Hardik Pandya को लेकर BCCI की चिंता बढ़ी: क्या 2027 ODI World Cup से बाहर हो सकते हैं स्टार ऑलराउंडर?

भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर Hardik Pandya की फिटनेस को लेकर BCCI की चिंता बढ़ गई है। चर्चा है कि अगर चोट की समस्या जारी रही तो वह 2027 ODI World Cup से बाहर

Hardik Pandya की फिटनेस को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में चिंता बढ़ गई है। आईपीएल 2026 के दौरान हाल ही में हुई एक बैठक में वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें टीम संयोजन और खिलाड़ियों की उपलब्धता पर फोकस रहा।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। खासतौर पर 2027 वनडे विश्व कप से पहले उनकी फिटनेस और लगातार 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि क्या हार्दिक पांड्या आगामी बड़े टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह फिट और विश्वसनीय विकल्प बने रहेंगे या नहीं।

फिटनेस बनी सबसे बड़ी चुनौती

सूत्रों के अनुसार, BCCI की चयन समिति की हाल ही में हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि क्या हार्दिक पांड्या एक वनडे मैच में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी कर पाएंगे या नहीं। उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनकी उपलब्धता पूरी तरह फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि एक ऑलराउंडर के रूप में उनका रोल तभी प्रभावी रहेगा जब वह लगातार गेंदबाजी का भार उठा सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, हार्दिक 2 मई के बाद से घरेलू या IPL स्तर पर भी लगातार मैदान पर नहीं उतर पाए हैं, जिससे उनकी मैच फिटनेस पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

चयनकर्ताओं की रणनीति क्या है?

BCCI चयनकर्ता फिलहाल इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि हार्दिक पांड्या अपनी फिटनेस को किस तरह साबित करते हैं। बोर्ड चाहता है कि वह आने वाले महीनों में लगातार मैच खेलकर अपनी गेंदबाजी क्षमता साबित करें। यदि वह अपेक्षित प्रदर्शन और फिटनेस स्तर हासिल नहीं कर पाते हैं, तो चयनकर्ता विकल्प के तौर पर नए ऑलराउंडर्स पर विचार कर सकते हैं। इसमें कुछ युवा नामों को भी संभावित दावेदार माना जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब उनकी फिटनेस पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि उस समय भी वे पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं थे। यह पैटर्न चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि वनडे क्रिकेट में ऑलराउंडर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।

अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी नजर

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि केवल हार्दिक पांड्या ही नहीं, बल्कि कप्तान रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी BCCI सतर्क है। रोहित शर्मा हाल के समय में हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझते रहे हैं और IPL 2026 के दौरान भी उन्होंने कई मैच मिस किए। चयनकर्ताओं का मानना है कि वनडे क्रिकेट में लगातार 50 ओवर मैदान पर बने रहना चुनौतीपूर्ण होता है, और इसके लिए खिलाड़ियों का पूरी तरह फिट रहना जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, BCCI ने उनकी फिटनेस रिपोर्ट भी टीम चयन से पहले मांगी थी। यह संकेत देता है कि बोर्ड आगामी बड़े टूर्नामेंट को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यदि हार्दिक पांड्या अपनी गेंदबाजी फिटनेस साबित नहीं कर पाते हैं, तो टीम प्रबंधन युवा विकल्पों पर विचार कर सकता है। इनमें कुछ उभरते ऑलराउंडर शामिल हैं जो घरेलू और IPL प्रदर्शन के आधार पर चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

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