हनमकोंडा में नशे में ड्राइविंग पर सख्ती, 150 चालकों की काउंसलिंग

तेलंगाना के हनमकोंडा मे नशे में वाहन चलाने के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। सोमवार को शराब के प्रभाव मे वाहन चलाते पकड़े गए करीब 150 चालको की काउंसलिंग

तेलंगाना के हनमकोंडा में नशे में वाहन चलाने के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। सोमवार को शराब के प्रभाव में वाहन चलाते पकड़े गए करीब 150 चालकों की काउंसलिंग की गई। ACP टी. सत्यनारायण ने नियमों का पालन करने की अपील की।

हनमकोंडा: तेलंगाना के हनमकोंडा में ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। ट्रैफिक एसीपी टी. सत्यनारायण ने वाहन चालकों को चेतावनी दी कि नशे की हालत में ड्राइविंग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदारी से वाहन चलाने की अपील की। सोमवार को हनमकोंडा पुलिस मुख्यालय स्थित Traffic Training Institute (TTI) में करीब 150 ऐसे वाहन चालकों की काउंसलिंग की गई, जिन्हें शराब के प्रभाव में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया था। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने चालकों को नशे में ड्राइविंग के खतरों और इससे जुड़े कानूनी परिणामों के बारे में जानकारी दी।

150 वाहन चालकों की हुई काउंसलिंग

हनमकोंडा ट्रैफिक पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे में वाहन चलाने के जोखिमों के प्रति चालकों को जागरूक करना था। शराब के प्रभाव में वाहन चलाते पकड़े गए करीब 150 मोटर चालकों को Traffic Training Institute में बुलाकर काउंसलिंग की गई।

पुलिस अधिकारियों ने चालकों को समझाया कि शराब पीने के बाद वाहन चलाना केवल चालक के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। तेज रफ्तार, प्रतिक्रिया देने में देरी और वाहन पर नियंत्रण कम होने की वजह से दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।

काउंसलिंग के दौरान चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और भविष्य में शराब पीने के बाद वाहन न चलाने की सलाह दी गई।

ACP टी. सत्यनारायण ने दी सख्त चेतावनी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रैफिक ACP टी. सत्यनारायण ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की।

ACP ने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाने से चालक के साथ-साथ वाहन में बैठे यात्रियों, अन्य वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।

उन्होंने चालकों को स्पष्ट संदेश दिया कि शराब पीने के बाद किसी भी परिस्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।

नशे में ड्राइविंग से दुर्घटना का खतरा

पुलिस के अनुसार, शराब के प्रभाव में वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने की क्षमता और सड़क पर अचानक होने वाली घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे वाहन पर नियंत्रण खोने और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है।

ACP ने काउंसलिंग के दौरान चालकों को संभावित जानमाल के नुकसान, सड़क दुर्घटनाओं और कानूनी कार्रवाई के बारे में भी बताया।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। वाहन चालकों को भी अपनी और दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।

वाहन मालिकों को भी दी गई चेतावनी

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने वाहन मालिकों को नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देने की चेतावनी भी दी। ACP सत्यनारायण ने कहा कि यदि नाबालिगों को वाहन चलाते हुए पाया गया तो संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों की चाबी नाबालिगों को न दें। कम उम्र में वाहन चलाने से न केवल दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है, बल्कि नियमों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

सड़क सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

ट्रैफिक पुलिस ने चालकों को वाहन चलाते समय यातायात संकेतों और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। पुलिस का जोर इस बात पर रहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को स्वयं जिम्मेदारी निभानी होगी।

नशे में ड्राइविंग के अलावा नाबालिगों के वाहन चलाने जैसे मामलों को भी सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम माना गया। पुलिस ने वाहन चालकों और मालिकों से नियमों का पालन करने तथा किसी भी तरह की लापरवाही से बचने को कहा।

पुलिस अधिकारियों ने किया जागरूक

काउंसलिंग कार्यक्रम में RSI नवीन कुमार, SI वेणुगोपाल रेड्डी और महिला कांस्टेबल अरुणा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने वाहन चालकों को नशे में ड्राइविंग के संभावित खतरों और सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी था। पुलिस ने चालकों से भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया।

सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस का संदेश

हनमकोंडा ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नशे में ड्राइविंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की जाती है।

पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि शराब पीकर वाहन चलाने से बचना सड़क पर सुरक्षित रहने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है। वाहन चालकों को यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में वाहन चला रहे हैं।

हनमकोंडा में 150 चालकों की काउंसलिंग के जरिए पुलिस ने नशे में ड्राइविंग के खिलाफ जागरूकता और प्रवर्तन, दोनों पर जोर दिया। ACP टी. सत्यनारायण ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की कि वे शराब के सेवन के बाद वाहन चलाने से पूरी तरह बचें, नाबालिगों को ड्राइविंग की अनुमति न दें और सड़क पर अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

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