ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में बारिश का कहर, खिलाड़ियों ने भीगे ट्रैक पर दिखाया जज्बा

CWG 2026 में भारी बारिश के बावजूद खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। एमी हंट ने 100 मीटर सिल्वर जीता और एसेमे ने रिकॉर्ड बनाया। 40 शब्दों का न्यूज पैराग्राफ

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारी बारिश और खराब मौसम के बीच एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड की एमी हंट ने 100 मीटर में सिल्वर जीता, जबकि कैमरून के इमैनुएल एसेमे ने रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड हासिल किया।

CWG 2026: ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भारी बारिश ने खिलाड़ियों और आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश, पानी से भरे ट्रैक और ठंडे मौसम के बीच एथलीटों ने शानदार जज्बा दिखाया। कई खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों से जूझना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कई ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिले। इंग्लैंड की एमी हंट ने महिलाओं की 100 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर अपने देश को गौरवान्वित किया। खराब मौसम के बीच उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और बताया कि उन्होंने खुद को गर्म रखने के लिए डीप हीट का इस्तेमाल किया था।

बारिश के बीच एमी हंट का शानदार प्रदर्शन

100 मीटर रेस के बाद एमी हंट ने बताया कि दौड़ से पहले उनके पैरों पर डीप हीट लगा हुआ था, जिससे उन्हें गर्माहट महसूस हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के मौसम में शरीर को तैयार रखना बेहद जरूरी था। बारिश और ठंड के बावजूद हंट ने शानदार दौड़ लगाई और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हंट इससे पहले पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में 200 मीटर में भी सिल्वर जीत चुकी हैं। ग्लासगो में उनका यह प्रदर्शन उनके मजबूत मानसिक स्तर को दिखाता है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों को एक जैसी परिस्थितियों में दौड़ना था और चुनौती को स्वीकार करना ही सफलता की कुंजी थी।

खराब मौसम ने बढ़ाई खिलाड़ियों की परेशानी

ग्लासगो में जहां ब्रिटेन के कई हिस्से गर्मी की चौथी लहर की तैयारी कर रहे थे, वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स का एथलेटिक्स स्टेडियम भारी बारिश से जूझ रहा था। एथलीट मीडिया से बातचीत के दौरान ठंड से कांपते नजर आए। ऑस्ट्रेलिया की हाई जंप चैंपियन एलेनोर पैटरसन को ठंड से बचने के लिए स्कॉटिश स्कार्फ पहनना पड़ा। वहीं, अधिकारियों को ट्रैक से पानी हटाने के लिए लगातार मेहनत करनी पड़ी। कई जगहों पर पानी जमा हो गया था, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ा।

पुरुषों की 100 मीटर में एसेमे का रिकॉर्ड

कैमरून के इमैनुएल एसेमे ने खराब मौसम के बावजूद पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 9.83 सेकंड का समय निकालकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। यह इस साल का तीसरा सबसे तेज समय भी रहा और अफ्रीकी धावकों की ऑल टाइम सूची में उन्हें तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया। एसेमे ने कहा कि परिस्थितियां बेहद खराब थीं, लेकिन सभी खिलाड़ियों को समान चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने शिकायत करने के बजाय अपना ध्यान प्रदर्शन पर रखा।

10,000 मीटर दौड़ में दिखा संघर्ष

बारिश का सबसे ज्यादा असर पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में देखने को मिला। दौड़ के दौरान ट्रैक पर पानी जमा हो गया था और कई खिलाड़ी फिसलने की स्थिति में थे। युगांडा के सैमुअल सिम्बा चेरोप का जूता निकल गया, जिसके बाद उन्हें बाकी 15 लैप एक गीले मोजे के साथ पूरे करने पड़े। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और सातवें स्थान पर दौड़ पूरी की। इस स्पर्धा में आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। यह ट्रैक एंड फील्ड में उनके देश का पहला कॉमनवेल्थ मेडल था।

कई खिलाड़ियों को करना पड़ा संघर्ष

खराब मौसम ने कई खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित किया। इंग्लैंड की मॉर्गन लेक हाई जंप में अपनी तीनों कोशिशों में बार पार नहीं कर सकीं। वहीं स्कॉटलैंड के स्टीवन स्टोन को भी लॉन्ग जंप में परेशानी हुई। नॉर्दर्न आयरलैंड की केट ओ'कॉनर ने बताया कि गीले मौसम में शॉट पुट करना बेहद मुश्किल था। उन्होंने कहा कि गीला चॉक हाथों में साबुन जैसा महसूस हो रहा था, जिससे पकड़ कमजोर हो गई। उन्होंने माना कि वह अपने प्रशिक्षण के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाईं।

मुश्किल परिस्थितियों में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन

जहां कई खिलाड़ियों को परेशानी हुई, वहीं कुछ एथलीटों ने विपरीत परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। केट ओ'कॉनर ने बाद में 200 मीटर दौड़ में शानदार वापसी की और 24.14 सेकंड का समय निकालकर हेप्टाथलॉन में पहला स्थान हासिल किया  कनाडा की कैमरिन रोजर्स ने भी बारिश के बीच महिला हैमर थ्रो में 74.91 मीटर की दूरी तय कर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया।

आयोजकों के लिए भी बड़ी चुनौती

बारिश के कारण आयोजकों को कई बार प्रतियोगिताएं रोकनी पड़ीं। हैमर थ्रो और हाई जंप जैसे इवेंट कुछ समय के लिए स्थगित किए गए ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्वयंसेवकों और अधिकारियों ने लगातार ट्रैक से पानी हटाने का काम किया ताकि प्रतियोगिता जारी रह सके। इसके बावजूद आयोजन सफलतापूर्वक आगे बढ़ा और खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

यादगार बनी ग्लासगो की बारिश वाली रात

एमी हंट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में मानसिक मजबूती सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी ठंड और बारिश में एक ही शुरुआती लाइन पर खड़े थे, इसलिए बहाने बनाने की कोई जगह नहीं थी। ग्लासगो स्टेडियम में मौजूद कुछ स्थानीय दर्शक देर रात तक डटे रहे और अंतिम राष्ट्रगान तक खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते रहे। भारी बारिश, ठंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यह रात कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यादगार बन गई, जहां खिलाड़ियों ने दिखाया कि असली चैंपियन किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।

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