पूर्व One Nation उम्मीदवार परमिंदर सिंह ने समलैंगिकता पर टिप्पणी के लिए मांगी माफी

ऑस्ट्रेलिया में One Nation के पूर्व उम्मीदवार परमिंदर सिंह ने समलैंगिक लोगों को मानसिक बीमारी बताने वाली टिप्पणी पर माफी मांगी। पार्टी ने बयान से दूरी बना ली।

ऑस्ट्रेलिया में One Nation के पूर्व उम्मीदवार परमिंदर सिंह ने समलैंगिक लोगों को मानसिक बीमारी से जोड़ने वाली टिप्पणी के लिए माफी मांगी। विवाद के बाद पार्टी ने उनके बयान से दूरी बनाई और उनका प्रोफाइल वेबसाइट से हटा दिया गया।

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में One Nation के पूर्व उम्मीदवार परमिंदर सिंह ने समलैंगिक लोगों को मानसिक बीमारी से जोड़ने वाली अपनी विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी है। उनकी टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया और पार्टी ने उनसे दूरी बना ली। ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में One Nation के पूर्व उम्मीदवार परमिंदर सिंह विवादित टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक आलोचना के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने एक वीडियो इंटरव्यू में समलैंगिक लोगों के बारे में ऐसी टिप्पणी की, जिसे व्यापक रूप से आपत्तिजनक और समलैंगिक-विरोधी माना गया। विवाद बढ़ने के बाद सिंह ने अपनी बात पर खेद जताते हुए माफी मांगी और कहा कि उन्हें इसे तथ्य के रूप में पेश नहीं करना चाहिए था।

 क्या है पूरा मामला

परमिंदर सिंह ने 2025 के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य चुनाव में विधान परिषद की एक सीट के लिए One Nation के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह निर्वाचित नहीं हो सके। हालिया Secret Harbour उपचुनाव के दौरान भी वह पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उनका एक वीडियो इंटरव्यू सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

सोशल मीडिया पर सुनी बात को बताया आधार

वीडियो में जब सिंह से पूछा गया कि क्या उनका मानना है कि लोग जन्म से समलैंगिक होते हैं, तो उन्होंने इसका जवाब नकारात्मक रूप से दिया और समलैंगिकता को मानसिक बीमारी से जोड़ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वह ऐसी बात सोशल मीडिया पर सुन चुके थे।

बाद में अपनी प्रतिक्रिया में सिंह ने माना कि उन्हें इस दावे को तथ्य के रूप में पेश नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों का सम्मान करते हैं और उनका मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में हर व्यक्ति को गरिमा, समानता और सम्मान के साथ अपनी जिंदगी जीने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

उन्होंने अपनी टिप्पणी को लेकर खेद जताते हुए कहा कि वह लोगों का अपमान करने का इरादा नहीं रखते थे। हालांकि, विवादित वीडियो के सामने आने के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठने लगे।

प्राथमिक शिक्षा को लेकर भी की टिप्पणी

विवादित इंटरव्यू में सिंह से समलैंगिक लोगों की परेड और इससे उनके व्यक्तिगत रूप से प्रभावित होने के बारे में भी सवाल किया गया था। उन्होंने इसे युवाओं के लिए एक तरह का विज्ञापन बताया और प्राथमिक स्कूलों में इस विषय से जुड़ी शिक्षा पर भी आपत्ति जताई।

सिंह ने बाद में कहा कि वह सभी लोगों को स्वीकार और सम्मान करते हैं, लेकिन प्राथमिक विद्यालयों में इस तरह की शिक्षा या प्रस्तुति को पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति से वीडियो प्रकाशित नहीं करने के लिए कहा था।

हालांकि, वीडियो बनाने वाले पर्थ के कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर Jasky Singh, जिन्हें Mr Sikkant के नाम से जाना जाता है, ने इस दावे पर अलग जानकारी दी। उनके अनुसार, वीडियो प्रकाशित किए जाने से पहले सिंह को इसका ड्राफ्ट उपलब्ध कराया गया था और उन्होंने किसी हिस्से को हटाने का अनुरोध नहीं किया था।

