वाराणसी-गंगा में रोजा इफ्तार करने के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। सभी आरोपी करीब 60 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। वहीं अन्य 6 आरोपियों की याचिका पर अब 18 मई को सुनवाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार करने के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद चर्चा में आया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े दस्तावेज और पक्षों की दलीलें सुनीं, जिसके बाद 8 लोगों को राहत दी गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई थी।
जमानत मिलने की खबर के बाद आरोपियों के परिवारों में राहत का माहौल देखा गया। परिजनों का कहना है कि वे लंबे समय से अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर चर्चा तेज है। कुछ लोग अदालत के फैसले का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ अब भी मामले को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में इस मामले ने काफी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा बटोरी थी। कई संगठनों और नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत का मतलब आरोपों से पूरी तरह बरी होना नहीं होता, बल्कि सुनवाई पूरी होने तक कानूनी राहत देना होता है।
न्यायालय अब शेष आरोपियों की याचिकाओं पर अगली सुनवाई में फैसला करेगा।
फिलहाल जमानत पाने वाले आरोपियों के जेल से बाहर आने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।










