फ्रांस में जंगल की आग ने बढ़ाई चिंता, 40°C हीटवेव के बीच गिरोंद क्षेत्र में राहत कार्य तेज

फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में भीषण जंगल की आग के बीच 40°C हीटवेव की चेतावनी। हजारों दमकलकर्मी राहत कार्य में जुटे, लाखों लोग प्रभावित और पर्यटन पर भी असर।

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी गिरोंद (Gironde) क्षेत्र में भड़क रही भीषण जंगल की आग ने प्रशासन और राहत एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लगातार कई दिनों से जल रहे जंगलों के बीच अब मौसम विभाग ने क्षेत्र में 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की चेतावनी दी है, जिससे आग के और तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है। दमकल विभाग के अनुसार, हजारों अग्निशमन कर्मी दिन-रात आग बुझाने में लगे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तेज हवाएं, सूखा मौसम और अत्यधिक गर्मी राहत कार्यों को और कठिन बना रहे हैं।

"डेविड बनाम गोलियथ जैसी लड़ाई"

फ्रांस के राष्ट्रीय अग्निशमन महासंघ के प्रवक्ता एरिक ब्रोकार्डी ने आग की भयावहता का वर्णन करते हुए कहा कि यह लड़ाई "डेविड और गोलियथ" जैसी है। उनका कहना है कि आग की तीव्रता इतनी अधिक है कि हर घंटे नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल के सप्ताहों में देशभर में राहत कार्यों के दौरान चार दमकलकर्मियों की मौत हो चुकी है। केवल गिरोंद क्षेत्र में ही लगभग 2,000 अग्निशमन कर्मियों को तैनात किया गया है।

फिर भड़की आग, खतरा अभी टला नहीं

गिरोंद क्षेत्र की प्रीफेक्ट सोफी ब्रोका ने बताया कि जिन इलाकों में पहले आग पर आंशिक रूप से नियंत्रण पा लिया गया था, वहां मंगलवार को फिर से कई स्थानों पर आग भड़क उठी। उन्होंने कहा कि स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों के अनुसार, नई हीटवेव आग को दोबारा भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

40°C तापमान से बढ़ेगी मुश्किल

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि फ्रांस में इस गर्मी की चौथी हीटवेव बुधवार से शुरू होगी। गिरोंद और आसपास के इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक गर्मी, कम नमी और तेज हवाएं जंगल की आग को और अधिक खतरनाक बना सकती हैं। इसी कारण प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

स्पेन और पुर्तगाल भी आग की चपेट में

फ्रांस के अलावा पड़ोसी स्पेन और पुर्तगाल भी जंगल की आग से जूझ रहे हैं। स्पेन में पिछले सप्ताह आग के कारण 70,000 से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे। हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थिति सुधरने के बाद लगभग 44,000 लोगों को वापस लौटने की अनुमति दे दी गई है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि अभी चुनौतीपूर्ण समय जारी है, लेकिन हालात धीरे-धीरे बेहतर होने लगे हैं। वहीं पुर्तगाल के गार्डा क्षेत्र में लगभग 400 दमकलकर्मी तीन अलग-अलग मोर्चों पर लगी आग बुझाने में जुटे हुए हैं।

बोर्दो शहर फिलहाल सुरक्षित, लेकिन चिंता बरकरार

फ्रांस का प्रमुख शहर बोर्दो (Bordeaux) फिलहाल सीधे आग की चपेट में नहीं आया है। हालांकि आग शहर की सीमा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुकी थी, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई। राहत अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने कहा कि यदि मौसम और खराब हुआ तो महानगरीय क्षेत्र पर भी खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच शहर की वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। धुएं और राख के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने मास्क पहनना शुरू कर दिया है।

धुएं और राख से प्रभावित हुआ जनजीवन

स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के अनुसार, हवा में धुएं और राख की मात्रा इतनी अधिक थी कि कई लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गए। बोर्दो के कई कैफे और रेस्तरां को अस्थायी रूप से अपने दरवाजे बंद करने पड़े क्योंकि राख लगातार हवा के साथ अंदर पहुंच रही थी। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटन उद्योग पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं या समय से पहले क्षेत्र छोड़ दिया है।

हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

प्रशासन के अनुसार, तटीय क्षेत्रों के कई कैंपिंग स्थलों को खाली करा लिया गया है। केवल लाकानो (Lacanau) क्षेत्र से लगभग 4,000 पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। पिछले कुछ दिनों में पूरे फ्रांस में लगभग 2.2 लाख लोगों को एहतियात के तौर पर निकाला जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आग से अब तक लगभग 240 घर और इमारतें क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं।

सरकार ने स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की

फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने कहा कि सरकार वायु प्रदूषण की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और धुएं से बचाव के लिए स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल की आग से निकलने वाला धुआं बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए अधिक खतरनाक हो सकता है।

आग लगाने के संदेह में गिरफ्तारियां

फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, जंगल की आग से जुड़े मामलों में 6 जुलाई से अब तक 184 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक 23 वर्षीय युवक भी शामिल है, जिस पर दक्षिणी फ्रांस के वार क्षेत्र में आग लगाने का आरोप है। दोष सिद्ध होने पर उसे 15 वर्ष तक की जेल हो सकती है। सरकार का कहना है कि प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ मानव लापरवाही और जानबूझकर आग लगाने की घटनाओं की भी गंभीर जांच की जा रही है।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

बोर्दो के आसपास स्थित कई वाइन उत्पादकों और पर्यटन व्यवसायों ने बताया कि धुएं और आग की वजह से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। स्थानीय उद्योगों का कहना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो पर्यटन, होटल, रेस्तरां और वाइन कारोबार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में लगातार बढ़ रही हीटवेव और सूखे की घटनाएं जंगल की आग की तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ा रही हैं। ऐसे में भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अधिक प्रभावी रणनीति, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होगी।

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