गट्टे की सब्जी एक पारंपरिक और अत्यंत लोकप्रिय व्यंजन है। इसमें बेसन के गूंथे हुए बेलनाकार टुकड़ों (गट्टों) को पहले उबाला जाता है और फिर दही व खड़े मसालों से बनी चटपटी और गाढ़ी ग्रेवी में पकाया जाता है। यह अपने अनोखे स्वाद और नरम बनावट के लिए जानी जाती है, खासकर जब हरी सब्जियां उपलब्ध न हों।
सामग्री
गट्टे के लिए
- बेसन - 1 कप
- दही - 2 चम्मच
- तेल/घी - 1 चम्मच
- मसाले - अजवाइन, लाल मिर्च, हल्दी, नमक (स्वादानुसार)
ग्रेवी के लिए:
- दही (फेंटा हुआ) - 1 कप
- तेल/घी - 2-3 बड़े चम्मच
- तड़का - हींग, जीरा, राई
- मसाले - धनिया पाउडर, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला, कसूरी मेथी
- अदरक-लहसुन-मिर्च का पेस्ट
- बारीक कटा प्याज (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- गट्टे बनाना: एक बर्तन में बेसन, थोड़ा तेल, दही और सूखे मसाले मिलाकर सख्त आटा गूंथ लें। इसके लंबे रोल (rolls) बनाएं और उबलते पानी में 10-15 मिनट तक पकाएं। जब गट्टे तैरने लगें और उन पर दाने आ जाएं, तो निकाल कर छोटे टुकड़ों में काट लें। (बचे हुए पानी को फेंके नहीं)।
- ग्रेवी तैयार करना: कड़ाही में तेल गरम करें। इसमें हींग, जीरा और प्याज-लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें। अब एक कटोरी में दही के साथ सूखे मसाले मिलाएं और कड़ाही में डाल दें। इसे लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं।
- पकाना: जब मसाला तेल छोड़ दे, तो इसमें गट्टे और गट्टे उबालने वाला बचा हुआ पानी डाल दें।
- फिनिशिंग: ढक्कन लगाकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अंत में कसूरी मेथी और गरम मसाला डालें।
परोसने का तरीका
गट्टे की सब्जी को गरमा-गरम बाजरे की रोटी या मक्की की रोटी के साथ परोसना सबसे पारंपरिक तरीका है। इसके अलावा, यह सादी रोटी, तंदूरी रोटी, पराठे या जीरा राइस (Jeera Rice) के साथ भी बहुत स्वादिष्ट लगती है। ऊपर से हरा धनिया डालकर सर्व करें।
खाने के फायदे
गट्टे की सब्जी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है क्योंकि इसका मुख्य घटक बेसन (चना दाल) है, जो मांसपेशियों की मजबूती के लिए अच्छा है। इसमें इस्तेमाल होने वाले दही, हींग और अजवाइन पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और एसिडिटी कम करते हैं। यह एक ऊर्जा देने वाला भोजन है और शरीर को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है।













