गोरखपुर में सिक्योरिटी गार्ड को गोली लगने का मामला संदिग्ध, 230 CCTV फुटेज से पुलिस तलाश रही सच

गोरखपुर में सिक्योरिटी गार्ड रोहन सिंह को गोली लगने का मामला संदिग्ध है। पुलिस ने 230 से अधिक CCTV फुटेज खंगाली और बाइक के पास तमंचा मिला।

गोरखपुर में सिक्योरिटी गार्ड रोहन सिंह को गोली लगने के मामले में पुलिस को लूट के दावे की पुष्टि करने वाला साक्ष्य नहीं मिला है। 230 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए हैं और बाइक के पास तमंचा मिला है।

गोरखपुर: छताई पुल के पास सिक्योरिटी गार्ड रोहन सिंह को गोली लगने की घटना की जांच में पुलिस को कई विरोधाभासी तथ्य मिले हैं। गार्ड ने दो बदमाशों पर दो लाख रुपये लूटने के प्रयास का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस को अब तक लूट का ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस ने घर से घटनास्थल तक 230 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है और बाइक के पास से एक तमंचा भी बरामद किया है।

लूट की कहानी पर पुलिस को नहीं मिला ठोस साक्ष्य

शाहपुर के मानस विहार कॉलोनी, व्यास नगर निवासी 26 वर्षीय रोहन सिंह खजनी क्षेत्र की एक कंबल फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड है। उसके अनुसार मंगलवार रात वह बाइक से दो लाख रुपये लेकर जा रहा था। छताई पुल के पास दो बदमाशों ने उसे रोककर रकम छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर एक बदमाश ने गोली चला दी, जिससे वह घायल होकर सड़क पर गिर गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल रोहन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।

हालांकि, पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ घटना को लेकर संदेह गहराता जा रहा है। अब तक पुलिस को लूट के प्रयास की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है।

230 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली

पुलिस ने रोहन के घर से लेकर घटनास्थल तक लगे 230 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की है। घटना से पहले की गतिविधियों से जुड़े फुटेज में पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

घटनास्थल से पहले स्थित एक पेट्रोल पंप के CCTV कैमरे में रोहन वहां से जाते हुए दिखाई नहीं दिया। हालांकि, घटना के बाद एंबुलेंस से जाते हुए उसकी तस्वीर कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस इन फुटेज को उसके बयान से मिलाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।

बैंक खातों की जांच में भी सामने आए सवाल

पुलिस ने रोहन के बताए अनुसार उसके बैंक खातों की भी जांच की। जांच में दो बैंक खाते मिले। इनमें से एक खाता साइबर ठगी के मामले में सीज है और उसमें पिछले छह महीने से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। दूसरे खाते में भी पिछले दो महीने से कोई लेनदेन नहीं हुआ है।

पूछताछ के दौरान रोहन ने खाते से रुपये निकालने की बात कही थी। वहीं, उसके स्वजन ने भी दो लाख रुपये घर से ले जाने की बात से इनकार किया है। इससे पुलिस के सामने घटना में बताए गए दो लाख रुपये को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

महराजगंज जाने के बयान की भी हो रही जांच

जांच में पुलिस को रोहन के महराजगंज जाने के दावे को लेकर भी विरोधाभास मिला है। घटना के बाद उसने पुलिस को बताया था कि महराजगंज जाने के कारण वह कंबल फैक्ट्री नहीं जा सका था। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना से एक दिन पहले वह महराजगंज नहीं गया था।

इसी के साथ पुलिस को रोहन की बाइक के पास से एक तमंचा भी मिला है। हथियार मिलने के बाद पुलिस घटना के दूसरे संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी

एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अब तक की जांच में बदमाशों द्वारा गोली चलाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पूछताछ में अलग-अलग बयान दे रहा है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

परिजन की तहरीर पर खजनी पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। अब पुलिस CCTV फुटेज, बरामद तमंचे, बैंक खातों और पीड़ित के बयानों को जोड़कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।

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