दूसरी शादी के बाद मोनिका यादव पहली बार पति गौरव चौधरी के साथ मेरठ के नौचंदी मेले पहुंचीं। दोनों का स्वागत किया गया और उन्होंने हरियाणवी कलाकार रेणुका पवार का डांस शो देखा। इस दौरान उन्होंने लोगों से मुलाकात कर मेले का आनंद लिया।
मेरठ: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़े दो चर्चित चेहरों, मोनिका यादव और गौरव चौधरी ने शादी के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से एक साथ मेरठ में उपस्थिति दर्ज कराई। हाल ही में विवाह बंधन में बंधे इस दंपति ने रविवार को मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का दौरा किया, जहां समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
लाल साड़ी में नजर आईं मोनिका यादव और उनके पति गौरव चौधरी ने मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया, लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव प्रदर्शित किया। यह कार्यक्रम केवल एक निजी यात्रा नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया।
हिमाचल प्रदेश में हुई थी निजी विवाह समारोह
मोनिका यादव और गौरव चौधरी ने 28 मई को हिमाचल प्रदेश में पारिवारिक समारोह के बीच विवाह किया था। शादी को बेहद निजी रखा गया और इसमें केवल दोनों परिवारों के सदस्य शामिल हुए। किसी बड़े राजनीतिक नेता या सार्वजनिक हस्ती को औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था।
यह दोनों की दूसरी शादी है। मोनिका यादव का पूर्व में समाजवादी पार्टी के सांसद Dharmendra Yadav से विवाह हुआ था, जबकि गौरव चौधरी भी अपनी पहली पत्नी से कानूनी रूप से अलग हो चुके हैं।
शादी के कुछ दिनों बाद दोनों का मेरठ दौरा उनकी नई जीवन यात्रा की पहली सार्वजनिक झलक माना जा रहा है।
नौचंदी मेले में हुआ भव्य स्वागत
मेरठ पहुंचने पर नौचंदी मेले में समर्थकों ने नवविवाहित दंपति का फूलों के गुलदस्तों के साथ स्वागत किया। दोनों ने मेले के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
उन्होंने प्रसिद्ध हरियाणवी गायिका और कलाकार Renuka Panwar के लाइव प्रस्तुति कार्यक्रम को भी देखा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दोनों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और शुभकामनाएं दीं।
मोनिका यादव ने कहा कि उन्हें मेरठ के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मेले को देखने का अवसर मिला, जो उनके लिए एक विशेष अनुभव है। वहीं गौरव चौधरी ने बताया कि वे चाहते थे कि मोनिका क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को करीब से जानें।
2027 के चुनावों पर दिया संतुलित जवाब
मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों से आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर भी सवाल पूछे गए।
गौरव चौधरी ने कहा कि फिलहाल दोनों जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में चुनाव लड़ने को लेकर जो भी निर्णय होगा, वह पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुरूप लिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं की लोकप्रियता और सक्रियता उन्हें भविष्य में बड़ी राजनीतिक भूमिकाओं की ओर ले जा सकती है।
राजनीतिक परिवार से आती हैं मोनिका यादव
मोनिका यादव उत्तर प्रदेश के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता Narendra Singh Yadav राज्य की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और कई बार विधायक तथा मंत्री रह चुके हैं।
उनके दादा राजेंद्र सिंह यादव भी प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे। इस प्रकार मोनिका यादव राजनीतिक विरासत की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं।
उनका परिवार लंबे समय तक समाजवादी राजनीति से जुड़ा रहा, लेकिन बाद के वर्षों में उनकी राजनीतिक दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला।
समाजवादी पार्टी से भाजपा तक का सफर
मोनिका यादव पहले समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई थीं। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत संबंधों के कारण उनका नाम लंबे समय तक समाजवादी राजनीति से जुड़ा रहा।
हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। भाजपा के समर्थन से उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष पद हासिल किया और स्थानीय राजनीति में अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित की।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
जर्मनी से मेरठ तक का सफर
गौरव चौधरी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। मेरठ के एक गांव से निकलकर उन्होंने जर्मनी में उच्च शिक्षा प्राप्त की और वहां सफल कारोबारी के रूप में पहचान बनाई।
अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय की पढ़ाई के बाद उन्होंने होटल, रियल एस्टेट और थोक व्यापार जैसे क्षेत्रों में बड़ा व्यवसाय खड़ा किया। कई वर्षों तक विदेश में रहने के बावजूद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया।
देश लौटने के कुछ ही महीनों बाद उन्होंने स्थानीय राजनीति में प्रवेश किया और जिला पंचायत सदस्य चुने गए। बाद में वे मेरठ के जिला पंचायत अध्यक्ष बने।
उनकी प्रशासनिक और व्यावसायिक पृष्ठभूमि ने उन्हें स्थानीय स्तर पर अलग पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री आवास में हुई थी पहली मुलाकात
मोनिका यादव और गौरव चौधरी की पहली मुलाकात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में हुई थी।
यह कार्यक्रम जिलों के विकास मॉडल और स्थानीय प्रशासनिक नवाचारों पर आधारित था। दोनों को उनके प्रशासनिक और पेशेवर अनुभव के आधार पर आमंत्रित किया गया था।
सूत्रों के अनुसार विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे व्यक्तिगत संबंधों में बदल गई। समय के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आए और अंततः विवाह का निर्णय लिया।
नौचंदी मेला: सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
मेरठ का नौचंदी मेला उत्तर भारत के सबसे पुराने मेलों में से एक माना जाता है। लगभग चार सदियों से आयोजित हो रहा यह मेला सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।
इस मेले की विशेषता यह है कि यहां धार्मिक और सांस्कृतिक समन्वय की परंपरा दिखाई देती है। मेले में विभिन्न समुदायों की भागीदारी इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
हर वर्ष लाखों लोग यहां पहुंचते हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्यापारिक गतिविधियों तथा मनोरंजन के विभिन्न साधनों का आनंद लेते हैं।










