हल्द्वानी में पूर्व सैनिक की पेंशन चोरी, दो महिलाओं ने ब्लेड से काटा थैला; CCTV में कैद हुई करतूत

हल्द्वानी में बैंक से पेंशन के 50 हजार रुपये निकालने वाले पूर्व सैनिक का थैला काटकर रकम चोरी कर ली गई। CCTV में दो संदिग्ध महिलाएं दिखीं, पुलिस तलाश में जुटी।
हल्द्वानी में पूर्व सैनिक की पेंशन चोरी, दो महिलाओं ने ब्लेड से काटा थैला; CCTV में कैद हुई करतूत
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बैंक परिसर के अंदर पूर्व सैनिक की पेंशन की रकम चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो महिलाओं ने बेहद शातिर तरीके से पूर्व सैनिक के थैले को ब्लेड से काटकर उसमें रखे 50 हजार रुपये निकाल लिए। घटना भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के एटीएम परिसर में हुई, जहां पूर्व सैनिक पासबुक अपडेट करा रहे थे। पूरी घटना बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और दोनों संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।

बताया गया कि नैनीताल रोड पर जिलाधिकारी कैंप कार्यालय के सामने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा स्थित है। इसी बैंक में चांदनी चौक धुड़दौड़ा, मानपुर पश्चिम निवासी बहादुर सिंह पेंशन निकालने पहुंचे थे। बहादुर सिंह करीब 30 वर्ष पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 14 सितंबर को वह बैंक पहुंचे और बैंक से अपनी पेंशन के 50 हजार रुपये निकाले। रकम निकालने के बाद उन्होंने पूरी राशि को एक प्लास्टिक के थैले में रख लिया था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि बैंक परिसर के अंदर ही कोई उनकी रकम पर नजर रख रहा है।

पेंशन की रकम निकालने के बाद पूर्व सैनिक बैंक परिसर में बने एटीएम क्षेत्र में पहुंचे। वहां उन्हें पासबुक अपडेट करानी थी। एटीएम परिसर में मौजूद गार्ड की मदद से वह पासबुक अपडेट कराने लगे। इसी दौरान दो महिलाएं उनके पास पहुंचीं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक महिला पूर्व सैनिक के बेहद करीब आकर खड़ी हो गई। भीड़ या बैंक परिसर की सामान्य गतिविधि के बीच पूर्व सैनिक को महिला का इस तरह पास खड़ा होना असामान्य लगा, तो उन्होंने उसे हटकर खड़े होने के लिए कहा।

इसके कुछ समय बाद दोनों महिलाएं वहां से चली गईं। उस वक्त तक पूर्व सैनिक को यह अंदाजा नहीं था कि उनके साथ कुछ गलत हो चुका है। वह अपनी पासबुक अपडेट कराने में लगे रहे। काम पूरा होने के बाद जब उन्होंने अपना थैला देखा और उसमें पासबुक रखने की कोशिश की तो उन्हें थैला कटा हुआ मिला। थैले के अंदर रखे 50 हजार रुपये गायब थे। रकम गायब देखकर वह हैरान रह गए और उन्हें समझ आया कि बैंक परिसर में ही किसी ने उनके थैले को काटकर पैसे निकाल लिए हैं।

पूर्व सैनिक ने घटना के बाद तत्काल पुलिस से संपर्क किया और हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस अब इन महिलाओं की पहचान करने और उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना का तरीका बेहद सावधानी से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। पूर्व सैनिक ने बैंक से पेंशन के 50 हजार रुपये निकाले और उन्हें थैले में रखा। इसके बाद वह पासबुक अपडेट कराने के लिए एटीएम परिसर में पहुंचे। इसी दौरान महिलाएं उनके पास आईं। एक महिला के उनके बिल्कुल करीब खड़े होने की बात सामने आई है। इसके बाद कुछ ही देर में दोनों वहां से चली गईं। जब पूर्व सैनिक ने अपना थैला देखा तो वह कटा हुआ था और रकम गायब थी। इससे पुलिस को आशंका है कि चोरी के लिए पहले से नजर रखी जा रही हो सकती है, हालांकि यह केवल जांच का हिस्सा है और पुलिस की ओर से इस बारे में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है। कैमरों में महिलाओं की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस फुटेज के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि दोनों महिलाएं बैंक में कब दाखिल हुईं, किस रास्ते से आईं, पूर्व सैनिक के पीछे या आसपास कितनी देर तक रहीं और घटना के बाद किस दिशा में गईं। बैंक के बाहर और आसपास लगे कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा बन सकती है, ताकि महिलाओं के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।

