हिबर्नियन ने स्केंडीजा को रोका, कॉन्फ्रेंस लीग प्लेऑफ में बनाई जगह

हिबर्नियन ने स्केंडीजा के खिलाफ 0-0 ड्रॉ खेलकर कॉन्फ्रेंस लीग प्लेऑफ में प्रवेश किया। पहले चरण में 2-1 की जीत के कारण स्कॉटिश क्लब ने कुल 2-1 से मुकाबला जीता।

हिबर्नियन ने स्केंडीजा के खिलाफ 0-0 ड्रॉ खेलकर कॉन्फ्रेंस लीग प्लेऑफ में प्रवेश किया। पहले चरण में 2-1 की जीत के कारण स्कॉटिश क्लब ने कुल 2-1 से मुकाबला जीता। अब हिबर्नियन का सामना प्लेऑफ में बेल्जियम के जेंट से होगा।

स्पोर्ट्स न्यूज़: हिबर्नियन ने नॉर्थ मैसेडोनिया के स्केंडीजा के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलकर UEFA कॉन्फ्रेंस लीग के प्लेऑफ में जगह बना ली। पहले चरण में 2-1 की जीत के बाद स्कॉटिश क्लब ने दूसरे चरण में शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और कुल स्कोर 2-1 से मुकाबला अपने नाम किया।

डेविड ग्रे की टीम को अगले दौर में पहुंचने के लिए हार से बचना जरूरी था। खिलाड़ियों ने भीषण गर्मी और मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पूरे मुकाबले में धैर्य बनाए रखा। अब हिबर्नियन का सामना प्लेऑफ में बेल्जियम के क्लब जेंट से होगा।

पहले चरण की बढ़त को बचाने में सफल रहा हिबर्नियन

ईस्टर रोड पर खेले गए पहले मुकाबले में हिबर्नियन ने स्केंडीजा को 2-1 से हराया था। इस कारण दूसरे चरण में उसके पास मामूली बढ़त थी। टीम जानती थी कि स्कोप्जे में कोई भी गैर-हार परिणाम उसे अगले दौर में पहुंचा देगा।

मैच की शुरुआत से ही हिबर्नियन ने जोखिम कम लेने की रणनीति अपनाई। टीम ने अपनी रक्षापंक्ति को संगठित रखा और स्केंडीजा के खिलाड़ियों को ज्यादा साफ मौके बनाने से रोका।

घरेलू टीम ने कई बार दूर से शॉट जरूर लगाए, लेकिन ज्यादातर प्रयास गोल के लिए बड़ा खतरा नहीं बन सके। हिबर्नियन के गोलकीपर राफेल सालिंगर को लगातार व्यस्त रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी टीम को मुश्किल स्थिति में नहीं आने दिया।

हिबर्नियन के पास बढ़त बढ़ाने के मौके भी आए

गोलरहित मुकाबले के बावजूद हिबर्नियन के पास अपनी कुल बढ़त मजबूत करने के कई अवसर आए। नाथन लोव और ओवेन एल्डिंग ने ऐसे मौके गंवाए, जिन्हें गोल में बदला जा सकता था।

दोनों खिलाड़ियों के प्रयास सीधे स्केंडीजा के गोलकीपर फेरात रामानी के पास पहुंचे। अगर इनमें से कोई मौका गोल में बदल जाता तो हिबर्नियन की स्थिति और मजबूत हो सकती थी।

हालांकि, इन मौकों के चूकने का टीम को अंत में कोई नुकसान नहीं हुआ। हिबर्नियन ने मैच की गति को नियंत्रित किया और स्केंडीजा के हमलों को लगातार रोकते हुए अपनी 2-1 की कुल बढ़त बनाए रखी।

स्केंडीजा को बराबरी का सबसे बड़ा मौका

स्केंडीजा के पास मुकाबले को अतिरिक्त समय तक ले जाने का सबसे अच्छा मौका फहद न्डजेंग के पास आया। वह हिबर्नियन के गोलकीपर सालिंगर के सामने लगभग अकेले पहुंच गए थे।

लेकिन निर्णायक क्षण में न्डजेंग का शॉट गोल के बजाय साइड नेटिंग से जा टकराया। यह मौका स्केंडीजा के लिए बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि गोल होने पर दोनों टीमों का कुल स्कोर बराबर हो जाता।

इसके बाद भी घरेलू टीम ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन हिबर्नियन की रक्षापंक्ति ने लगातार खतरे को दूर किया। अंततः मैच बिना किसी गोल के समाप्त हुआ और स्कॉटिश क्लब ने अगले दौर में प्रवेश कर लिया।

