गोरखपुर के सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मामले में पेशी पर आए पंप ऑपरेटर के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। अदालत परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित पंप ऑपरेटर किसी मामले में निर्धारित तारीख पर पेशी के लिए कोर्ट पहुंचा था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई घटना से कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद कुछ ही मिनटों में बढ़ गया और आरोपी पक्ष ने कथित तौर पर पीड़ित के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद मामला शांत हुआ। घायल व्यक्ति ने बाद में पुलिस से शिकायत की।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपी के साथ लगभग 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, कोर्ट परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मारपीट की वजह क्या थी और घटना में कितने लोग शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिवक्ताओं और अन्य लोगों का कहना है कि न्यायालय परिसर में ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और सुरक्षा प्रबंधों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
जिला न्यायालय से जुड़े लोगों का कहना है कि अदालत परिसर में बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता और आम नागरिक प्रतिदिन आते हैं, इसलिए वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना पूर्व नियोजित थी या किसी पुराने विवाद का परिणाम।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।









