पाकिस्तान की अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक, 9 की मौत का दावा; महिलाओं और बच्चों के मारे जाने की बात, 11 घायल

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद में एयरस्ट्राइक की। तालिबान ने 9 लोगो की मौत दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने 22 आतंकियों के मारे जाने की बात कही

किस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत में एयरस्ट्राइक की। तालिबान सरकार ने 9 लोगों की मौत और 11 के घायल होने का दावा किया। पाकिस्तान ने कहा कि हमलों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और 22 लड़ाके मारे गए।

काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई है। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक, कुनार और हेलमंद प्रांत में हुए हमलों में 9 लोगों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 11 लोग घायल हुए। पाकिस्तान ने दूसरी ओर दावा किया कि उसके हमले आतंकवादी ठिकानों पर थे और शुरुआती जानकारी के अनुसार 22 लड़ाके मारे गए। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुनार और हेलमंद में तीन घर तबाह होने का दावा

अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने अफगानिस्तान के पूर्वी कुनार और दक्षिणी हेलमंद प्रांत में हमले किए। उनके मुताबिक, इन हमलों में तीन घर नष्ट हो गए और 9 लोगों की मौत हुई। मुजाहिद ने मृतकों में महिलाओं और बच्चों के शामिल होने की बात कही है। उन्होंने हमलों की निंदा करते हुए इसे आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के उल्लंघन वाला कदम बताया।

Reuters के मुताबिक, अफगान सरकार की ओर से सामने आई इस जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान की सेना ने Reuters के सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया था।

पाकिस्तान का दावा- आतंकियों के ठिकानों को बनाया निशाना

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि उसकी सैन्य कार्रवाई दो स्थानों पर मौजूद आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी। पाकिस्तान के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्ट में 22 आतंकवादियों के मारे जाने की जानकारी है। इस्लामाबाद का कहना है कि उसकी कार्रवाई का लक्ष्य मिलिटेंट ठिकाने थे, न कि नागरिक आबादी।

इस तरह गुरुवार के हमलों को लेकर दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है। अफगान तालिबान सरकार जहां नागरिकों की मौत की बात कह रही है, वहीं पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों और आतंकवादियों को निशाना बनाए जाने का दावा किया है। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में किसी भी पक्ष के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को दी चेतावनी

हमलों के बाद अफगान तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इन हमलों की निंदा करता है और इन्हें स्वीकार्य अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के खिलाफ कार्रवाई मानता है।

अफगान अधिकारियों ने इससे पहले भी पाकिस्तान पर अपने क्षेत्र में हवाई हमले करने और नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान लगातार यह कहता रहा है कि वह अफगानिस्तान में मौजूद उन आतंकवादी समूहों को निशाना बना रहा है, जो पाकिस्तान में हमले करते हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच क्यों बढ़ रहा तनाव?

दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP है। पाकिस्तान का आरोप है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद ठिकानों से पाकिस्तान के खिलाफ हमले और घुसपैठ की गतिविधियां करते हैं।

अफगान तालिबान सरकार पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करती रही है। काबुल का कहना है कि पाकिस्तान में होने वाली आतंकवादी गतिविधियां उसका आंतरिक मामला हैं और अफगानिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। Reuters के अनुसार, यही विवाद दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य तनाव के केंद्र में है।

TTP को लेकर पाकिस्तान की चिंता

TTP एक अलग संगठन है, हालांकि इसके अफगान तालिबान के साथ वैचारिक और ऐतिहासिक संबंध बताए जाते हैं। पाकिस्तान इसे अपने लिए प्रमुख सुरक्षा खतरे के रूप में देखता है।

इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद TTP के ठिकानों से पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाया जाता है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की है।

वहीं, तालिबान सरकार TTP को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को स्वीकार नहीं करती और सीमा पार आतंकवाद के लिए पाकिस्तान को अपने सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह देती रही है।

सितंबर में भी हुई थी पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक

गुरुवार का हमला ऐसे समय हुआ है जब सितंबर में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अलग-अलग इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। 21 सितंबर को पाकिस्तान ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में संदिग्ध मिलिटेंट कैंपों को निशाना बनाने का दावा किया था। पाकिस्तान के मुताबिक, बड़ी संख्या में लड़ाके मारे गए, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने उसी हमले में तीन अफगान नागरिकों की मौत की पुष्टि की थी।

24 सितंबर को भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कंधार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों में 10 ठिकानों पर हमले किए थे। अफगान अधिकारियों ने उस कार्रवाई में नागरिकों के मारे जाने की बात कही थी, जबकि पाकिस्तान ने अपने हमलों को आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया था।

सीमा पर ड्रोन और घुसपैठ को लेकर भी विवाद

दोनों देशों के बीच तनाव सिर्फ एयरस्ट्राइक तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान क्षेत्र से TTP के लड़ाकों ने उसकी सीमा में घुसने की कोशिश की और ड्रोन गतिविधियां भी हुईं।

अफगान तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इन आरोपों से इनकार किया है। सीमा पर दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी और सैन्य गतिविधियों की घटनाओं ने हाल के महीनों में रिश्तों को और तनावपूर्ण बना दिया है।

इस साल सीमा पार हिंसा में 1,100 से ज्यादा नागरिक प्रभावित

संयुक्त राष्ट्र मिशन इन अफगानिस्तान के अनुसार, इस साल सीमा पार हिंसा के कारण अफगानिस्तान में 1,100 से अधिक नागरिकों के मारे जाने या घायल होने के मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा केवल गुरुवार की एयरस्ट्राइक से जुड़ा नहीं है, बल्कि वर्ष के दौरान हुई सीमा पार हिंसा का व्यापक आंकड़ा है।

इससे क्षेत्र में मानवीय स्थिति और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। खासकर तब जब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार आतंकवाद और सैन्य कार्रवाई के आरोप लगा रहे हैं।

दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंधों में पिछले कुछ समय में तेजी से गिरावट आई है। दोनों देशों के बीच पहले भी सीमा पर संघर्ष और आतंकवाद को लेकर विवाद रहे हैं, लेकिन 2026 में सैन्य तनाव ने स्थिति को और गंभीर बनाया है।

पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई उसके नागरिकों और सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों के जवाब में है। अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताती है।

गुरुवार की एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। फिलहाल सबसे बड़ा विवाद मृतकों की संख्या और हमलों के निशाने को लेकर है। अफगान पक्ष 9 नागरिकों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की बात कह रहा है, जबकि पाकिस्तान 22 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा कर रहा है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

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