पीएम मोदी ने नॉर्वे के ओस्लो में आयोजित इंडिया-नॉर्डिक समिट में भाग लिया। इस दौरान ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और निवेश पर चर्चा हुई। भारत और नॉर्डिक देशों ने 2030 तक व्यापार दोगुना करने और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
ओस्लो: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में भाग लिया। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोप के देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
इस मंच पर भारत और नॉर्डिक देशों—नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड—के बीच कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। इनमें जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, वैश्विक सुरक्षा और व्यापारिक निवेश जैसे विषय प्रमुख रहे।
नॉर्डिक देशों के नेताओं से पीएम मोदी की अहम बैठकें
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे सहित अन्य नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
इन चर्चाओं में खास तौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और नॉर्डिक देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोज सकते हैं, खासकर जलवायु संकट और ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में।
ग्रीन एनर्जी और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर फोकस
इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा ग्रीन एनर्जी और क्लीन टेक्नोलॉजी रहा। दोनों पक्षों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने वाली तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत और नॉर्डिक देशों ने ग्रीन शिपिंग और ब्लू इकॉनमी जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
स्पेस सेक्टर में भारत-नॉर्वे सहयोग की नई संभावनाएं
इस दौरे में अंतरिक्ष क्षेत्र भी चर्चा का एक अहम हिस्सा रहा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नॉर्वे की स्पेस एजेंसियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
आर्कटिक रिसर्च, सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और पृथ्वी निगरानी प्रणाली (Earth Observation Systems) जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना पर भी विचार किया गया। इससे वैज्ञानिक शोध और सुरक्षा निगरानी क्षमताओं में सुधार की उम्मीद है।
वैश्विक शांति और कूटनीति पर पीएम मोदी का संदेश
नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शांति पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया की समस्याओं का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति से होना चाहिए।
उन्होंने यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता के पक्ष में खड़ा रहेगा। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि वे वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के अनुसार अधिक प्रभावी बन सकें।

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता की अपील
पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर एकजुट प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप में आतंकवाद मानवता के लिए खतरा है और इसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।
भारत-नॉर्डिक बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भागीदारी
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में नॉर्वे की प्रमुख कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस दौरान ऊर्जा, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा, समुद्री तकनीक और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग पर चर्चा हुई। इन कंपनियों की कुल बाजार पूंजी लगभग 200 अरब डॉलर आंकी गई।
निवेश और रोजगार सृजन पर बड़ा लक्ष्य
बैठक में भारत और नॉर्डिक देशों ने अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करते हुए 2030 तक व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इसके अलावा भारत में लगभग 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। यह पहल भारत को वैश्विक निवेश हब के रूप में और मजबूत कर सकती है।
ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की ओर बढ़ते कदम
दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पर्यावरण-अनुकूल तकनीक, क्लीन एनर्जी और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग बढ़ाया जाएगा।
साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और मछली पालन जैसे क्षेत्रों में भी संयुक्त प्रयासों को गति देने की योजना है।
पीएम मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान
इस दौरे के दौरान नॉर्वे के राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया।
यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।