डेविड ग्रे ने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की

हिबर्नियन के मुख्य कोच डेविड ग्रे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीम के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है और इतने मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ क्लीन शीट हासिल करना बड़ी बात है।

ग्रे के मुताबिक मुकाबला देखने के लिहाज से शानदार नहीं था, लेकिन उनके खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों में पूरी प्रतिबद्धता दिखाई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने जरूरत पड़ने पर शरीर दांव पर लगाया और टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।

कोच ने इस जीत को रविवार को रेंजर्स के खिलाफ मिली जीत के बाद एक और सकारात्मक परिणाम बताया। उनके अनुसार, दो चरणों के प्रदर्शन को देखते हुए हिबर्नियन का अगले दौर में पहुंचना पूरी तरह उचित है।

पिछले झटकों के बाद हिबर्नियन की वापसी

हिबर्नियन के लिए यह सप्ताह काफी सकारात्मक रहा है। टीम को पिछले महीने यूरोपीय मुकाबले में मालिशेवा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद स्कॉटिश प्रीमियरशिप के शुरुआती मुकाबले में मदरवेल से भी हार मिली।

लेकिन टीम ने मुश्किल दौर से वापसी की। रेंजर्स के खिलाफ मैच में आखिरी समय पर जीत हासिल करने के बाद हिबर्नियन ने यूरोपीय मुकाबले में भी संयमित प्रदर्शन किया।

स्केंडीजा के खिलाफ जीत में आक्रामक फुटबॉल की चमक कम रही, लेकिन टीम की रक्षात्मक मजबूती और मैच को नियंत्रित करने की क्षमता ने उसे फायदा पहुंचाया।

यूरोपीय क्वालीफिकेशन में इतिहास रचने का मौका

हिबर्नियन अब यूरोपीय प्रतियोगिता के ग्रुप या लीग चरण तक पहुंचने से सिर्फ एक मुकाबला दूर है। क्लब के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हो सकती है, क्योंकि कोई भी हिबर्नियन टीम इससे पहले यूरोपीय क्वालीफिकेशन की इस अवस्था को पार नहीं कर पाई है।

पिछले सीजन में भी हिबर्नियन कॉन्फ्रेंस लीग के प्लेऑफ तक पहुंचा था। हालांकि, लेगिया वारसॉ के खिलाफ अतिरिक्त समय तक चले मुकाबले के बाद उसे कुल स्कोर में दिल तोड़ने वाली हार झेलनी पड़ी थी।

इस बार टीम के पास पिछले अनुभव से सीख लेकर एक कदम आगे बढ़ने का अवसर है। हालांकि जेंट जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उसे अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा।

अब जेंट से होगी भिड़ंत

हिबर्नियन का अगला मुकाबला बेल्जियम के जेंट से होगा। जेंट ने स्वीडन के गोटेबोर्ग को दो चरणों के मुकाबले में कुल 2-1 से हराकर प्लेऑफ में प्रवेश किया है।

प्लेऑफ का पहला चरण 20 अगस्त को बेल्जियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा चरण 27 अगस्त को हिबर्नियन के घरेलू मैदान ईस्टर रोड पर होगा।

इन दोनों मुकाबलों का विजेता कॉन्फ्रेंस लीग के मुख्य चरण में जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। हिबर्नियन के लिए घरेलू मैदान पर दूसरा चरण खास महत्व रखेगा, लेकिन उससे पहले बेल्जियम में सकारात्मक परिणाम हासिल करना टीम की प्राथमिकता होगी।

स्कॉटिश लीग कप में भी मुकाबला

यूरोपीय मुकाबले के बीच हिबर्नियन को घरेलू प्रतियोगिता में भी खेलना है। टीम रविवार को स्कॉटिश लीग कप में पार्टिक थिसल की मेजबानी करेगी।

लगातार मुकाबलों के बीच डेविड ग्रे को खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर और टीम संयोजन को लेकर संतुलन बनाना होगा। यूरोपीय क्वालीफिकेशन में आगे बढ़ने के बाद टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा है।

हिबर्नियन ने स्केंडीजा के खिलाफ भले ही गोल नहीं किया, लेकिन दो चरणों के आधार पर 2-1 की जीत ने टीम को यूरोपीय अभियान में आगे बढ़ा दिया है। अब जेंट के खिलाफ दो मुकाबले यह तय करेंगे कि हिबर्नियन इतिहास रचने से कितना करीब पहुंचता है।

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