इज़राइली प्लंबर यानिव हायून ने कैसे बचाई फ्लाईदुबई फ्लाइट? ट्रंप ने की तारीफ, नेतन्याहू ने गले लगाया

फ्लाईदुबई FZ1073 में कॉकपिट संकट के दौरान इजराइली प्लंबर यानिव हायून ने हमलावर को काबू करने में मदद की। ट्रंप और नेतन्याहू ने उनकी भूमिका की सराहना की।

फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में कॉकपिट संकट के दौरान इजराइली यात्री यानिव हायून ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान तेजी से नीचे गिरा, लेकिन यात्रियों और अतिरिक्त पायलटों के हस्तक्षेप से इसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

तेल अवीव: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर 2026 को कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने विमान को गंभीर संकट में डाल दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, एक को-पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। इसी दौरान यात्री यानिव हायून समेत कई लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

कॉकपिट में क्या हुआ था?

फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी और उसमें 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कप्तान स्मित मच्छार और उनके को-पायलट के बीच कथित तौर पर हिंसक संघर्ष हुआ। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, को-पायलट ने कप्तान पर हमला किया और विमान के नियंत्रण में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। फ्लाईदुबई ने घटना को कॉकपिट में हुई ‘altercation’ बताया और कहा कि घटना के कारणों तथा मकसद की औपचारिक जांच की जा रही है।

कप्तान स्मित मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों को कॉकपिट में प्रवेश करने का मौका मिला। इसी दौरान यानिव हायून भी अंदर पहुंचे और उन्होंने कथित हमलावर को पकड़ने में मदद की।

विमान तेजी से नीचे गिरने लगा

घटना के दौरान विमान की ऊंचाई बेहद तेजी से कम हुई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई करीब 30 सेकंड में गंवाई। इस अचानक गिरावट से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका पैदा हो गई।

यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद विमान का नियंत्रण दोबारा संभाला गया। फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसने आपात स्थिति में सुरक्षित लैंडिंग की। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए इजराइल पहुंचाया गया।

कौन हैं यानिव हायून?

यानिव हायून इजराइल के नागरिक हैं और पेशे से प्लंबर हैं। वह फ्लाइट FZ1073 में यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे। कॉकपिट में संकट पैदा होने के बाद वह उन यात्रियों में शामिल थे जिन्होंने वहां पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

हायून ने बाद में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। रिपोर्टों के अनुसार, वह उस समय भी वही खून से सनी शर्ट पहने हुए थे, जो उन्होंने घटना के दौरान पहनी थी। नेतन्याहू ने उनसे मुलाकात की और संकट के दौरान उनकी भूमिका की सराहना की।

चोकहोल्ड में लेकर हमलावर को काबू किया

हायून के मुताबिक, जब वह कॉकपिट में पहुंचे तो उन्होंने एक पायलट को फर्श पर घायल हालत में देखा और दूसरे को नियंत्रण के पास पाया। उन्होंने कथित हमलावर को गर्दन से पकड़कर पीछे खींचा और उसे कंट्रोल पैनल से दूर करने में मदद की।

इसके बाद अन्य यात्रियों ने भी हस्तक्षेप किया। कुछ समय बाद विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने नियंत्रण संभाल लिया। रिपोर्टों के अनुसार, इन्हीं पायलटों ने विमान को स्थिर करने और तबुक एयरपोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

‘मेडे’ टीवी शो से मिली थी विमान की जानकारी

यानिव हायून ने नेतन्याहू से बातचीत में बताया कि उन्हें आपात स्थिति में विमान के नियंत्रण को लेकर कुछ बुनियादी जानकारी एक टीवी कार्यक्रम से मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह ‘Mayday’ नाम की विमान हादसों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज देखते रहे हैं।

हायून ने बताया कि जब विमान तेजी से नीचे जा रहा था और कॉकपिट में संघर्ष चल रहा था, तब उन्होंने विमान के नियंत्रण को पीछे की ओर खींचने की कोशिश की। उनका कहना था कि उन्होंने ऐसा कुछ वैसा ही किया जैसा उन्होंने टीवी कार्यक्रम में देखा था। इसके बाद दूसरे पायलटों ने नियंत्रण संभाल लिया।

हालांकि, विमान को सुरक्षित उतारने की पूरी प्रक्रिया का श्रेय केवल हायून को देना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, घायल कप्तान स्मित मच्छार, यात्रियों, क्रू और विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने अलग-अलग चरणों में विमान को बचाने में भूमिका निभाई।

नेतन्याहू ने गले लगाया, बताया ‘हीरो’

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हायून से मुलाकात की और उनके साहस की प्रशंसा की। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से साझा किए गए वीडियो में दोनों को बातचीत करते और गले मिलते देखा गया। नेतन्याहू ने हायून को ‘हीरो’ बताया और संकट के समय आगे आने के लिए उनकी सराहना की।

हालांकि, नेतन्याहू ने घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छार की भूमिका की भी विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला।

ट्रंप ने भी हायून की भूमिका का जिक्र किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी फ्लाईदुबई घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने नेतन्याहू से इस घटना को लेकर विस्तार से बातचीत की थी। ट्रंप ने कहा कि उन्हें बताया गया कि एक इजराइली प्लंबर ने विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान नियंत्रण संभालने में मदद की थी। उन्होंने इस घटना को बेहद असाधारण बताया।

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह घटना के बारे में जो विवरण बता रहे थे, वह उन्हें नेतन्याहू और अन्य लोगों से मिली जानकारी पर आधारित था और वह उसके हर हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर रहे थे। इसलिए हायून की भूमिका के बारे में सामने आए विवरणों को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

भारतीय कप्तान स्मित मच्छार भी बने चर्चा का केंद्र

इस घटना में घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के बाद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।

इजराइल के प्रधानमंत्री ने मच्छार को विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाला बताया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मच्छार के साहस की सराहना की। मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।

हमले की वजह अभी जांच के दायरे में

फ्लाईदुबई ने कहा है कि घटना के कारण और मकसद अभी स्पष्ट नहीं हैं तथा औपचारिक जांच जारी है। इजराइली अधिकारियों ने घटना को संभावित आतंकी हमले के तौर पर भी जांचा है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि आरोपी आतंकवादी था या उसकी कार्रवाई के पीछे कोई दूसरा कारण था।

घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर भी इजराइल ने अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है। फ्लाईदुबई ने जांच में सहयोग के लिए इजराइल से जुड़ी अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इस पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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