गाजा में ताजा इजरायली हवाई हमलों में कई लोगों के मारे जाने की खबर है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हमास ने प्रस्तावित निरस्त्रीकरण योजना स्वीकार की है, लेकिन युद्धविराम और स्थायी शांति को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
गाजा: गाजा पट्टी में एक बार फिर इजरायली हवाई हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कई बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। हमले गाजा सिटी, खान यूनिस और दीर अल-बलह जैसे इलाकों में हुए, जहां कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा। गाजा के सिविल डिफेंस विभाग का कहना है कि हमलों के बाद राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं। दूसरी ओर, इजरायल का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई केवल हमास से जुड़े सैन्य ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर की जा रही है।
इजरायल का दावा—हमास के लड़ाके बनाए गए निशाना
इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा है कि हालिया अभियान के दौरान हमास के दो लड़ाके मारे गए। सेना के अनुसार, इनमें एक हमास की विशेष नुखबा यूनिट से जुड़ा था, जबकि दूसरा मगाजी बटालियन का सदस्य था। इसके अलावा उत्तरी गाजा में पिछले सप्ताह एक अलग अभियान में जबालिया बटालियन से जुड़े एक अन्य लड़ाके को भी मार गिराने का दावा किया गया है। आईडीएफ का कहना है कि ये सभी कथित तौर पर इजरायल के खिलाफ भविष्य में हमलों की योजना बना रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
फिलिस्तीनी पक्ष ने नागरिकों की मौत का दावा किया
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गाजा सिटी में एक आवासीय भवन पर हुए हमले में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हुई। वहीं उत्तरी गाजा के जबालिया क्षेत्र के पास एक अन्य व्यक्ति के मारे जाने की भी सूचना है। खान यूनिस में एक मकान पर हुए हमले में एक दंपति और उनका नौ वर्षीय बेटा मारा गया। इसके अलावा दीर अल-बलह में एक अपार्टमेंट पर हुए हमले में एक पुरुष और एक महिला की जान चली गई। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि कई अन्य लोग घायल हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
निरस्त्रीकरण योजना के बीच बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में हमास ने अमेरिका की मध्यस्थता से प्रस्तावित एक निरस्त्रीकरण योजना को स्वीकार करने की सहमति जताई है। इस योजना के तहत हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के भारी हथियारों को चरणबद्ध तरीके से जमा कराने तथा गाजा में नई प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इस शांति योजना का उद्देश्य गाजा युद्ध को समाप्त करना, इजरायली सैनिकों की वापसी सुनिश्चित करना और युद्धग्रस्त क्षेत्र के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना है। हालांकि, इस समझौते के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी भी अमल शुरू नहीं हुआ है और व्यावहारिक चुनौतियां बनी हुई हैं।
इजरायल का रुख अब भी सख्त
इजरायल सरकार के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिए हैं कि केवल प्रस्ताव स्वीकार कर लेने से सैन्य कार्रवाई नहीं रुकेगी। इजरायल का कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह अपने हथियार नहीं छोड़ता और सुरक्षा संबंधी सभी शर्तों का पालन नहीं करता, तब तक अभियान जारी रह सकता है। सरकार के कुछ नेताओं ने यह भी कहा है कि यदि हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं होता, तो गाजा पर इजरायल का सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखना आवश्यक होगा।
शांति योजना में क्या है प्रस्ताव?
अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार की गई बहु-चरणीय शांति योजना में कई प्रमुख बिंदु शामिल हैं। इनमें युद्धविराम, हमास का निरस्त्रीकरण, इजरायली सैनिकों की वापसी, गाजा के पुनर्निर्माण और एक स्वतंत्र प्रशासनिक ढांचे की स्थापना का प्रस्ताव है।
योजना के अनुसार भारी हथियारों, हथियार निर्माण केंद्रों, गोला-बारूद भंडार और सुरंगों की सूची तैयार कर उन्हें सुरक्षित निगरानी में रखा जाएगा। इसके साथ ही गाजा के प्रशासन की जिम्मेदारी स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों वाली एक फिलिस्तीनी राष्ट्रीय समिति को सौंपने का भी प्रस्ताव है। हालांकि, हथियारों के हस्तांतरण की वास्तविक प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और समयसीमा जैसे कई पहलुओं पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
युद्धविराम के बावजूद जारी हिंसा
हाल के महीनों में युद्धविराम की कई कोशिशें हुई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हिंसा पूरी तरह नहीं रुक सकी। फिलिस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्ष लागू युद्धविराम के बाद भी एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मानवीय संगठनों ने भी नागरिकों की सुरक्षा, राहत सामग्री की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता जताई है। गाजा में बड़ी संख्या में लोग अब भी विस्थापित हैं और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
मध्य पूर्व की स्थिति पर दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की नजर बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाएं लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थायी समाधान के लिए बातचीत जारी रखने की अपील कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित शांति योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह क्षेत्र में लंबे समय से जारी संघर्ष को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। हालांकि, इसके लिए सभी पक्षों का भरोसा और व्यावहारिक सहयोग आवश्यक होगा।












