिए अभिनय केवल एक पेशा नहीं, बल्कि अलग-अलग अनुभव हासिल करने का माध्यम भी है। उनका कहना है कि एक अभिनेता हर दिन कुछ नया सीखता और खुद को बदलता है। अभिनेत्री के अनुसार, किसी किरदार को निभाते समय कलाकार कुछ समय के लिए उस व्यक्ति की जिंदगी और अनुभवों को महसूस करता है।
ऐसे कई अनुभव अभिनय के जरिए मिलते हैं, जो शायद वास्तविक जीवन में हासिल करना संभव न हो। इसी वजह से वह मानती हैं कि अभिनेता एक ही जिंदगी में कई अलग-अलग जिंदगियां जीने का अवसर पाते हैं।
‘मैं हमेशा से बहुत विद्रोही रही हूं’
फातिमा अपनी बेबाकी के लिए भी जानी जाती हैं। अपनी शख्सियत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा से विद्रोही स्वभाव की रही हैं और जो महसूस किया, उसे कहने से पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपने परिवार के माहौल को भी इसके पीछे महत्वपूर्ण बताया। अभिनेत्री के मुताबिक, उनके माता-पिता ने उन्हें और उनके भाई को बराबरी का माहौल दिया।
परिवार से मिलने वाले इस समर्थन ने उन्हें अपनी बात रखने का आत्मविश्वास दिया। उनका मानना है कि जब किसी व्यक्ति को घर में बराबरी और समर्थन मिलता है, तो वह बाहरी दुनिया में भी अपनी बात मजबूती से रख सकता है।










