14 अगस्त को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। महंगाई के लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की आशंका के चलते बाजार में मौद्रिक सख्ती की उम्मीद बढ़ी है।
बिजनेस न्यूज़: घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं के भाव करीब 1 फीसदी तक नीचे आ गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली और महंगाई को लेकर बनी चिंताओं ने बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ाया।
सुबह करीब 9:15 बजे MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 0.69 फीसदी की गिरावट के साथ ₹1,52,406 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह सितंबर डिलीवरी की चांदी 0.85 फीसदी टूटकर ₹2,33,455 प्रति किलोग्राम पर आ गई। सोने और चांदी में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब हाल के कारोबारी सत्रों में कीमती धातुओं में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।
महंगाई और ब्याज दरों की चिंता से सोने पर दबाव
बुलियन बाजार के लिए इस समय अमेरिकी महंगाई और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल हैं। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रुख अपना सकता है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर दबाव बढ़ सकता है। इसी वजह से अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद निवेशकों ने हालिया तेजी के बीच कुछ मुनाफा बुक किया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी रही। पिछले सत्र में दो महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद अमेरिकी सोने के भाव में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में सोने-चांदी का भाव

स्थानीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतें शहर, शुद्धता, टैक्स और स्थानीय मांग के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। 14 अगस्त के उपलब्ध भाव इस प्रकार हैं:
- नई दिल्ली - ₹1,52,100
- मुंबई - ₹1,52,360
- बेंगलुरु - ₹1,52,480
- कोलकाता - ₹1,52,160
- हैदराबाद - ₹1,52,600
- चेन्नई - ₹1,52,880
ध्यान रखें कि ऊपर दिए गए खुदरा भाव संकेतात्मक हैं। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण अंतिम कीमत इससे अलग हो सकती है।
24 और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है और इसमें लगभग 99.9 फीसदी शुद्ध सोना होता है। हालांकि इसकी शुद्धता अधिक होने के कारण यह अपेक्षाकृत नरम होता है। दूसरी ओर, 22 कैरेट सोने में अन्य धातुओं का मिश्रण होता है, जिससे इसकी मजबूती बढ़ जाती है। यही वजह है कि आभूषण बनाने में 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल व्यापक रूप से किया जाता है।
आगे किन फैक्टर्स पर रहेगी बाजार की नजर?
LKP Securities के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने में हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। COMEX गोल्ड में भी करीब 25 डॉलर की कमजोरी आई। उनके मुताबिक अमेरिकी महंगाई के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के आसपास रहे, इसलिए हालिया तेजी में शामिल कुछ सकारात्मक उम्मीदों के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक किया।
आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतें और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर संकेत सोने की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रह सकते हैं। तकनीकी स्तर पर ₹1.52 लाख से ₹1.52 लाख के आसपास का क्षेत्र सोने के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है, जबकि ₹1.55 लाख से ₹1.56 लाख के बीच का क्षेत्र निकटवर्ती रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।