बाद में कुछ वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिए गए। कंटेंट क्रिएटर ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वह पूरे विवाद के सिंह और उनके परिवार पर पड़ रहे प्रभाव को ध्यान में रखना चाहते थे।

One Nation ने बनाई दूरी

विवाद सामने आने के बाद One Nation ने परमिंदर सिंह की टिप्पणियों से दूरी बना ली। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया कि सिंह के बयान पार्टी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।

One Nation WA के नेता रॉड कैडिज ने कहा कि समलैंगिक लोगों को समाज में समान महसूस करने का अधिकार है। पार्टी की वेबसाइट से भी सिंह का प्रोफाइल हटा दिया गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की सार्वजनिक टिप्पणियों और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर लगातार निगरानी बढ़ी है। उम्मीदवारों की व्यक्तिगत टिप्पणियां अक्सर उनके राजनीतिक दल की छवि और नीतियों से जोड़कर देखी जाती हैं।

2025 चुनाव में लड़ चुके हैं उम्मीदवार

परमिंदर सिंह 2025 के पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य चुनाव में One Nation के विधान परिषद टिकट पर तीसरे नंबर के उम्मीदवार थे। हालांकि, वह चुनाव जीतने में सफल नहीं हुए।

वर्तमान विवाद से पहले वह Secret Harbour उपचुनाव में पार्टी के लिए प्रचार गतिविधियों में शामिल थे। विवादित वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद उनका पार्टी से जुड़ा ऑनलाइन प्रोफाइल हटा दिया गया, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठे हैं।

One Nation की ओर से यह संकेत देने की कोशिश की गई कि सिंह की टिप्पणियां पार्टी के आधिकारिक रुख को प्रतिबिंबित नहीं करतीं। पार्टी ने समानता और सम्मान के सिद्धांत पर जोर दिया।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में राजनीतिक प्रतिक्रिया

मामले पर पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के Labor मंत्री जॉन कैरी ने भी प्रतिक्रिया दी। कैरी खुले तौर पर समलैंगिक हैं और उन्होंने सिंह की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें One Nation से ऐसी भाषा सुनकर आश्चर्य नहीं हुआ।

कैरी ने आरोप लगाया कि One Nation में इस तरह के विचार रखने वाले उम्मीदवारों को पहले भी मौका मिलता रहा है। उन्होंने पार्टी की विचारधारा और उम्मीदवारों के चयन को लेकर तीखी टिप्पणी की।

हालांकि, One Nation ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि सिंह की टिप्पणी पार्टी के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती। इस तरह यह मामला एक उम्मीदवार की व्यक्तिगत टिप्पणी से आगे बढ़कर ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में विचारधारात्मक मतभेदों का मुद्दा बन गया है।

माफी के बाद भी विवाद खत्म नहीं

परमिंदर सिंह की माफी के बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त होता दिखाई नहीं दे रहा है। समलैंगिकता को मानसिक बीमारी से जोड़ने वाला उनका बयान वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से व्यापक रूप से अस्वीकार्य माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दशकों पहले समलैंगिकता को मानसिक बीमारी के वर्गीकरण से हटा दिया था।

सिंह ने अपनी टिप्पणी को वापस लेते हुए सम्मान और समानता की बात कही है। लेकिन राजनीतिक उम्मीदवारों की सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल बने हुए हैं। खासतौर पर सोशल मीडिया के दौर में किसी उम्मीदवार की टिप्पणी तेजी से व्यापक दर्शकों तक पहुंच सकती है और राजनीतिक दलों पर भी उसका असर पड़ सकता है।

यह मामला ऑस्ट्रेलिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक विचारधारा और LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों से जुड़े व्यापक विमर्श को भी सामने लाता है। One Nation के लिए भी यह घटना उम्मीदवारों की सार्वजनिक छवि और पार्टी की आधिकारिक स्थिति के बीच अंतर स्पष्ट करने की चुनौती बन गई है।

फिलहाल सिंह ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगते हुए कहा है कि वह हर व्यक्ति के सम्मान और समानता में विश्वास करते हैं। दूसरी ओर, पार्टी ने उनके बयान से दूरी बना ली है। विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर कितनी सावधानी बरतनी चाहिए।

 

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