इस घटना में यह भी देखा जा रहा है कि महिलाओं ने बैंक परिसर में किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क किया था या नहीं। अगर दोनों महिलाओं के साथ कोई और व्यक्ति मौजूद था या चोरी के बाद उन्हें किसी वाहन से निकलते हुए देखा गया है, तो सीसीटीवी फुटेज से इसकी जानकारी मिल सकती है। पुलिस आसपास के लोगों और बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है, ताकि घटना के समय संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके।

पूर्व सैनिक के लिए यह रकम उनकी पेंशन थी। बैंक से रकम निकालने के बाद कुछ ही समय में पूरी राशि चोरी हो जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि चोरी का पता तब चला जब वह अपना काम पूरा कर चुके थे और थैले में पासबुक रखने जा रहे थे। यानी घटना और चोरी का पता चलने के बीच कुछ समय का अंतर रहा, जिससे आरोपितों को मौके से निकलने का अवसर मिल गया।

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर सकती है कि दोनों संदिग्ध महिलाएं पहले से बैंक परिसर में मौजूद थीं या पूर्व सैनिक के बैंक से रकम निकालने के बाद उनके पीछे पहुंची थीं। बैंक से रकम निकालने वाले ग्राहकों पर नजर रखने की आशंका को भी जांच के दौरान देखा जा सकता है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि महिलाओं ने पूर्व सैनिक को बैंक से ही निशाना बनाया था या घटना के दौरान अचानक चोरी की गई।

बैंक जैसे स्थानों पर आम तौर पर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बेहद करीब खड़े होकर चोरी करना और तुरंत वहां से निकल जाना पुलिस के लिए जांच का महत्वपूर्ण पहलू है। सीसीटीवी फुटेज में दर्ज गतिविधियों के आधार पर पुलिस घटना का क्रम तैयार कर सकती है। फुटेज से महिलाओं के हुलिए की जानकारी मिलने के बाद उनकी पहचान के लिए भी प्रयास किया जा सकता है।

इस घटना के बाद बैंक में आने वाले बुजुर्ग और पेंशनधारक भी सतर्क रहने की जरूरत महसूस कर रहे हैं। खासकर पेंशन या बड़ी रकम निकालने के बाद ग्राहकों को अपने पैसे सुरक्षित तरीके से रखने और किसी अनजान व्यक्ति को अपने बेहद करीब आने से रोकने की जरूरत होती है। बैंक परिसर में किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे तो तुरंत बैंक कर्मचारियों या सुरक्षा गार्ड को इसकी जानकारी देना भी मददगार हो सकता है।

हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी दोनों महिलाओं को आरोपी घोषित नहीं किया है। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही महिलाओं की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि उन्हीं महिलाओं ने थैला काटकर पैसे निकाले थे, तो उनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

घटना के बाद बैंक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। बैंक और एटीएम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे मौजूद होने के बावजूद यदि किसी ग्राहक का थैला काटकर रकम निकाल ली जाती है तो पुलिस के साथ-साथ बैंक प्रबंधन के लिए भी घटना की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने से जांच एजेंसियों को संदिग्धों की पहचान में मदद मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि दोनों महिलाएं घटना के बाद कहां गईं। बैंक से बाहर निकलने के बाद अगर उन्होंने किसी वाहन का इस्तेमाल किया या किसी अन्य व्यक्ति से मिलीं, तो आसपास के कैमरों से इसकी जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों के सीसीटीवी फुटेज से भी उनकी गतिविधियों को जोड़ने की कोशिश की जा सकती है।

हल्द्वानी में बैंक परिसर से पेंशन की रकम चोरी होने की यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वारदात के लिए भीड़भाड़ वाली जगह को चुना गया। पूर्व सैनिक बैंक से रकम निकालकर पासबुक अपडेट करा रहे थे और इसी दौरान उनके आसपास संदिग्ध महिलाएं पहुंचीं। कुछ देर बाद थैला कटा हुआ मिला और पूरी पेंशन गायब थी। घटना ने यह दिखाया है कि बैंक से रकम निकालने के बाद कुछ समय के लिए भी लापरवाही करना ग्राहक के लिए भारी पड़ सकता है।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर उन्हें पकड़ना और चोरी की रकम बरामद करना है। सीसीटीवी फुटेज में महिलाओं के दिखाई देने की जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, घटना में इस्तेमाल किए गए तरीके और महिलाओं की गतिविधियों की जांच से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह अकेली घटना थी या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।

पूर्व सैनिक ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बैंक में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को जांच का आधार बनाया गया है। फिलहाल 50 हजार रुपये की पेंशन चोरी होने की पुष्टि शिकायत और उपलब्ध रिपोर्टों में हुई है। दोनों महिलाओं की गिरफ्तारी और उनकी पहचान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की पूरी योजना क्या थी और घटना में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

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