बेटी के अंतिम संस्कार के बाद मां को बेटा हुआ कहती थी भाई को राखी बांधनी है गोरखपुर में सिपाही पर दुष्कर्म-हत्या का आरोप

गोरखपुर में जिला अस्पताल से बच्ची के लापता होने के बाद उसकी मौत हो गई। सिपाही पर दुष्कर्म-हत्या का आरोप है। बच्ची भाई को राखी बांधना चाहती थी।
बेटी के अंतिम संस्कार के बाद मां को बेटा हुआ कहती थी भाई को राखी बांधनी है गोरखपुर में सिपाही पर दुष्कर्म-हत्या का आरोप
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गोरखपुर में एक मासूम बच्ची की मौत के बाद उसके परिवार की कहानी बेहद दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई। जिस बच्ची के घर में जल्द ही भाई के आने की खुशी थी, वह खुद उस भाई को राखी बांधने के लिए इस दुनिया में नहीं रही। परिवार के मुताबिक, बच्ची बार-बार कहती थी कि उसे अपने भाई को राखी बांधनी है। लेकिन बेटी के अंतिम संस्कार के बाद ही उसकी मां ने एक बेटे को जन्म दिया। घर में एक तरफ नवजात के आने की खुशी है तो दूसरी तरफ बेटी को खोने का ऐसा गम है, जिसे परिवार शायद कभी भुला नहीं पाएगा।

यह मामला गोरखपुर के जिला अस्पताल से बच्ची के लापता होने और बाद में उसकी मौत से जुड़ा है। पुलिस ने मामले में डायल-112 में तैनात एक सिपाही को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बच्ची अस्पताल से लापता हुई थी और जांच के दौरान सिपाही की भूमिका सामने आई। उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका की भी जांच की जा रही है।

परिवार के लिए इस घटना का सबसे भावुक पहलू बच्ची की वह बात है, जिसे अब उसकी मां और परिजन याद कर रहे हैं। वह अपने आने वाले भाई को लेकर उत्साहित थी। परिवार के मुताबिक, वह कहती थी कि भाई के आने पर उसे राखी बांधेगी। उसे शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस भाई के साथ वह राखी का त्योहार मनाने का सपना देख रही है, उसके जन्म से पहले ही उसकी जिंदगी खत्म हो जाएगी।

बेटी की मौत के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया। इसी दौरान परिवार की जिंदगी में एक और बड़ा बदलाव आया। बच्ची की मां ने एक बेटे को जन्म दिया। नवजात के जन्म के साथ घर में वह खुशी आई, जिसका इंतजार परिवार कर रहा था, लेकिन उस खुशी पर बेटी की मौत का दुख हावी रहा।

मां के लिए यह स्थिति बेहद कठिन है। एक तरफ उसकी गोद में नवजात बेटा है, दूसरी तरफ उसकी बेटी की यादें हैं। वह बेटी, जो अपने छोटे भाई के आने का इंतजार कर रही थी और उसकी कलाई पर राखी बांधने की बात करती थी, अब खुद परिवार के बीच नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, बच्ची के अस्पताल से गायब होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई थी। जांच आगे बढ़ने पर एक पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बच्ची अस्पताल से कैसे बाहर गई, उसे कौन अपने साथ ले गया और उसके बाद उसके साथ क्या हुआ।

मामले में सिपाही पर बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। पुलिस मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, बच्ची के शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की। आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोपी के पुलिसकर्मी होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है। लोगों का सवाल है कि यदि अस्पताल से बच्ची के गायब होने की घटना हुई तो उसे समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका और बच्ची की तलाश में पुलिस ने किस तरह कार्रवाई की।

बच्ची के परिवार का दर्द इसलिए भी ज्यादा गहरा है क्योंकि उसके साथ जो हुआ, वह उनके लिए अचानक आई त्रासदी थी। जिस घर में एक नए बच्चे के जन्म की तैयारी चल रही थी, वहां बेटी की मौत का मातम छा गया। परिजन अब नवजात बेटे को देखकर खुश होने की कोशिश करते हैं, लेकिन बेटी की याद हर पल उनके साथ है।

परिजनों के मुताबिक, बच्ची को राखी के त्योहार का इंतजार था। वह अपने भाई के साथ खेलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की बात करती थी। अब परिवार के पास उसकी बातें और यादें ही बची हैं। नवजात भाई बड़ा होगा तो उसे शायद यह कहानी बार-बार बताई जाएगी कि उसकी बहन उसके जन्म से पहले ही उसे राखी बांधने का सपना देखती थी।

बेटी के अंतिम संस्कार और बेटे के जन्म के बीच का यह घटनाक्रम परिवार के लिए भावनाओं का बेहद कठिन दौर बन गया। मां के लिए अपनी बेटी को खोने का दुख और बेटे के जन्म की जिम्मेदारी एक साथ सामने है। परिजनों को अब उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषी को कानून के तहत कड़ी सजा मिलेगी।

पुलिस की जांच में बच्ची के अस्पताल पहुंचने, वहां से गायब होने और उसके बाद की गतिविधियों को जोड़ा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच का हिस्सा हो सकते हैं। इनसे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग बच्ची के संपर्क में थे।

मामले में मेडिकल जांच भी महत्वपूर्ण है। दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि या खंडन मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है। इसलिए पुलिस जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य सामने आने तक आरोपों को अंतिम सत्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां मरीज और उनके परिजन असहाय स्थिति में होते हैं, वहां सुरक्षा की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

परिवार अब न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। उनकी सबसे बड़ी मांग यही है कि बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कड़ी सजा मिले। परिवार के लिए यह सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं है, बल्कि उनकी बेटी की जिंदगी और उसके अधूरे सपनों से जुड़ा सवाल है।

सबसे भावुक बात यही है कि जिस बच्ची ने अपने आने वाले भाई की कलाई पर राखी बांधने का सपना देखा था, वह भाई अब इस दुनिया में आ चुका है। लेकिन राखी बांधने वाली बहन नहीं है। बेटी के अंतिम संस्कार के बाद मां की गोद में बेटा आया, मगर परिवार की खुशियों के बीच उस बहन की कमी हमेशा बनी रहेगी, जो अपने भाई के आने का इंतजार कर रही थी।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। दुष्कर्म और हत्या से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच, मेडिकल/फोरेंसिक साक्ष्यों और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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