अगर आप सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आज का अपडेट आपके लिए अहम है। 1 जून 2026 (सोमवार) को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
बिजनेस न्यूज़: वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग में बदलाव के बीच 1 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली है। निवेशकों और ज्वैलरी खरीदारों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कीमतों में लगातार बदलाव जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में आर्थिक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (safe haven) मांग के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
सोने की कीमतों में हल्की तेजी
आज देश में 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोने की कीमत लगभग ₹15,703 प्रति ग्राम दर्ज की गई है। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹14,394 प्रति ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। 18 कैरेट सोने की कीमत भी शहरों के अनुसार अलग-अलग स्तर पर देखी गई है, जो औसतन ₹11,700 से ₹12,300 प्रति ग्राम के बीच रही।
- चेन्नई: 24K ₹15,959 | 22K ₹14,629 | 18K ₹12,274
- मुंबई: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- दिल्ली: 24K ₹15,718 | 22K ₹14,409 | 18K ₹11,792
- कोलकाता: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- बेंगलुरु: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- हैदराबाद: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- केरल: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- पुणे: 24K ₹15,703 | 22K ₹14,394 | 18K ₹11,777
- वडोदरा: 24K ₹15,708 | 22K ₹14,399 | 18K ₹11,782
- अहमदाबाद: 24K ₹15,708 | 22K ₹14,399 | 18K ₹11,782
चांदी की कीमतों में भी मजबूती

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती दर्ज की गई है। देश में चांदी का औसत भाव लगभग ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के आसपास रहा। वहीं 925 शुद्धता वाली चांदी की कीमत लगभग ₹2,74,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंची। चांदी का उपयोग केवल आभूषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसकी भारी मांग रहती है, जिससे इसकी कीमतों पर सीधा असर पड़ता है। प्रमुख शहरों में चांदी का भाव
- दिल्ली: ₹2,799
- मुंबई: ₹2,799
- कोलकाता: ₹2,799
- चेन्नई: ₹2,899
मार्केट विश्लेषकों के अनुसार, सोना अभी भी सुरक्षित निवेश (safe haven asset) के रूप में मजबूत विकल्प बना हुआ है। वहीं चांदी औद्योगिक मांग से अधिक प्रभावित होती है, जिससे इसमें अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।











