Global Peace Index 2026 में दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों की सूची जारी की गई है, जिसमें इस बार भी यूरोप का दबदबा देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्तर पर शांति का वितरण असमान बना हुआ है, और कई क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है।
World News: इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी Global Peace Index 2026 रिपोर्ट ने वैश्विक शांति पर एक बार फिर महत्वपूर्ण तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष दुनिया के कई हिस्सों में शांति का स्तर असमान रहा, जबकि दक्षिण एशिया को सबसे अधिक गिरावट वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया का औसत शांति स्कोर 2.3 प्रतिशत तक खराब हुआ है, जो इस क्षेत्र में बढ़ते राजनीतिक तनाव, आंतरिक संघर्ष, सीमा विवाद और सामाजिक अस्थिरता को दर्शाता है।
दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति कमजोर
Global Peace Index 2026 के अनुसार, दक्षिण एशिया में शांति के स्तर में गिरावट दुनिया के अन्य क्षेत्रों की तुलना में सबसे अधिक रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट कई देशों में घरेलू राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और क्षेत्रीय तनाव के कारण देखने को मिली है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ देशों में सुधार के बावजूद क्षेत्रीय औसत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
भूटान: दक्षिण एशिया का सबसे शांतिपूर्ण देश
दक्षिण एशिया में भूटान ने एक बार फिर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भूटान को विश्व स्तर पर 16वां स्थान प्राप्त हुआ है।हालांकि देश के स्कोर में 0.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अब भी क्षेत्रीय औसत से काफी बेहतर है। राजनीतिक स्थिरता, कम जनसंख्या दबाव और संतुलित विकास मॉडल ने भूटान को क्षेत्र का सबसे शांत देश बनाए रखा है।
श्रीलंका ने इस वर्ष उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। देश का शांति स्कोर 2.3 प्रतिशत बेहतर हुआ, जिसके परिणामस्वरूप वह वैश्विक रैंकिंग में 67वें स्थान पर पहुंच गया। आर्थिक स्थिरता, महंगाई में कमी और कर्ज पुनर्गठन जैसे कदमों ने श्रीलंका की स्थिति को मजबूत किया है। यह सुधार उसे दक्षिण एशिया में दूसरा सबसे शांतिपूर्ण देश बनाता है।
नेपाल: सबसे बड़ी गिरावट में से एक
नेपाल के लिए यह वर्ष चिंताजनक रहा। रिपोर्ट के अनुसार देश का शांति स्कोर 9.1 प्रतिशत गिर गया, जो दुनिया की सबसे तेज गिरावटों में से एक है। नेपाल की रैंकिंग गिरकर 111वें स्थान पर पहुंच गई। इसके पीछे राजनीतिक प्रदर्शन, सामाजिक असंतोष और हालिया सरकार विरोधी आंदोलनों को प्रमुख कारण बताया गया है।
Global Peace Index 2026 में बांग्लादेश को 117वां स्थान मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में राजनीतिक अस्थिरता, सार्वजनिक प्रदर्शनों और आंतरिक तनाव ने इसकी रैंकिंग को प्रभावित किया है। हालांकि हाल के महीनों में कुछ स्थिरता के संकेत दिखाई दिए हैं, लेकिन दीर्घकालिक सुधार अभी चुनौती बना हुआ है।

भारत: पड़ोसियों से भी पीछे, 127वें स्थान पर
भारत इस वर्ष Global Peace Index में 127वें स्थान पर रहा, जिसमें 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शांति स्कोर में गिरावट का मुख्य कारण संघर्ष से जुड़े संकेतकों में गिरावट और आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां हैं। भारत अपने कई पड़ोसी देशों—भूटान, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश—से पीछे रहा है, जो क्षेत्रीय तुलना में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
पाकिस्तान की स्थिति इस वर्ष और कमजोर हुई है। देश का स्कोर 5.5 प्रतिशत गिरा और वह 152वें स्थान पर पहुंच गया। आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं। वहीं, अफगानिस्तान दक्षिण एशिया का सबसे कम शांतिपूर्ण देश बना हुआ है और वैश्विक रैंकिंग में 157वें स्थान पर है। हालांकि शासन परिवर्तन के बाद कुछ राजनीतिक स्थिरता के संकेत मिले हैं, लेकिन सुरक्षा और सीमा संघर्ष अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
दुनिया के 10 सबसे शांतिपूर्ण देश
Global Peace Index 2026 के अनुसार, दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देशों की सूची इस प्रकार है:
- आइसलैंड
- न्यूजीलैंड
- स्विट्जरलैंड
- स्लोवेनिया
- आयरलैंड
- ऑस्ट्रिया
- पुर्तगाल
- सिंगापुर
- फिनलैंड
- जापान
इन देशों में मजबूत संस्थागत व्यवस्था, कम हिंसा, राजनीतिक स्थिरता और उच्च सामाजिक सुरक्षा को प्रमुख कारण माना गया है।












